फिल्मों की शूटिंग के लिए बनाए गए अनोखे सेट, आखिरी वाले के लिए तो बसा दिया गया था नया शहर, देखें Photos
बॉलीवुड में कई फ़िल्में ऐसी बनी हैं जो अपने अनोखे फिल्म के सेट की वजह से खूब चर्चा में रही थीं. फिल्म निर्देशकों ने वास्तविक अंदाज देने के लिए बेहतरीन क्रिएटिविटी दिखाई, जिसने लोगों को सरप्राइज कर दिया. इनमें कुछ बेहद भव्य और शानदार फिल्मों के सेट हैं, तो किसी में एक अलग सभ्यता ही दिखा दी गयी. फिल्म के कथानक के अनुसार माहौल तैयार करने में इन निर्देशकों ने पूरी जान लगा दी थी.
जोधा अकबर
जोधा अकबर का सेट भी करजत में तैयार किया गया था. मुगल काल के शानदार दौर को उतारने के लिए विशाल किले और महल जैसा सेट बनाया गया. आलीशान दीवारें, फव्वारे वाले बगीचे, बड़े‑बड़े हॉल और सजावटी कमरों ने दर्शकों को सीधे अकबर के दरबार में पहुंचा दिया था. सेट पर बहुत छोटी‑छोटी चीजों की भी सूक्ष्म डिटेल में दिखाया गया था, जिससे फिल्म की ऐतिहासिक फीलिंग और भव्यता दोनों बनी रहीं.
गैंग्स ऑफ वासेपुर
गैंग्स ऑफ वासेपुर में भरपूर रियलिज़्म के लिए सेट ज़्यादा फैंसी नहीं, बल्कि बेहद रूखे और झारखंड‑धनबाद की अपराधी बस्ती जैसे बनाए गए. गलियां, घर, बाज़ार और कोलियरी इलाके को इतनी यथार्थवादी रूप से डिज़ाइन किया गया कि देखते‑देखते यह आधुनिक गांव और शहर की गलियों से जुड़ जाते हैं. यह सेट कालाकार और कट्टरता की अंधकारमयी दुनिया को बिना किसी भव्यता के बहुत ज़्यादा वास्तविक तरीके से दिखाता है.
देवदास
कल्ट क्लासिक फिल्म देवदास में संजय लीला भंसाली की शानदार सेट डिज़ाइनिंग का जादू हर तरफ दिखाई देता है. पारो का छोटा‑सा घर, देव का अंग्रेज़ी फैशन वाला कमरा और चंद्रमुखी का कोठा तीनों ही अपनी‑अपनी दुनिया बनाकर पर्दे पर जीवंत लगते हैं. चंद्रमुखी के कोठे के लिए विशाल ज़री और बेल‑बूटे वाला सेट बनाया गया, जो उस दौर की संस्कृति को प्रदर्शित कर रहा था.
मुग़ल‑ए‑आजम
मुग़ल‑ए‑आजम फिल्म ने पहली बार मुगल काल की ऐतिहासिक शाही दुनिया को दिखाने का प्रयास किया था, जिसके लिए एक अद्भुत दरबार और महल‑सेट बनाया गया. विशेषकर नौटंकी दृश्य का शीश‑महल जैसे सेट ने फिल्म को एक भव्य दृश्य प्रदान किया था.
पद्मावत
पद्मावत के लिए अलाउद्दीन खिलजी का महल और चित्तौड़ का विशाल दुर्ग‑सेट बनाया गया, जो लगभग एक असली किले जैसा लगता था. ऊँची दीवारें, बड़े गेट, दरवाज़े, बाहरी चौड़े कूचे और भीतरी महल के कमरे; सबको ऐसे डिज़ाइन किया गया कि राजघरानों की भव्यता अच्छी तरह से झलके. सेट की बनावट और रंग‑मिश्रण ने फिल्म को एक विशाल, युद्ध‑केंद्रित दृश्य दिया, जो सिर्फ़ पर्दे पर नहीं, बल्कि दर्शक के दिमाग में भी बस गया.
मोहनजोदारो
फिल्म मोहनजोदारो में प्राचीन सिन्धु घाटी सभ्यता को दिखाने के लिए एक पूरे “नगर” जैसा विशाल सेट बनाया गया था. करजत के आसपास डेढ़ साल से ज़्यादा समय में यह भव्य सेट उभरा, जिसमें मार्केट, गलियाँ, घर और सार्वजनिक स्थानों को ऐसे डिज़ाइन किया गया जिसे देखकर ऐसा लगा कि पूरी हड़प्पा सभ्यता बिल्कुल ऐसी ही रही होगी.