50 अंडे, 2 किलो चिकन, 1 दिन में इतना खाना चट कर जाते हैं ग्रेट खली; गंभीर बीमारी से भी जूझ रहे
पूर्व WWE वर्ल्ड हेवीवेट चैंपियन द ग्रेट खली (The Great Khali) अपने शानदार कद-काठी और ताकत के कारण पूरी दुनिया में पहचाने जाते हैं. कई लोगों को ऐसा लगता होगा कि खली ने इतनी ताकत अपने डाइट के जरिए हासिल की है. लेकिन ऐसा नहीं है. इसमें डाइट का योगदान जरूर है लेकिन सबसे अधिक योगदान एक्रोमीगेली बीमारी का है. जो हार्मोनल ग्रोथ का कारण बनता है.
द ग्रेट खली की बीमारी
एक्रोमेगाली एक गंभीर हार्मोनल बीमारी है जिसमें शरीर में जरूरत से ज्यादा ग्रोथ हार्मोन बनने लगता है और अगर किसी इंसान में ये होता है तो उसकी हाइट बहुत अधिक बढ़ जाती है और वजन भी ज्यादा हो जाता है. यही वजह है कि ग्रेट खली 7 फीट से भी अधिक लंबे हैं और उनका वजन भी 100 किलो से ज्यादा का है.
द ग्रेट खली का डाइट
हालांकि, खली इसके बावजूद अपनी डाइट पर भी खूब ध्यान देते हैं. दलीप सिंह राणा यानी ग्रेट खली रोजाना करीब 50 अंडे, लगभग 2 किलो चिकन और भारी मात्रा में दूध लिया करते हैं. इतनी अधिक प्रोटीन और कैलोरी वाली डाइट उनके विशाल शरीर, कड़े ट्रेनिंग सेशन के लिए जरूरी है.
खली जंक फूड नहीं खाते हैं
खली को दाल और फ्रूट्स खाना भी पसंद है लेकिन जंक फूड को वह ज्यादातर अनदेखा करते हैं. अंडे और चिकन उनकी रोजमर्रा की खुराक का मुख्य हिस्सा थे, जो मसल्स बनाए रखने और रिकवरी में मदद करते थे.
द ग्रेट खली को सादा खाना पसंद
आज के कई एथलीट सप्लीमेंट्स और जटिल न्यूट्रिशन प्लान पर निर्भर रहते हैं, वहीं खली की डाइट ज़्यादातर पारंपरिक और सादे खाने पर आधारित थी. प्रोफेशनल रेसलिंग से दूरी बनाने के बाद भी खली पूरी तरह सक्रिय रहे.
खली चलाते हैं CWE
उन्होंने भारत में कॉन्टिनेंटल रेसलिंग एंटरटेनमेंट (CWE) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य नए रेसलर्स को ट्रेनिंग देना है. इसके अलावा वे फिल्मों और टीवी में भी नजर आ चुके हैं.
खली का संघर्ष
द ग्रेट खली की कहानी सिर्फ ताकत और कद की नहीं है, बल्कि संघर्ष भी है. उनकी ज़िंदगी एक्रोमेगली जैसी बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाती है और यह दिखाती है कि बड़े दिखने वाले सितारों के पीछे कितनी बड़ी शारीरिक और मानसिक चुनौतियां छिपी होती हैं.