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Safety Pin: क्या आप जानते हैं कि सेफ्टी पिन में यह छेद क्यों होता है? बहुत से लोगों को नहीं होगी सही जानकारी!

Safety Pin Facts | यदि आपने कभी सेफ्टी पिन को ध्यान से देखा है, तो आपने गौर किया होगा कि इसकी संरचना और कार्य करने का तरीका बहुत अलग है. इसमें दो मुख्य भाग होते हैं. ये दोनों भाग इसके कार्य करने के लिए आवश्यक हैं. हम इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में इतना इस्तेमाल करते हैं कि कभी रुककर सोचा ही नहीं कि आखिर इस ‘जादुई पिन’ का ख्याल सबसे पहले किसके दिमाग में आया होगा? चलिए, आज आपको इस छोटे, मगर काम के आविष्कार के बड़े इतिहास और इसकी खास बनावट के बारे में-

Last Updated: January 17, 2026 | 6:30 PM IST
Safety pins are very useful - Photo Gallery
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बड़े काम का होता है सेफ्टी पिन

कहते हैं, 'देखने में छोटन लगे, घाव करे गंभीर', लेकिन सेफ्टी पिन के मामले में यह कहावत बदलकर बन जाती है- 'काम करे गंभीर'। चाहे साड़ी की प्लीट्स को अपनी जगह पर टिकाना हो, प्राथमिक चिकित्सा में मदद करनी हो या फिर स्कूल के साइंस प्रोजेक्ट में पवनचक्की घुमानी हो- मुड़े हुए तार का यह छोटा सा टुकड़ा हर जगह मौजूद है.

History of Safety Pin - Photo Gallery
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सेफ्टी पिन का इतिहास

सेफ्टी पिन का इतिहास बहुत पुराना है. लैटिन में इसे फिबुले कहा जाता है. माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति यूरोप में कांस्य युग के दौरान हुई थी. इस पिन का आविष्कार 1849 में वाल्टर हंट ने किया था. उन्होंने तार को मोड़कर इस स्प्रिंग-लोडेड संरचना का निर्माण किया था.

part of Safety Pin - Photo Gallery
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सेफ्टी पिन के भाग

उस समय इन्हें बनाने के दो मुख्य तरीके प्रचलित थे. एक तरीका उत्तरी यूरोपीय तरीका था. इसमें सुई के दो अलग-अलग भाग होते थे. इसमें स्प्रिंग नहीं होती थी. एक सुई में छेद होता था. दूसरी सुई उस छेद से होकर गुजरती थी और हुक से जुड़ी होती थी. यह एक बहुत ही जटिल डिज़ाइन था.

The point of using safety pins - Photo Gallery
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सेफ्टी पिन के यूज का मत

दूसरी ओर, मध्य यूरोपीय, ग्रीक और इतालवी शैलियों में प्रयुक्त सुइयां आधुनिक सेफ्टी पिन के समान थीं. सुई एक ही तार से बनी होती थी जिसके बीच में एक स्प्रिंग लगी होती थी. इससे उसमें लचीलापन आता था. तार का एक सिरा नुकीला होता था और दूसरा सिरा घुमावदार होता था ताकि नुकीले सिरे को आसानी से अंदर डाला जा सके.

safety pins work style - Photo Gallery
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काम करने का तरीका

अगर आपने कभी सेफ्टी पिन को ध्यान से देखा होगा, तो आपने गौर किया होगा कि इसकी संरचना और काम करने का तरीका बहुत अलग है. इसमें दो मुख्य भाग होते हैं. ये दोनों ही इसके काम करने के लिए आवश्यक हैं.

work of safty pin - Photo Gallery
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सेफ्टी पिन के छेद का काम

ट्रिगर के निचले हिस्से में लगा तार एक लूप या कुंडल के आकार में मुड़ा होता है. यह छेद स्प्रिंग की तरह काम करता है. यह स्प्रिंग पिन पर तनाव पैदा करता है. पिन नोक को मजबूती से पकड़े रखता है. इस तनाव के बिना, पिन बार-बार खुल जाएगा, जिससे चोट लग सकती है.

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