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पति की सैलरी पर सुप्रीम कोर्ट की सीधी नजर! हर महीने पत्नी के खाते में 25,000 रुपये

एक अहम आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह कर्मचारी की सैलरी से हर महीने ₹25,000 काटकर उसकी पत्नी के अकाउंट में ट्रांसफर करे. जानें कोर्ट ने यह आदेश क्यों दिया और पूरी कहानी.

Last Updated: March 6, 2026 | 3:59 PM IST
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Maintenance Order

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक कंपनी को आदेश दिया कि वह पति की सैलरी से हर महीने ₹25,000 काटकर उसकी पत्नी को मेंटेनेंस के तौर पर ट्रांसफर करे.

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Failed Support

यह आदेश तब आया जब पति अपनी पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी को फाइनेंशियल मदद देने के कोर्ट के पहले के आदेश का पालन करने में नाकाम रहा.

Court Bench - Photo Gallery
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Court Bench

इस मामले की सुनवाई जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने की.

Legal Right

कोर्ट ने कहा कि मेंटेनेंस एक कानूनी अधिकार है कोई चैरिटी नहीं, और यह पक्का करता है कि पत्नी और बच्चा इज्ज़त से जिंदगी जिएं.

Pending Dues - Photo Gallery
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Pending Dues

सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने पति से पेंडिंग मेंटेनेंस के तौर पर ₹2.5 लाख जमा करने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया.

Salary Deduction - Photo Gallery
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Salary Deduction

इस मनाही के बाद, कोर्ट ने एम्प्लॉयर को निर्देश दिया कि वह सीधे उसकी सैलरी से मेंटेनेंस काट ले.

RTGS Transfer - Photo Gallery
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RTGS Transfer

काटी गई रकम हर महीने RTGS के जरिए पत्नी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जानी चाहिए.

Legal Precedent

कानूनी जानकारों का कहना है कि यह फैसला एक अहम मिसाल कायम कर सकता है जिससे कोर्ट सीधे सैलरी काटने का आदेश दे सकें, अगर पति मेंटेनेंस देने से बचता है.

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