कौन हैं आशा शर्मा, क्या भारतीय मूल की यह लीडर रोक पाएंगी AI का हमला?
Who is Asha Sharma: भारतीय मूल की आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग (Xbox) की नई प्रमुख बनी गईं हैं. जहां, उन्होंने फिल स्पेंसर की जगह ली है. तो वहीं, उनका मुख्य वादा गेमिंग में मानवीय रचनात्मकता को बचाए रखना और ‘आत्माहीन AI’ (Soulless AI) के बढ़ते प्रभाव को रोकना है, ताकि खेल केवल तकनीक नहीं बल्कि भावनाओं से भी जुड़ा रहै.
भारतीय मूल की टेक लीडर हैं आशा शर्मा
आशा शर्मा भारतीय मूल की एक अनुभवी टेक लीडर हैं, जिन्हें हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के गेमिंग डिवीजन (Xbox) का नया CEO नियुक्त किया गया है.
दिग्गज नेता फिल स्पेंसर की ली जगह
जहां, उन्होंने दिग्गज नेता फिल स्पेंसर की जगह ली है, जो लगभग 40 सालों तक माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े रहने के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं.
'Core AI' डिवीजन की थीं प्रेसिडेंट
तो वहीं, दूसरी तरफ माइक्रोसॉफ्ट में इस भूमिका से पहले, आशा 'Core AI' डिवीजन की प्रेसिडेंट थीं, जहां उन्होंने कंपनी की वैश्विक AI रणनीति का सबसे ज्यादा नेतृत्व किया.
दिग्गज कंपनियों का है सबसे ज्यादा अनुभव
इसके साथ ही उनके पास मेटा (फेसबुक) और इंस्टाकार्ट जैसी दिग्गज कंपनियों में सीनियर लीडरशिप और ऑपरेशंस संभालने का सबसे ज्यादा अनुभव भी है.
खेलों को AI से न भरने का किया वादा
आशा शर्मा ने यह वादा किया है कि वह खेलों को 'आत्माहीन AI (Soulless AI Slop)' से नहीं भरेंगी, क्योंकि गेमिंग उनके लिए तकनीक से कहीं ज्यादा एक मानवीय कला है.
गेमिंग में AI को करना होगा और बेहतर
हालांकि, उनका मानना है कि गेमिंग में AI का इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ दक्षता बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि इंसानी कहानियों और पात्रों को और भी ज्यादा बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए.
कंसोल गेमर्स की जीतेंगी दोबारा भरोसा
इतना ही नहीं, आशा की रणनीति में 'Xbox की घर वापसी' शामिल है, जिसका लक्ष्य अपने पुराने वफादार कंसोल गेमर्स का भरोसा दोबारा से जीतना है.
लगातार अपनी योजना पर कर रही हैं काम
वह गेमिंग को सिर्फ हार्डवेयर तक सीमित नहीं रखकर उसे क्लाउड, पीसी और मोबाइल जैसे हर प्लेटफॉर्म पर सुलभ बनाने की योजना पर लगातार काम करने में जुटी हुई हैं.