Pink Moon 2026 Date: क्या है पिंक मून का रहस्य? यह कब और क्यों दिखता है, ब्लड मून से कैसे अलग है
Pink Moon vs Blood Moon: अप्रैल की पूर्णिमा को एक खास नाम पिंक मून से जाना जाता है. यह एक ऐसी घटना है जो हर साल लोगों के मन में कौतूहल जगाती है. हालांकि इस नाम से ऐसा लग सकता है कि इस दिन चांद गुलाबी रंग का दिखाई देता है, लेकिन इसके पीछे की कहानी कुछ और ही है. आइए जानते हैं, पींक मून कब दिखता है, यह ब्लड मून से कैसे अलग है. इसका अध्यात्मिक महत्व क्या है, और भी बहुत कुछ.
पिंक मून
'पिंक मून' असल में गुलाबी नहीं होता. यह बस उस पूर्णिमा के चांद का पारंपरिक नाम है, जो अप्रैल के महीने में दिखाई देता है.
ग्राउंड फ्लॉक्स
यह नाम मौसम के अनुसार खिलने वाले जंगली फूलों से लिया गया है. ये फूल उत्तरी अमेरिका में खिलते हैं और इन्हें ग्राउंड फ्लॉक्स कहा जाता है.
ब्लड मून
पिंक मून के विपरीत, ब्लड मून एक वैज्ञानिक रूप से प्रेक्षणीय परिघटना है. यह पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान घटित होता है.
लाल चंद्रमा
जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के ठीक बीच में आ जाती है, तो सूर्य की सीधी रोशनी रुक जाती है, और चंद्रमा का रंग लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है, जिसे ब्लड मून कहते हैं.
पींक मून कब दिखता है
पिंक मून के दिखने का अनुमान लगाया जा सकता है, और यह हर साल अप्रैल के महीने में दिखाई देता है.
ब्लड मून कब दिखता है
ब्लड मून को दुर्लभ माना जाता हैं. यह आमतौर पर 1.5 से 3 साल में एक बार दिखाई देते हैं. हालांकि इनका होना तय नहीं होता है.
पिंक मून का महत्व
माना जाता है कि 'पिंक मून' जीवन में नई शुरुआत लेकर आता है. इस समय, वसंत ऋतु के साथ-साथ, लोग नई उम्मीदों का स्वागत करते हैं और नकारात्मक बातों को पीछे छोड़ देते हैं.
पूर्णिमा
पिंक मून एक सामान्य पूर्णिमा जैसा दिखाई देता है. वहीं ब्लड मून अपनी लाल चमक से आसमान को पूरी तरह बदल देता है.