Ganga Expressway: मार्च में पीएम मोदी कर सकते हैं UP के सबसे लम्बे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, कुछ ही देर में पूरा होगा सफर; टोल प्राइज सुन चकरा जाएगा माथा
Ganga Expressway : 594 km लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के मार्च के आखिरी हफ्ते में ट्रैफिक के लिए खुलने की उम्मीद है उत्तर प्रदेश सरकार इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के उद्घाटन के लिए नरेंद्र मोदी को बुलाने के लिए प्रधानमंत्री ऑफिस से संपर्क करने की तैयारी कर रही है. TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने संकेत दिया है कि इसका फॉर्मल लॉन्च 25 से 31 मार्च के बीच हो सकता है.अथॉरिटी का मकसद 1 अप्रैल से छह लेन वाले कॉरिडोर को पूरी तरह से चालू करना है ताकि रेवेन्यू बढ़ाने के लिए टोल ऑपरेशन 2026-27 फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत के साथ शुरू हो सकें. तो चलिए जानते हैं कि ये एक्सप्रेसवे क्यों खास है.
कितने में बना है एक्सप्रेसवे
36,200 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे का शिलान्यास दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री ने किया था, जिसके बाद कंस्ट्रक्शन में तेज़ी आई.
कहां से शुरू होता है एक्सप्रेसवे
यह रूट मेरठ के बिजोली गांव से शुरू होता है और प्रयागराज के जूडापुर दांडू गांव तक फैला है जिसे नेशनल कैपिटल रीजन के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश से ट्रैफिक को खींचने के लिए खास तौर पर चुना गया है. बिजोली मेरठ-हापुड़ हाईवे के पास है, जबकि जूडापुर दांडू फाफामऊ-प्रतापगढ़ हाईवे के पास है, जिससे इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होती है.
मैनेजमेंट सिस्टम का ट्रायल शुरू
UPEIDA के एडिशनल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर श्रीहरि प्रताप शाही के हवाले से कहा गया कि तैयारियां आखिरी स्टेज में हैं. उन्होने कहा कि हमने अलग-अलग एग्जिट पॉइंट पर टोल मैनेजमेंट सिस्टम का ट्रायल शुरू कर दिया है.
कब से शुरू होगी गाड़ियों की आवाजाही
UPEIDA के एडिशनल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर श्रीहरि प्रताप शाही के हवाले से कहा गया कि राइड क्वालिटी और फुटपाथ की स्मूदनेस को जांचने के लिए स्पेशलिस्ट को तैनात किया गया है. हम ज्यादा सेज्यादा 1 अप्रैल तक इस हिस्से पर गाड़ियों की आवाजाही की इजाजत देने की प्लानिंग कर रहे हैं. सीनियर सरकारी अधिकारियों से सलाह के बाद आखिरी फैसला लिया जाएगा.
चार कंस्ट्रक्शन पैकेज में बांटा गया था प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट को चार कंस्ट्रक्शन पैकेज में बांटा गया था, जिनमें से सभी राज्य की तय डेडलाइन पर पूरे हो गए हैं. पुल और इंटरचेंज समेत 1,498 स्ट्रक्चर की ज़रूरत थी, और सभी पूरे हो चुके हैं और ट्रैफिक के लिए तैयार हैं.
उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है. यो 594 km लंबा है. 594 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे से गंगा किनारे के करीब 12 जिलों में विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और वाहन चालकों के लिए भी पूर्वी यूपी से पश्चिमी यूपी तक जाना आसान हो जाएगा.
12 जिलों और 500 से ज़्यादा गांवों में फैला है एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से गुजरेगा. इन जिलों के 518 गांवों को यह मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने का भी काम करेगा.
एयर फोर्स की एक खास एयरस्ट्रिप
इस एक्सप्रेस में इंडियन एयर फोर्स की एक खास एयरस्ट्रिप भी है. इन गांवों और आसपास के क्षेत्रों में विकास बेहतर होगा. इस एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर की हवाई पट्टी भी बनाई गई है, जहां विमानों की आपात लैंडिंग कराई जा सकेगी.
सफर का समय
मेरठ-प्रयागराज एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद दोनों शहरों के बीच आने-जाने में लगने वाला समय भी घटकर आधा रह जाएगा. अभी इस दूरी को तय करने में करीब 12 घंटे लग जाते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद इस दूरी को महज 6 से 7 घंटे में ही पूरा किया जा सकेगा.
लोकल इकॉनमी को भी बढ़ावा
टोल कलेक्शन 1 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है. यूपीडा ने अभी तक टोल टैक्स की आधिकारिक दरों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के तहत माना जा रहा है कि इस पर कार के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर का टोल वसूला जाएगा. इसका मतलब है कि एक तरफ से करीब 1,515 रुपये का टोल लग सकता है. छोटे कॉमर्शियल वाहनों के लिए एक तरफ का टोल किराया करीब 2,405 रुपये तो बस-ट्रक जैसे बड़े वाहनों के लिए 4,840 रुपये का टोल सकता है.
9535 रुपये तक टोल रेट
भारी निर्माण वाहनों के लिए टोल किराया एक तरफ का 7,455 रुपये तो 7 एक्सेल से ज्यादा वाले वाहनों के लिए यह 9,535 रुपये हो सकता है.