लड़ाई-झगड़ा तो छोड़िए… आपकी 5 गंदी आदतों से भी रिश्तों में आ सकती दूरियां, जल्द संभलने में ही भलाई
Healthy Relationship: रिश्ते बनाना और उसको निभाना दोनों एक अच्छे रिलेशनशिप के अहम पहलू हैं. लेकिन ये इतना आसान काम नहीं होता है. क्योंकि, रिश्ते बनाने में जितनी कठिनाई नहीं आती है, उससे अधिक परेशानी रिश्तों को निभाने में आती है. फिर चाहें वो पत्नी-पत्नी का रिश्ता हो, पारिवारिक रिश्ता हो या फिर प्रेमी-प्रेमिका का हो. इसीलिए कहा जाता है कि, रिश्ता दो दिलों, भावनाओं और भरोसे का एक ऐसा संगम है, जो सम्मान, प्यार और ईमानदारी की नींव पर टिकता है. अगर दोनों में अगर कहीं कोई परेशानी आती है तो रिश्तों में कमजोरी आ सकती है. आमतौर पर हमें लगता है कि कोई बड़ी लड़ाई या बेवफाई ही रिश्ते को खत्म करती है, लेकिन असल में हमारी ही छोटी-छोटी नकारात्मक आदतें भी रिश्ते को तहस-नहस कर सकती हैं. ये गंदी आदतें पार्टनर को भावनात्मक रूप से दूर धकेलने का काम कर सकती हैं. इसलिए अगर आप में भी ऐसी आदतें हैं, तो रिश्ते को बचाए रखने के लिए इनमें सुधार जरूरी है. आइए जानते हैं रिश्तों को खराब करने वाली आदतों के बारे में-
टोका-टाकी और आलोचना
कंस्ट्रक्टिव फीडबैक और लगातार क्रिटिसिज्म के बीच एक बहुत बारीक रेखा होती है. अगर आप अपने पार्टनर के उठने-बैठने, कपड़े पहनने या काम करने के तरीके में हमेशा कमियां निकालते रहते हैं, तो वे आपके सामने असहज महसूस करने लगेंगे. इससे पार्टनर को लगने लगता है कि वह आपके लिए काफी नहीं हैं. इससे उनका आत्मविश्वास कम होता है और वे आपसे बातें शेयर करना बंद कर देते हैं.
पार्टनर को नजरअंदाज
नाराजगी जाहिर करने का यह सबसे टॉक्सिक तरीका है. बहस होने पर बात करने के बजाय पूरी तरह चुप हो जाना या पार्टनर को नजरअंदाज करना इमोशनल टॉर्चर जैसा है. खुलकर बात करना किसी भी रिश्ते की ऑक्सीजन है. जब आप साइलेंट ट्रीटमेंट देते हैं, तो पार्टनर असुरक्षित महसूस करता है और दूरियां कम होने के बजाय दीवारें खड़ी हो जाती हैं.
दूसरों से पार्टनर की तुलना
अपने दोस्तों या उनके पार्टनर से अपने पार्टनर की तुलना करना उनके दिल पर गहरे घाव करती हैं. हर इंसान की अपनी खूबियां और कमियां होती हैं. तुलना करने से पार्टनर को महसूस होता है कि आप उन्हें वैसा स्वीकार नहीं कर रहे जैसे वे हैं. इससे उनके मन में आपके लिए गुस्सा पैदा होता है.
प्राइवेसी की अनदेखी करना
प्यार का मतलब यह नहीं है कि पार्टनर का हर पल और हर पासवर्ड आपका हो. उनके फोन की जासूसी करना, उनके दोस्तों से मिलने पर सवाल उठाना या उन्हें मी-टाइम न देना रिश्ते में घुटन पैदा करता है. जब किसी व्यक्ति को अपनी आजादी छिनती हुई महसूस होती है, तो वह उस रिश्ते से बाहर निकलने के रास्ते तलाशने लगता है. भरोसा ही रिश्ते की नींव है; अगर वह नहीं है, तो रिश्ता टिकना मुश्किल है.
गलतियों को बार-बार दोहराना
पुरानी बातों को ढाल बनाकर आज की लड़ाई में इस्तेमाल करना एक बहुत ही बुरी आदत है. अगर आपने किसी बात के लिए पार्टनर को माफ कर दिया है, तो उसे हर झगड़े में वापस लाना विश्वास को खत्म करता है. इससे पार्टनर को महसूस होता है कि आप उन्हें बदलने का मौका नहीं दे रहे हैं और आप अभी भी पुरानी कड़वाहट को पकड़े हुए हैं.