क्लीन-शेव ही नहीं बनाता शार्प! रणवीर सिंह और ‘धुरंधर’ ने तोड़ी लुक्स की पुरानी सोच
अक्सर लोग मानते हैं कि क्लीन-शेव लुक ही सबसे ज्यादा शार्प और प्रोफेशनल लगता है. लेकिन यह सोच हर बार सही नहीं होती. हाल ही में ‘धुरंधर’ की बातचीत में यह बात सामने आई कि शार्प दिखने के लिए सिर्फ शेविंग जरूरी नहीं है.
क्लीन-शेव
अक्सर समाज में यह माना जाता है कि क्लीन-शेव लुक ही सबसे ज्यादा शार्प, प्रोफेशनल और सभ्य लगता है. दफ्तर हो या कोई इवेंट, साफ चेहरा ही सही माना जाता है. लेकिन यह सोच हर किसी पर लागू नहीं होती.
परंपरा
पहले के समय में दाढ़ी को समझदारी, ताकत और नेतृत्व की निशानी माना जाता था. कई बड़े नेता और राजा दाढ़ी रखते थे और उन्हें सम्मान की नजर से देखा जाता था. आज भी यह सोच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
आज का नजरिया
आज के दौर में प्रोफेशनल दिखने का मतलब सिर्फ अच्छे कपड़े और क्लीन-शेव से जोड़ दिया गया है. लेकिन अब यह सोच धीरे-धीरे बदल रही है.
रणवीर सिंह का स्टाइल
रणवीर सिंह जैसे कलाकार यह दिखाते हैं कि लुक से ज्यादा जरूरी है पर्सनैलिटी. दाढ़ी, क्लीन-शेव या स्टाइल्ड लुक-तीनों ही अच्छे लग सकते हैं, बस उन्हें सही तरीके से कैरी करना आना चाहिए.
‘धुरंधर’ की सोच
‘धुरंधर’ ने यह साबित किया हैं कि शार्पनेस चेहरे से नहीं आती. इंसान की सोच, अनुशासन और आत्मविश्वास ही उसे शार्प बनाता है, न कि सिर्फ शेविंग.
लुक से ज्यादा पर्सनैलिटी
रणवीर सिंह और कई दूसरे कलाकार यह साबित करते हैं कि लुक से ज्यादा जरूरी पर्सनैलिटी होती है. अगर इंसान अपने आप में भरोसा रखता है, तो हर लुक अच्छा लगता है.
स्टीरियोटाइप टूट रहे हैं
आज दाढ़ी वाला, क्लीन-शेव या स्टाइल्ड लुक-तीनों को अपनाया जा रहा है. फर्क सिर्फ इतना है कि आप उसे कैसे कैरी करते हैं.