सुप्रीम कोर्ट की फटकार, आवारा कुत्तों के मुद्दे पर राज्यों के दावों की खुली पोल!
Supreme Court Hearing On Stray Dogs: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर राज्य सरकारों के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई है. जहां, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हलफनामों में दिए गए आंकड़े और दावे धरातल से कोसों दूर हैं. तो वहीं, बुधवार की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इसे केवल ‘आंखों में धूल झोंकने’ (Eye Wash) की कवायद करार दिया है.
राज्यों के 'फर्जी' आंकड़ों पर कोर्ट का गुस्सा
झारखंड सरकार ने यह दावा करते हुए कहा कि उन्होंने 1.89 लाख कुत्तों की नसबंदी की, जिनमें से 1.6 लाख सिर्फ दो महीनों में दिखाई गई. तो वहीं, कोर्ट ने इसे पूरी तरह 'मनगढ़ंत' बताया है. साथ ही जजों ने सवाल करते हुए कहा कि एक दिन में सीमित संसाधनों के साथ इतनी बड़ी संख्या में कुत्तों को पकड़ना और उनकी सर्जरी करना व्यावहारिक रूप से मुमकिन ही नहीं हो सकता है.
असम में डॉग बाइट के डरावने आंकड़े
इसके अलावा असम एकमात्र ऐसा प्रदेश था जिसने डेटा पेश किया, लेकिन वह बेहद चिंताजनक था. लेकिन, साल 2024 में 1.66 लाख और केवल जनवरी 2025 में 20 हजार 900 कुत्तों के काटने के मामले सामने आए थे. तो वहीं, कोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताते हुए कहा कि राज्य के पास 318 स्टेडियम तो हैं, लेकिन कुत्तों के प्रबंधन के लिए न तो पर्याप्त सेंटर हैं और न ही जरूरी मैनपावर है.
संस्थानों (स्कूल-अस्पताल) की सुरक्षा पर जोर
इस मामले में एमीकस क्यूरी ने जानकारी देते हुए बताया कि कर्नाटक जैसे राज्यों ने संस्थानों के अदंर कुत्तों की पहचान तो की है, लेकिन उन्हें हटाया नहीं गया है. कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए हर शैक्षणिक संस्थान की बाउंड्री वॉल होना पूरी तरह से अनिवार्य है. अस्पतालों और स्कूलों से कुत्तों को हटाना राज्यों की प्राथमिकता होनी चाहिए, जिसमें फिलहाल भारी लापरवाही देखने को मिल रही है.
पर्यटन पर बुरा असर (गोवा और केरल)
तो वहीं, दूसरी तरफ गोवा और केरल के समुद्र तटों (Beaches) पर आवारा कुत्तों की भारी मौजूदगी पर ज्यादा चिंता जताई गई है. जहां, जजों ने खुद अनुभव किया कि ये कुत्ते पर्यटकों के लिए लगातार खतरा बनते जा रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन भी पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव देते हुए कहा कि एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के बजाय बस एक सुरक्षित जगह और शेल्टर की इन्हें सबसे ज्यादा जरूरत है.
हाईवे पर आवारा मवेशियों का खतरा
कोर्ट ने सिर्फ कुत्तों तक सीमित न रहकर हाईवे पर घूमने वाले मवेशियों का मुद्दा भी उठाया गया है. NHAI और राज्यों को मिलकर उन 'हॉटस्पॉट्स' की पहचान करने का निर्देश दिया गया है जहां मवेशी (Cattle) सबसे ज्यादा पाए जाते हैं. आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में फेंसिंग का काम शुरू हुआ है, लेकिन नसबंदी केंद्रों की वास्तविक क्षमता का ऑडिट होना अभी पूरी तरह से बाकी है.
सिस्टम को सुधारने की सख्त चेतावनी
बेंच ने वकीलों और राज्य सरकारों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि 'हवा में महल बनाना' बंद करें. गुजरात द्वारा 60-75 करोड़ का बजट आवंटित करने के बावजूद कोर्ट संतुष्ट नहीं था, क्योंकि डॉग पाउंड्स की ठोस जानकारी गायब थी. लेकिन, कोर्ट अब इस मामले में राज्यों के खिलाफ सख्त आदेश पारित करने की तैयारी में जुटा हुआ है.