Tech-Auto News: मारुति सुजुकी एर्टिगा बनाम महिंद्रा ज़ाइलो, फैमिली एमवीपी में दोनों के बीच कांटे की टक्कर
Maruti Suzuki Ertiga Vs Mahindra Xylo: मारुति एर्टिगा वीएक्सआई सीएनजी आज की जरूरतों के हिसाब से ‘वैल्यू फॉर मनी’ का सटीक उदाहरण पेश करता है. दरअसल, इसमें मिलने वाला ‘स्मार्ट हाइब्रिड’ इंजन और सीएनजी किट का तालमेल इसे चलाने का खर्च पूरी तरह से कम कर देता है. इतना ही नहीं, महिंद्रा ज़ाइलो को इसके ‘थिएटर सीटिंग’ और बेहतरीन लेगरूम के लिए भी सबसे ज्यादा याद किया जाता है, जो लंबी यात्राओं में यात्रियों को थकान महसूस नहीं होने देता है.
ईंधन दक्षता
मारुति एर्टिगा वीएक्सआई सीएनजी लगभग 26.11 किमी/किग्रा का शानदार माइलेज देती है, जो ज़ाइलो के 14 किमी/लीटर के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर भी है.
राइड क्वालिटी
तो वहीं, महिंद्रा ज़ाइलो का 'बॉडी-ऑन-फ्रेम' निर्माण इसे खराब से खराब रास्तों के लिए ज्यादा मजबूत बनाता है, जबकि एर्टिगा का 'मोनोकोक' ढांचा कार जैसी आरामदायक राइड देने का काम करता है.
केबिन स्पेस
इसके अलावा ज़ाइलो में तीसरी पंक्ति के यात्रियों के लिए भी पर्याप्त लेगरूम और हेडरूम मिलता है, जो एर्टिगा की तुलना में काफी विशाल महसूस कराता है.
सुरक्षा मानक
एर्टिगा वीएक्सआई सीएनजी में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जैसे एबीएस, ईबीडी और एयरबैग्स स्टैंडर्ड मिलते हैं, जो पुराने ज़ाइलो मॉडल्स में सीमित होते हैं.
शहरी ड्राइविंग
शहर की भीड़भाड़ और तंग गलियों में एर्टिगा का छोटा 'टर्निंग रेडियस' इसे ज़ाइलो के मुकाबले चलाना बहुत ज्यादा ही आसान बना देता है.
रखरखाव और सर्विस
हांलाकि, मारुति का विशाल सर्विस नेटवर्क और स्पेयर पार्ट्स की आसान उपलब्धता इसे लंबे समय तक बनाए रखने के लिए एक सुरक्षित विकल्प बनाने का भी काम करती है.
रीसेल और बजट
ज़ाइलो आज सिर्फ 'सेकेंड हैंड' मार्केट में कम कीमत पर उपलब्ध है, जो इसे बजट खरीदारों के लिए एक किफायती 7-8 सीटर विकल्प बनाने में बेहद ही मददगार साबित हो रही है.