नंदीग्राम से मिली पहचान, विधायक-सांसद के बाद बने नेता प्रतिपक्ष, क्या दीदी को हराकर बन पाएंगे सीएम?
Suvendu Adhikari Profile: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भवानीपुर विधानसभा सीट एक हाईप्रोफाइल सीट हो गया है. क्योंकि इसी सीट से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं. और इसके सामने बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी को अपना उम्मीदवार बनाया है. ऐसे में आइए सुवेंदु अधिकारी के बारे में जानते हैं.
कौन हैं सुवेंदु अधिकारी?
सुवेंदु अधिकारी एक भारतीय राजनेता हैं. वे 17वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं. इसके अलावा, नंदीग्राम से विधायक के रूप में यह उनका दूसरा कार्यकाल है. इससे पहले वे पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं और लोकसभा में दो बार सांसद के रूप में तामलुक का प्रतिनिधित्व भी किया है.
सुवेंदु अधिकारी की नेटवर्थ
2021 के चुनावी दस्तावेजों के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी की कुल संपत्ति लगभग ₹1,05,52,749 (जो ₹1 करोड़ से अधिक है) घोषित की गई है. इस आंकड़े में चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं.
कितना पढ़े लिखे हैं सुवेंदु अधिकारी?
2021 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी के पास स्नातकोत्तर (Postgraduate) की डिग्री है. उन्होंने 2011 में रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से एम.ए. की डिग्री हासिल की है.
नंदीग्राम आंदोलन में सबसे आगे थे सुवेंदु
नंदीग्राम आंदोलन में सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे थे. उस समय जब यह अफ़वाह फैली थी कि एक केमिकल हब के लिए ज़मीन पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा किया जा सकता है, तब उन्होंने भूमि उच्छेद प्रतिरोध समिति के बैनर तले स्थानीय लोगों को एकजुट किया था.
सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ एक मामला दर्ज
चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है, जो वर्तमान में अदालत में लंबित है. हालांकि अब तक उन्हें किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है.
सुवेंदु अधिकारी के बैंक में कितनी राशि है?
सुवेंदु अधिकारी की चल संपत्तियों में बैंक जमा, नकदी और विभिन्न अन्य वित्तीय निवेश शामिल हैं. हलफनामे के अनुसार, उनकी घोषित संपत्तियों में लगभग ₹5,000 नकद, साथ ही बैंक खातों में जमा धनराशि और कई अन्य वित्तीय साधन शामिल हैं.
सुवेंदु अधिकारी के पास कितनी जमीन है?
सुवेंदु अधिकारी के पास कृषि भूमि और जमीन से संबंधित अन्य संपत्तियां भी हैं. दस्तावेजों में कृषि और गैर-कृषि दोनों तरह की भूमि जोतों का विवरण दिया गया है, जिनका कुल मूल्य लाखों रुपये में होने का अनुमान है.
नंदीग्राम से मिली पहचान
सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक करियर की बात करें तो नंदीग्राम क्षेत्र को उनका मुख्य राजनीतिक आधार माना जाता है. वह अक्सर खुद को नंदीग्राम का बेटा कहते हैं. इस क्षेत्र पर उनकी राजनीतिक पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है.