टॉक्सिन से लेकर रिसिन अटैक तक, सियासी दुश्मनों को मिटाने के अनोखे हथकंडे! इतिहास की सनसनीखेज राजनीतिक हत्याएं
Dangerous Poisonous Attack: बीते 14 फरवरी को पांच यूरोपीय देशों यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड्स ने रूसी नेता एलेक्सी नवलनी की मौत की पहेली को सुलझा दिया. उन्होंने कहा कि एलेक्सी नवलनी की हत्या एक खास तरह के जहर से की गई थी. जांच में उनके शरीर में एपिबैटिडाइन नाम का खतरनाक न्यूरोटॉक्सिन मिला, जो दक्षिण अमेरिका के जहरीले मेंढक से प्राप्त होता है. इस जानकारी के सामने आते ही राजनीतिक जगत में भूचाल आ गया है. इसने एक और संकेत दिया कि गोली-बारूद का प्रयोग किए बिना साइलेंट लेकिन खतरनाक जहर के जरिए दुश्मनों को खत्म किया जा सकता है. ऐसा ये पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई घटनाएं सामनाएं आ चुकी हैं, जिनमें बड़े सियासी व्यक्तियों को मार दिया गया या तो जान से मारने की कोशिश की गई. जानिए कैसे और किस चीज का इस्तेमाल किया गया था.
अलेक्जेंडर लिटविनेन्को
साल 2006 में पूर्व रूसी जासूस अलेक्जेंडर लिटविनेन्को लंदन के मिलेनियम होटल में अपने दो पूर्व सहयोगियों से मिले. मुलाकात के दौरान, उनकी हरी चाय में गुपचुप तरीके से पोलोनियम-210 मिला दिया गया, जो एक रेयर रेडियोएक्टिव पदार्थ है. बाद में तेजी से जहर फैलने के कारण उनकी मृत्यु हो गई. यह हत्या के आजमाया गया पहला ऐसा तरीका था.
किम जोंग-नाम
साल 2017 की इस घटना ने भी सभी को चौंका दिया था. उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के सौतेले भाई किम जोंग-नाम पर कुआलालंपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला हुआ. दो महिलाओं ने उनके पास आकर उनके चेहरे पर एक तरल पदार्थ लगाया. 20 मिनट के भीतर ही वे गिर पड़े और उनकी मृत्यु हो गई. यह पदार्थ वीएक्स नर्व एजेंट था, जो सबसे घातक रासायनिक हथियारों में से एक है. प्रत्येक महिला अपने साथ अलग-अलग कंपोनेंट लेकर आई थी, जो उनकी त्वचा पर मिलकर घातक हो गए.
विक्टर युशचेंको
साल 2004 में यूक्रेन के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान, उम्मीदवार विक्टर युशचेंको अचानक बीमार पड़ गए. उनका चेहरा बुरी तरह से जख्मी हो गया और उस पर फफोले पड़ गए. बाद में जांच से पता चला कि उन्हें टीसीडीडी डायोक्सिन की सामान्य मात्रा से 50,000 गुना अधिक मात्रा में जहर दिया गया था. हालांकि यह खुराक उन्हें जान से मारने के लिए थी, फिर भी वे बच गए.
खालिद मेशाल
साल 1997 में, इजरायली मोसाद एजेंटों ने जॉर्डन के अम्मान में हमास नेता खालिद मेशाल की हत्या का प्रयास किया गया. हमलावरों ने पट्टी के वेश में एक उपकरण का उपयोग करके उनके कान में फेंटानिल का संशोधित रूप छिड़का. यह ऑपरेशन तब विफल हो गया जब एजेंट पकड़े गए. जॉर्डन के राजा हुसैन ने एंटीडोट की मांग की और इजरायल को इसे उपलब्ध कराना पड़ा, जिससे अंततः मेशाल की जान बच गई.
एलेक्सी नवलनी
एलेक्सी नवलनी की हत्या 2024 में आर्कटिक की एक जेल कॉलोनी में हुई थी. क्रेमलिन ने बताया था कि नवलनी की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई थी. हालांकि, अब संयुक्त खुफिया निष्कर्षों में कहा गया है कि नवलनी की हत्या ही हुई थी, जिसमें खतरनाक जहरीले तत्व पाए गए हैं. बताया गया कि इस तरह के दुर्लभ जैविक एजेंट को केवल एक राज्य-स्तरीय कर्ता द्वारा ही तैयार और इस्तेमाल किया जा सकता था.
जॉर्जी मार्कोव
साल 1978 में, बल्गेरियाई लेखक जॉर्जी मार्कोव लंदन में वाटरलू ब्रिज के पास एक बस स्टॉप पर इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक उनकी जांघ में दर्द हुआ. पास में छाता लिए एक व्यक्ति ने तुरंत माफी मांगी और चला गया.
डॉक्टरों ने बताई असली वजह
ठीक तीन दिन बाद मार्कोव की मृत्यु हो गई. बाद में जांच में डॉक्टरों ने उनकी टांग में फंसी एक छोटी धातु की गोली पाई. इसमें अरंडी के बीजों से बना घातक जहर रिसिन था. गोली को विशेष रूप से सूक्ष्म छिद्रों से बनाया गया था, जिनमें विष भरा हुआ था और मोम से सील किया गया था जो शरीर के अंदर पिघल गया था.