Prateek Yadav: कौन हैं प्रतीक यादव ? लग्जरी लाइफस्टाइल और कई करोड़ों के मालिक हैं अखिलेश यादव के सौतेले भाई, जानिए सबकुछ
Prateek Yadav Networth: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के सौतेले बेटे प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव से तलाक ले लिया है. उन्होंने सोशल मीडिया में एक पोस्ट साझा कर इस बात का खुलासा किया. इसके बाद से वो सुर्खियों में हैं. हर कोई उनके बारे में जानना चाह रहा है. जानिए क्या है प्रतीक यादव की नेटवर्थ और उनकी लाइफस्टाइल.
प्रतीक यादव कौन हैं?
प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के छोटे बेटे हैं. वे समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं.अपने पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि से दूर, प्रतीक यादव रियल एस्टेट और फिटनेस व्यवसाय में
कार्यरत हैं और जिम व पशु कल्याण जैसे कई उद्यम शुरू करने के लिए जाने जाते हैं.प्रतीक यादव ने यूनाइटेड किंगडम के लंदन स्थित लीड्स विश्वविद्यालय से एमबीए किया है.
कितनी संपत्ति के मालिक हैं प्रतीक यादव?
प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव द्वारा 2017 चुनाव में दायर हलफनामे के अनुसार दोनों के पास कुल 22.95 करोड़ रुपये की संपत्ति है. वहीं प्रतीक यादव के व्यक्तिगत संपत्ति की बात करें, तो उनके पास 13.41 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है, जिसमें कार, इनवेस्टमेंट, ज्वैलरी आदि शामिल है.
लेंबोर्गिनी कार से चलते हैं
प्रतीक यादव ने साल 2017 में एक लेंबोर्गिनी कार भी खरीदी थी, जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपये के आसपास है. वो अपनी कार को ड्राइव करते हुए कभी-कभी सड़कों पर नजर आते हैं.
कब हुई थी दोनों की शादी
प्रतीक और अपर्णा की सगाई 2011 में हुई और 2012 में उनकी शादी हुई, जिसे उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित शादियों में से एक माना जाता है. इसमें अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और अनिल अंबानी सहित कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुई थीं. दोनों एक-दूसरे को साल 2001 से जानते थे. शादी से पहले दोनों ने एक-दूसरे को 10 साल डेट किया था.
तलाक को लेकर क्या है कानूनी पक्ष?
प्रतीक और अपर्णा के तलाक के बाद एक चर्चा और चल रही है कि इनकी संपत्तियों का कैसा बंटवारा होगा. हालांकि, आपको बता दें कि एलीमनी को कोई निश्चि नियम नहीं है. अब यह कोर्ट तय करता है कि दोनों पक्षों की स्थिति कैसी है. अगर एलिमनी की बात कोर्ट में आती है, तो इस पर फैसला हो सकता है. नहीं, तो जिसकी जो भी निजी संपत्ति है, वो मिल जाएगी.