Delulu Dating’ ट्रेंड क्या है? जब लोग सच जानते हुए भी रिश्ते में रहते हैं, कब प्यार बन जाता है भ्रम
Delulu Dating: आजकल, रिश्तों की दुनिया में एक नया चलन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है ‘डेलुलु डेटिंग’. इस चलन में, लोग अपने पार्टनर में मौजूद सबसे साफ खतरों के संकेतों को भी नजरअंदाज करना चुनते हैं, और सच्चाई से पूरी तरह वाकिफ होने के बावजूद रिश्ते में बने रहते हैं. अक्सर, यह व्यवहार प्यार के नाम पर खुद को धोखा देने जैसा होता है. एक ऐसी स्थिति जहां उम्मीद, सच्चाई पर भारी पड़ जाती है. इससे एक अहम सवाल उठता है. आखिर किस मोड़ पर प्यार एक खूबसूरत एहसास न रहकर एक भ्रम में बदल जाता है.
क्या है Delulu Dating?
'Delulu' शब्द 'Delusional' से लिया गया है. आसान शब्दों में कहें तो, यह डेटिंग से जुड़ी एक ऐसी सोच है जिसमें लोग, दूसरे व्यक्ति में कमियां देखने के बावजूद, यह मान लेते हैं कि आखिरकार सब कुछ ठीक हो जाएगा. यहां लोग सच जानते हुए भी रिश्ते में खुद को भ्रम में रखते हैं.
रेड फ्लैग्स को इग्नोर करना
इस तरह के रिलेसनशीप में बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद भी पार्टनर की गलतियों को नजरअंदाज करना है. गलतियों पर ध्यान नहीं देते हुए आगे बढ़ जाते हैं.
ओवरथिंकिंग और उम्मीदें
इस तरह के रिश्तों में छोटी-छोटी बातों में भी पॉजिटिव मतलब निकालना होता है. यानी खुद को खुश रखने का अलग तरीका जहां कमियों पर पर्दा डालकर, खुश रह सकें.
खुद को दिलासा देना
इस रिश्ते में व्यक्ति खुद को उम्मीद देता है की आने वाले समम में वो बदल जाएगा या सब ठीक हो जाएगा जैसे विचार होते हैं.
इमोशनल डिपेंडेंसी
इसमें रिश्ते पर जरूरत से ज्यादा निर्भर होते हैं लोग और इमोशनल डिपेंडेंसी बढ़ जाती है.
रियलिटी से दूर होना
एक दूसरे के बारे में कमियों को जानते हुए भी नजरअंदाज कर रिलेशनशिप में रहते हैं लोग. सच्चाई जानते हुए भी उसे स्वीकार न करना होता है.
मेंटल हेल्थ पर असर
डेलुलु डेटिंग ट्रेंड वाला रिश्ता डिप्रेशन, एंग्जायटी और आत्म-सम्मान को नुकसान पहुंचा सकता है और आप परेशान रह सकते हैं.
कब संभलना जरूरी है?
ऐसे रिश्ते जहां बार-बार दर्द मिले, तो लोगों को रिश्ते पर दोबारा विचार करना चाहिए. समय पर सही फैसला लेने से शायद सबकुछ ठीक हो सकता है.