Sadhvi Prem Baisa की मौत बनी मिस्ट्री, मौत के कुछ ही घंटों में इंस्टाग्राम पर किए पोस्ट के क्या हैं मायने? जानें पूरा मामला
Sadhvi Prem Baisa: जोधपुर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक मौत से स्थानीय समुदाय में गहरी हलचल मच गई है. उनकी मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. साध्वी कई सालों तक एक जानी-मानी आध्यात्मिक गुरू थीं, लेकिन कहा जाता है कि उनके आखिरी दिन डिजिटल साजिश और धमकियों में बीते. आइए जानते हैं कि साध्वी प्रेम बाईसा कौन थीं, जिनकी मौत आज भी एक रहस्य बनी हुई है.
साध्वी प्रेम बाईसा कौन थीं?
साध्वी प्रेम बाईसा राजस्थान के जोधपुर में रहने वाली एक जानी-मानी धार्मिक कथावाचक और आध्यात्मिक गुरू थीं. सनातन धर्म पर अपने प्रवचनों, मधुर भजन गायन और प्रेरणादायक बातों के लिए उनका बहुत सम्मान किया जाता था. वे कई लोगों की मोटिवेशन थीं.
साध्वी प्रेम बाईसा का शुरुआती जीवन
साध्वी प्रेम बाईसा मूल रूप से बाड़मेर जिले के पारेऊ गांव की रहने वाली थीं. वे कम उम्र में ही साध्वी बन गईं थीं. बचपन में ही उनकी मां का निधन हो गया था, जिसके बाद उनके पिता ने उनका पालन-पोषण किया. वह संत समुदाय में एक सम्मानित व्यक्ति महंत वीरम नाथ की बेटी और शिष्या थीं.
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत लगभग 25 साल की उम्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुईं. वह जोधपुर के साधना कुटीर आश्रम में रहती थीं. उनकी मौत ने सभी को चौंका दिया और इस पर एक एसआईटी भी गठित हुई जो मामले की जांच कर रही है.
साध्वी प्रेम बाईसा MMS वीडियो
साध्वी प्रेम बाईसा का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें एक साधु के साथ आपत्तिजनक तौर पर दिखाया गया था. इस पर उन्होंने और साध्वी के शिष्यों ने दावा किया था कि वायरल MMS वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी. फिर भी इस वीडियो का इस्तेमाल कुछ अनजान लोगों ने कथित तौर पर 20 लाख की उगाही के लिए किया.
साध्वी प्रेम बाईसा के इंजेक्शन का रहस्य
जोधपुर आश्रम प्रशासन की जांच एसआईटी के द्वारा की जा रही है. क्योंकि, लोगों को जानलेवा इंजेक्शन दिए जाने की संभावना है. फोरेंसिक विशेषज्ञ, स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर यह पता लगाने के लिए जांच कर रहे हैं कि क्या उनके आखिरी पलों में किसी को ऐसे प्रतिबंधित मेडिकल ट्रीटमेंट दिए गए थे, जिन्हें इलाज के तौर पर छिपाया गया था. उनके पिता ने भी गलत इंजेक्शन का जिक्र किया है.पिता के अनुसार, इंजेक्शन लगने के 30 सेकंड में उनकी बेटी की हालत बिगड़ गई. अस्पताल पहुंचने से पहले ही साध्वी की मौत हो गई.
वीडियो इंस्टाग्राम पर क्यों डलवाई?
जानकारी के अनुसार, वीरम नाथ ने बताया कि अंतिम वक्त में प्रेम बाईसा ने उनसे कहा था कि गुरुजी, मुझे न्याय दिलाना. इसी उद्देश्य से उन्होंने घटना के करीब चार घंटे बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट डलवाई थी. ताकि, मामले को सामने लाया जा सके. 30 जनवरी को परेऊ गांव स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा को संत परंपरा के हिसाब से समाधि दी गई.
आरोपी ने लगाए कई इंजेक्शन
साध्वी की मौत 28 जनवरी, 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई. इसकी जांच फिलहाल जोधपुर पुलिस कर रही है. SIT की प्रमुख और एसीपी छवि शर्मा ने मामले पर जानकारी दी है. उनके अनुसार, यह मामला सिर्फ सामान्य इलाज तक सीमित नहीं है. टीम की इंवेस्टिगेशन में मुख्य आरोपी कंपाउंडर देवी सिंह ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए कहा कि उसने एक से ज्यादा इंजेक्शन लगाए थे. इस मामले पर पिता से भी पूछताछ होगी.
आने वाली है पोस्टमार्टम रिपोर्ट
इस पूरे संदिग्ध मामले को लेकर सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं. रिपोर्ट के आने में फिलहाल करीब 3 दिन का वक्त लग सकता है. इसके बाद ही मौत की वजह साफ हो पाएगी. हाई-प्रोफाइल मामला होने की वजह से पुलिस इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है. आश्रम का हर एक शख्स संदेह के घेरे में बना हुआ है.