Shoma Anand: सिल्वर स्क्रीन से छोटे पर्दे तक, डेब्यू से ब्रेक तक और फिर शानदार कमबैक
Shoma Anand Birthday: हिंदी सिनेमा में एक दौर था जब शोमा आनंद को परदे पर अक्सर नकारात्मक किरदारों के लिए जाना जाता था. तेज-तर्रार अभिनय और मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस की वजह से उन्होंने 70 और 80 के दशक में अपनी अलग पहचान बनाई. लेकिन समय के साथ पता भी नहीं चला. वे फिल्मों से लगभग गायब हो गईं. फिर आया एक ऐसा दौर, जब उन्होंने छोटे पर्दे पर जबरदस्त वापसी की और दर्शकों के दिलों में फिर से जगह बना ली.
शोमा आनंद का जन्म
16 फरवरी 1958 को शोमा आनंद का जन्म मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था. उन्होंने बतौर लीड एक्ट्रेस, सपोर्टिंग एक्ट्रेस, खलनायिका ढेरों सारी बॉलीवुड फिल्में कीं.
ऋषि कपूर के साथ अभिनय
1976 में प्रमोद चक्रवर्ती के डायरेक्शन में बनी फिल्म 'बारूद' में ऋषि कपूर के साथ उन्होंने अभिनय की शुरुआत की थी
शोमा आनंद की शादी
साल 1997 में शोमा आनंद ने तारिक शाह से शादी की, जिनसे उन्हें एक बेटी सारा शाह हैं
2010 से फिल्मों में काम बंद
साल 2010 के बाद से शोमा आनंद ने फिल्मों में काम करना बंद कर दिया था. साल 2021 में शोमा आनंद के पति का देहांत हो जाता है.
छोटे परदे पर दमदार वापसी
दूसरी पारी में उन्होंने छोटे परदे पर दमदार वापसी की है. उन्होंने टीवी सीरियल 'हम पांच' से शुरुआत की है. इसके बाद सीनेमा में दोबारा एंट्री की.
'क्या कूल हैं हम' और 'कल हो ना हो'
'हंगामा', 'क्या कूल हैं हम' और 'कल हो ना हो' जैसी बड़े बजट की फिल्मों में कॉमेडी कर शोमा ने सुर्खियां बटोरी
भावुक और नाराज दर्शक
शोमा आनंद के लीड रोल धीरे-धीरे कम होते गए और उन्हें सपोर्टिंग रोल मिलने लगे थे. उन्होंने नेगेटिव और मजबूत घरेलू किरदार निभाने का शुरू किए.
चालाक बहू और भाभी
'घर एक मंदिर', 'घर द्वार', 'स्वर्ग से सुंदर', 'बड़े घर की बेटी', और 'जैसी करनी वैसी भरनी' जैसी फिल्मों में उन्होंने जिद्दी, गुस्सैल, और चालाक बहू और भाभी के रोल निभाए.