गेंदबाजों को च्युइंगम की तरह चबाता था यह बल्लेबाज, बिना शादी के इस एक्ट्रेस ने दिया था खिलाड़ी की बेटी को जन्म?
क्रिकेट के महान खिलाड़ी सर विव रिचर्ड्स को बॉलीवुड एक्ट्रेस नीना गुप्ता से प्यार हुआ. दोनों के बारे में काफी चर्चाएं भी हुईं. लेकिन, नीना गुप्ता से उन्होंने शादी नहीं की वह बिना व्याही मां बन गईं. इस फोटो गैलरी में हम क्रिकेट के महान खिलाड़ी सर विव रिचर्ड्स और बॉलीवुड एक्ट्रेस नीना गुप्ता की लव स्टोरी पर नजर डालेंगे.
ऐसे शुरू हुआ रोमांस
1980 के दशक के आखिर में नीना गुप्ता और विवियन रिचर्ड्स के बीच रोमांस शुरू हुआ. वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम एक सीरीज के लिए इंडिया आई. इसमें विवियन रिचर्ड्स, जो अपनी चार्मिंग पर्सनैलिटी के लिए जाने जाते हैं, टीम को लीड कर रहे थे. उस समय रिचर्ड्स शादीशुदा थे, हालांकि अलग हो चुके थे और उनके दो बच्चे थे. मीडिया सोर्स के मुताबिक, नीना और विवियन की मुलाकात मुंबई में एक पार्टी में हुई थी. दोनों में ज्यादा कुछ कॉमन न होने के बावजूद दोनों के बीच एक जबरदस्त केमिस्ट्री थी.
नीना गुप्ता प्रेगनेंसी
नीना गुप्ता को जल्द ही पता चला कि वह बच्चे की मां बनने वाली हैं. लेकिन, विवियन रिचर्ड्स से शादी करना कभी भी एक ऑप्शन नहीं था. उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया. जिसका नाम मसाबा है.
मानसिक तौर पर परेशान
उस वक्त बिना शादी के मां बनना कोई छोटी बात नहीं थी. कई सवाल जेहन में थे और समाज का प्रेशर भी नीना ने झेला. विवियन रिचर्ड्स के बच्चे की वे मां बनी और इस बात ने उन्हें मानसिक रूप से विचलित कर दिया था.
विवयन रिचर्ड्स की बेटी मसाबा
नीना गुप्ता एक पुराने ख्यालों वाले घर में पली-बढ़ीं, जहां शादी के बिना बच्चा पैदा करना टैबू माना जाता था. आज भी कई सेलिब्रिटी बिना शादी के बच्चा पैदा करने से हिचकिचाते हैं क्योंकि उन्हें लोगों की नज़रों का सामना करना पड़ता है. नीना ने हिम्मत से अपनी प्रेग्नेंसी जारी रखी और नियमों को तोड़ते हुए अपनी बेटी मसाबा गुप्ता को जन्म दिया.
मसाबा ने क्या कहा?
2017 के एक इंटरव्यू में अपने पापा सर विवियन रिचर्ड्स के बारे में बात करते हुए मसाबा ने कहा कि मैं अपने माता-पिता दोनों की बहुत इज़्ज़त और प्यार करती हूं. वे दोनों अपनी तरह के लोग हैं, सफल हैं और फिर भी भीड़ के साथ नहीं चलते. जब मैं 8 साल की थी और 14 साल की हुई, तब से मुझे अपने पापा के साथ बिताई छुट्टियां याद हैं. वे तब कमेंट्री में बहुत एक्टिव थे, दुनिया घूमते थे और वे अक्सर इंडिया आते थे. मैं कभी उनके साथ नहीं रही लेकिन मैं और मम्मी उनके साथ छुट्टियों पर जाते थे.
सचिन उन्हें अपना आइडियल मानते हैं
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपनी बेखौफ बैटिंग के लिए मशहूर रिचर्ड्स को अपना आइडल मानते हैं. 1980 के दशक में जब यह महान बैट्समैन च्यूइंग गम चबाते हुए और बिना हेलमेट के क्रीज पर आता था, तो बॉलर भी उसे बॉलिंग करने से डरते थे. पूरी दुनिया इस कैरेबियाई बैट्समैन की बैटिंग की मुरीद थी, जो बॉलर्स की रिदम बिगाड़ने में माहिर था.
यहां जन्मे थे रिचर्ड
विवियन रिचर्ड्स का जन्म 1952 में सेंट जॉन्स, एंटीगुआ में हुआ था. इस दाएं हाथ के बैट्समैन ने 300 से ज़्यादा इंटरनेशनल मैच खेले. रिचर्ड्स एंटीगुआ के लिए सिर्फ़ 1974 FIFA वर्ल्ड कप क्वालिफायर में खेले थे. 1980 और 1990 के दशक में जब वर्ल्ड क्रिकेट में बॉलर्स का दबदबा था, रिचर्ड्स ने अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने 1974 से 1991 तक अपनी अग्रेसिव बैटिंग से सबका ध्यान खींचा.
मसाबा गुप्ता
मसाबा को अपने लुक्स, कल्चरल विरासत और इस बात को अपनाने में सालों लग गए कि वह शादी के बिना पैदा हुई थीं. फिर भी खुद को स्वीकार करने और प्यार पाने का उनका रास्ता सच में प्रेरणा देने वाला रहा है.
डिस्क्लेमर
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