Amrit Bharat 3.0: भारतीय रेलवे की नई रफ्तार और आधुनिक सफर का आगाज़, क्या यह आम यात्रियों की बन पाएगी ‘लग्जरी’ ट्रेन?
Indian Railways Replacing LHB Coaches: भारतीय रेलवे का ‘अमृत भारत 3.0’ प्रोजेक्ट देश के रेल ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए पूरी तरह से तैयार है. इसका मुख्य उद्देश्य सामान्य और स्लीपर क्लास के यात्रियों को कम किराए में उच्च स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है. इसके साथ ही रेलवे पुराने आईसीएफ (ICF) कोचों को हटाकर एलएचबी (LHB) कोच इसलिए लगा रहा है क्योंकि एलएचबी कोच स्टेनलेस स्टील से बने होते हैं, जो दुर्घटना के समय एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते, जिससे जान-माल का नुकसान पूरी तरह से कम हो जाता है.
पुश-पुल तकनीक
अमृत भारत 3.0 ट्रेनों में आगे और पीछे दो इंजन होते हैं, जो ट्रेन को तेजी से रफ्तार पकड़ने और रुकने में सबसे ज्यादा मददगार साबित होते हैं.
सेमी-परमानेंट कपलर
तो वहीं, इन ट्रेनों में विशेष कपलर का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे चलते समय झटके (Jerks) नहीं लगते, जो मौजूदा LHB ट्रेनों में एक आम समस्या मानी जा रही है.
एयरोडायनामिक डिज़ाइन
ट्रेन के इंजनों को नाक के आकार का एयरोडायनामिक लुक दिया गया है ताकि हवा के दबाव को कम कर गति को बढ़ाने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
बेहतर सुरक्षा (कवच प्रणाली)
हालांकि, अमृत भारत 3.0 ट्रेनें स्वदेशी 'कवच' एंटी-कोलिजन सिस्टम से लैस हैं, जो इन्हें मौजूदा ट्रेनों से पहले के मुताबिक ज्यादा सुरक्षित बनाती है.
यात्री आराम और सीटें
तो वहीं, दूसरी तरफ इन ट्रेनों की सीटों को बेहतर एर्गोनॉमिक्स के साथ डिज़ाइन किया गया है और कुशनिंग को मौजूदा LHB कोचों के मुकाबले पहले से और भी ज्यादा आरामदायक बनाया गया है.
आधुनिक सुविधाएं
हर सीट के पास मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, फोल्डेबल बॉटल होल्डर और ज़ीरो-डिस्चार्ज एफआरपी मॉड्यूलर टॉयलेट्स दिए गए हैं.
सेंसर आधारित लाइटिंग
कोचों में सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ सेंसर आधारित लाइटिंग और आधुनिक पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम भी लगाया गया है.
धूल और शोर में कमी
कोचों के बीच 'फुल्ली सील्ड गैंगवे' (रास्ता) दिया गया है, जो बाहरी शोर और धूल को अंदर आने से रोकने में सबसे ज्यादा मदद करता है, जिससे यात्रा शांत होती है.