Top Mutual Fund: मार्केट की गिरावट से न डरें! अप्रैल 2026 के लिए ये 4 म्यूचुअल फंड्स हैं एक्सपर्ट्स की पहली पसंद
Top Mutual Fund For April: बाजार के उतार-चढ़ाव ने इस समय हर निवेशक को थोड़ा बेचैन कर दिया ह. जब सेंसेक्स-निफ्टी लगातार गिर रहे हों, तो समझ नहीं आता कि पैसा कहां सुरक्षित रहेगा. ऐसे में आइए जानते हैं वो चुनिंदा फंड्स, जो इस गिरावट में आने वाले महीने में भी आपके पोर्टफोलियो को मजबूती दे सकते हैं.
बाजार की वर्तमान स्थिति
शेयर बाजार में इस महीने भारी बिकवाली का माहौल रहा. प्रमुख इंडेक्स BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी-50 लगातार लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है.
म्यूचुअल फंड पर बाजार का असर
चूंकि म्यूचुअल फंड का सीधा संबंध शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से होता है, इसलिए मार्केट में चल रही इस गिरावट का असर निवेशकों के पोर्टफोलियो पर साफ देखा जा सकता है.
एक्सपर्ट की राय
बाजार की इस स्थिति को देखते हुए माव्या मेट्रिक एसेट सर्विसेज LLP के मैनेजिंग पार्टनर अनिरुद्ध गुप्ता ने सुरक्षित निवेश के लिए कुछ खास फंड्स के सुझाव दिए हैं, जो अप्रैल महीने के लिए उपयुक्त हो सकते हैं.
निवेश के लिए चुनिंदा फंड्स
फंड का नाम,रिटर्न,एक्सपेंस रेश्यो,एनएवी (NAV)
HDFC लो ड्यूरेशन फंड,7.52%,0.46%,65.40 रुपये
कोटक लो ड्यूरेशन फंड,7.55%,0.42%,3807.75 रुपये
कोटक आर्बिट्रेज फंड,6.82%,0.38%,41.84 रुपये
आदित्य बिड़ला SL निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स,51.27%,0.33%,12.21 रुपये
शॉर्ट टर्म निवेश के विकल्प
विशेषज्ञों के अनुसार, HDFC लो ड्यूरेशन और कोटक लो ड्यूरेशन फंड शॉर्ट टर्म निवेश के लिए बेहतरीन विकल्प हैं. इनमें 6 महीने से 1 साल तक की अवधि के लिए पैसा लगाना फायदेमंद हो सकता है.
ऐतिहासिक रिटर्न
लो ड्यूरेशन फंड्स के पिछले प्रदर्शन को देखें तो 1 और 3 साल का रिटर्न काफी स्थिर रहा है, लेकिन 5 साल की लंबी अवधि में इनके रिटर्न में थोड़ी कमी दर्ज की गई है.
रिटर्न तुलना टेबल
फंड का नाम,1 साल का रिटर्न,3 साल का रिटर्न,5 साल का रिटर्न
HDFC लो ड्यूरेशन फंड,7.52%,7.81%,6.63%
कोटक लो ड्यूरेशन फंड,7.55%,7.78%,6.63%
कोटक आर्बिट्रेज फंड,6.82%,7.82%,6.78%
डिस्क्लेमर
म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले स्कीम के सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। यहाँ दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक है, इसे निवेश की व्यक्तिगत सलाह या गारंटी न मानें.