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Travel In War Zone: युध्द क्षेत्र में फंसे मुसाफिर इस तरह करें सर्वाइव, न हो परेशान, अपनाएं ये तरीका

Travel In War Zone: साल 2026 की शुरुआत दुनिया के लिए तनाव और संघर्षों के बीच हुई. फरवरी आते-आते अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते टकरावों ने स्थिति को और भी ज़्यादा बिगाड़ दिया था. इसका असर सिर्फ़ सीमाओं तक ही सीमित नहीं रहा. हवाई यात्रा भी बुरी तरह से प्रभावित हुई. हज़ारों लोग हवाई अड्डों पर फँसे रह गए और यात्रा करना एक बड़ी चुनौती बन गया. ऐसी परिस्थितियों में किसी भी युद्ध क्षेत्र में यात्रा करना बेहद खतरनाक माना जाता है और सरकारें इसके खिलाफ़ सख़्त सलाह देती हैं. ऐसी कंडीशन में किस तरह सर्वाइव करें, इसकी जानकारी यहां दी गई है.

Last Updated: March 28, 2026 | 10:52 AM IST
Getting stuck in a war zone means pure tension - Photo Gallery
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युध्द एरिया में फंसना मतलब टेंशन

ईरान, अमेरिका और इजरायल के युद्ध के बीच आम लोगों को तो परेशानी उठानी ही पड़ रही है. साथ ही उन लोगों को भी दिक्कत हुई जो इस दौरान अपनी यादगार ट्रिप पर इन देशों और अरब कंट्री में गए हुए थे. ईरान ने अरब के कई शहरों को निशाना बनाया जिससे वहां के टूरिस्ट पर बुरा प्रभाव पड़ा.

What precautions are necessary - Photo Gallery
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कौन सी सावधानियां जरूरी हैं?

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों को ऐसे समय में पूरी तरह से सतर्क रहना चाहिए और हर कदम बेहद सावधानी से उठाना चाहिए. यदि परिस्थितियाँ आपको किसी युद्ध क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए मजबूर करती हैं, तो कुछ ज़रूरी बातों को ध्यान में रखना बेहद अहम हो जाता है.

Stay Connected with the Embassy - Photo Gallery
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दूतावास से रहें कनेक्ट

पहला और सबसे जरूरी नियम है कि सरकारी यात्रा सलाहों का सख़्ती से पालन किया जाए. विदेश मंत्रालय और दूतावास समय-समय पर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी और अलर्ट जारी करते रहते हैं. इसलिए, अपडेटेड रहना और यदि जरूरी हो तो अपने दूतावास में पंजीकरण करवाना बहुत ज़रूरी है, ताकि किसी आपात स्थिति में सहायता प्रदान की जा सके.

Conceal Identity - Photo Gallery
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पहचान को छुपाएं

दूसरा अहम बिंदु है कि आप अपनी पहचान ज़्यादा ज़ाहिर न करें. युद्ध क्षेत्र में अपनी ओर बहुत ज़्यादा ध्यान खींचना खतरे को न्योता देना हो सकता है. विदेशी नागरिक अक्सर आसान निशाना बन जाते हैं, इसलिए किसी को भी अपनी पहचान या राष्ट्रीयता खुले तौर पर ज़ाहिर करने से बचना चाहिए. द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट यह भी बताती है कि ऐसी स्थितियों में राजनीतिक चर्चाओं से दूर रहना ही सबसे अच्छा होता है क्योंकि ऐसा करने से तनाव और भी बढ़ सकता है.

Understanding the risks is of utmost importance - Photo Gallery
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जोखिमों को समझना सबसे जरूरी है

तीसरा, जमीनी स्तर पर मौजूद खास खतरों को समझना बेहद जरूरी है. कई बार इलाके शांत लग सकते हैं लेकिन उनमें बारूदी सुरंगें या न फटे हुए बम छिपे हो सकते हैं. इसलिए, अनजान रास्तों से बचें, सुरक्षा बलों का सामना होने पर शांत रहें और अचानक कोई हरकत न करें.

A Plan Always Ready - Photo Gallery
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एक प्लान हमेशा तैयार

इसके अलावा हमेशा एक आपातकालीन योजना तैयार रखें. युद्ध क्षेत्र में हालात पल भर में बदल सकते हैं. हवाई अड्डे बंद हो सकते हैं और उड़ानें रद्द हो सकती हैं. इस कंडीशन में धैर्य बनाएं रखें.

Identifying Safe Havens - Photo Gallery
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सुरक्षित ठिकानों की पहचान करना

इस अनिश्चितता को देखते हुए पहले से ही संभावित सुरक्षित ठिकानों की पहचान कर लें. पानी, भोजन और प्राथमिक उपचार किट जैसी ज़रूरी चीजें अपने साथ रखें और अपना मोबाइल फोन पूरी तरह से चार्ज रखना न भूलें. सबसे ज़रूरी बात, अपनी सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दें. बिना वजह बाहर निकलने से बचें और खुले इलाकों से दूर रहें.

Keep yourself alert and calm - Photo Gallery
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अपने आप को सतर्क और शांत रखें

ज़रूरत पड़ने पर किसी सुरक्षित जगह पर शरण लें. युद्ध क्षेत्र से होकर यात्रा करना अपने आप में जोखिम भरा होता है और इससे बचना ही सबसे अच्छा है. हालांकि, यदि आप कभी ऐसी स्थिति में फंस जाते हैं, तो सतर्कता, सटीक जानकारी और तत्परता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा साबित हो सकती है.

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