RSS का शताब्दी उत्सव! सलमान-रणबीर से लेकर अक्षय-करण तक, जानें क्यों जुटे बॉलीवुड के दिग्गज!
मुंबई के नेहरू सेंटर में आयोजित RSS के शताब्दी समारोह ने हर तरफ सुर्खियां बटोर ली हैं. इस खास मौके पर राजनीति और समाज सेवा के साथ-साथ सिनेमा जगत का एक ऐसा संगम देखने को मिला, जिसकी कल्पना कम ही लोगों ने की थी. आखिर क्या रहा इस आयोजन का मुख्य आकर्षण? आइए जानते हैं.
RSS के 100 साल और मुंबई का खास आयोजन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने इस साल अपनी स्थापना के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाया. इस शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में मुंबई में दो दिनों का एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बॉलीवुड के कई बड़े सितारों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.
पहले दिन जुटे बॉलीवुड के दिग्गज
मुंबई में हुए इस कार्यक्रम के पहले दिन हिंदी सिनेमा के बड़े नाम नजर आए. इनमें सुपरस्टार सलमान खान और रणबीर कपूर शामिल थे. उनके अलावा फिल्म निर्माता मोहित सूरी, सुभाष घई, नितेश तिवारी, महावीर जैन, ओम राउत, विक्रम मल्होत्रा और मशहूर गीतकार प्रसून जोशी ने भी हिस्सा लिया.
दूसरे दिन की रौनक: अक्षय, विक्की और करण
उत्सव के दूसरे दिन भी सितारों का जमावड़ा लगा रहा. अभिनेता अक्षय कुमार, विक्की कौशल और अभिनेत्री अनन्या पांडे के साथ-साथ जाने-माने फिल्म निर्माता करण जौहर को भी कार्यक्रम में देखा गया. सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में ये सभी सितारे दर्शकों के बीच सादगी से बैठे नजर आए.
मनोरंजन जगत की अन्य हस्तियां
इन दो दिनों में रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी, जैकी श्रॉफ, रूपाली गांगुली और विनीत कुमार सिंह जैसे कलाकार भी शामिल हुए. साथ ही मधुर भंडारकर, महेश मांजरेकर, आनंद एल. राय, अमर कौशिक, अमित शर्मा, रमेश तौरानी और आनंद पंडित जैसे निर्देशकों ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई.
कार्यक्रम की रूपरेखा और मुख्य वक्ता
यह दो दिवसीय कार्यक्रम 7 फरवरी को शुरू हुआ और 8 फरवरी 2026 को मुंबई के नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ. इस आयोजन का मुख्य विषय था.'संघ की 100 वर्षों की यात्रा - नए क्षितिज' (100 Years of Sangh Journey - New Horizons). इसमें संघ के वरिष्ठ नेताओं और कई आमंत्रित वक्ताओं ने अपने विचार रखे.
घुसपैठ पर मोहन भागवत का कड़ा रुख
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने इस व्याख्यान श्रृंखला को संबोधित किया. उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि सरकार को घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने का काम करना होगा. उन्होंने कहा कि यह काम अब धीरे-धीरे शुरू हो चुका है और आने वाले समय में इसमें तेजी आएगी. जनगणना या SIR के जरिए ऐसे लोग खुद ही प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे जो भारत के नागरिक नहीं हैं.
नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
भागवत ने जनता से भी सतर्क रहने को कहा. उन्होंने सुझाव दिया कि हमें संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हम किसी विदेशी (घुसपैठिए) को रोजगार नहीं देंगे. अगर कोई हमारे देश का है, तो उसे काम देंगे, लेकिन विदेशियों को नहीं.' उन्होंने लोगों से अपनी जागरूकता बढ़ाने की अपील की.
संघ में समावेशिता और बराबरी
अंत में, संघ प्रमुख ने RSS की समावेशी विचारधारा पर बात की. उन्होंने साफ किया कि संघ में कोई भी व्यक्ति 'सरसंघचालक' (प्रमुख) बन सकता है, चाहे वह SC या ST समुदाय से ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि यह पद किसी जाति पर नहीं, बल्कि संगठन के लिए व्यक्ति द्वारा किए गए काम और मेहनत पर निर्भर करता है.