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AI टैक्स क्या है, स्मार्टफोन प्राइस और रैम पर क्या पड़ने वाला है प्रभाव?

सभी ब्रांड्स में स्मार्टफोन और लैपटॉप महंगे होते जा रहे हैं और AI डेवलपमेंट को इनपुट कॉस्ट, खासकर चिप्स की बढ़ती कीमतों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. यहां तक ​​कि कैश-रिच टेक कंपनियां भी, जो आमतौर पर अपने डिवाइस की कीमतें स्थिर रखती हैं, अब ऐसा नहीं कर रही हैं. पिछले कुछ दिनों में ही Apple, Samsung और Nothing ने पिछले वर्शन की तुलना में थोड़ी ज़्यादा कीमतों पर नए डिवाइस लॉन्च किए हैं. एआई टैक्स क्या है चलिए जानते हैं.

Last Updated: March 11, 2026 | 1:18 PM IST
Phones can be expensive - Photo Gallery
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फोन महंगे हो सकते हैं

आपका अगला फोन अधिक महंगा और कम RAM वाला क्यों हो सकता है? AI टैक्स एक आम शब्द है जिसका इस्तेमाल ग्लोबल AI बूम की वजह से कंज्यूमर को चुकानी पड़ सकती है.

The price could be so much - Photo Gallery
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इतनी हो सकती है कीमत

भारत के मिड-रेंज स्मार्टफोन मार्केट पर आने वाले महीनों में कीमतों का दबाव पड़ सकता है. Rs 20,000 से Rs 50,000 की रेंज के डिवाइस ज़्यादा महंगे हो सकते हैं या कम RAM (रैंडम एक्सेस मेमोरी) के साथ आ सकते हैं. इसका कारण AI सिस्टम को पावर देने के लिए इस्तेमाल होने वाले मेमोरी चिप्स की ग्लोबल डिमांड है.

What is AI Tax - Photo Gallery
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AI टैक्स' क्या है?

'AI टैक्स' कोई असली सरकारी टैक्स नहीं है. यह एक आम शब्द है जिसका इस्तेमाल ग्लोबल AI बूम की वजह से कंज्यूमर को चुकानी पड़ सकती है एक्स्ट्रा कीमत बताने के लिए किया जाता है. AI कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के लिए बड़े डेटा सेंटर बना रही हैं. इन सिस्टम को बहुत ज़्यादा कंप्यूटिंग पावर और मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है. इस वजह से कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए मेमोरी की सप्लाई कम होती जा रही है. जब पार्ट्स की कीमतें बढ़ती हैं, तो डिवाइस बनाने वाली कंपनियां अक्सर कुछ खर्च खरीददारों पर डाल देती हैं.

Why is there a shortage of memory chips - Photo Gallery
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मेमोरी चिप्स की कमी क्यों है?

AI सिस्टम एक खास तरह की मेमोरी का इस्तेमाल करते हैं जिसे हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) कहते हैं. इसे AI सर्वर में इस्तेमाल होने वाली बहुत हाई-स्पीड डेटा प्रोसेसिंग के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसके बावजूद HBM बनाने के लिए वैसी ही वेफर बनाने की कैपेसिटी की ज़रूरत होती है जैसी DRAM बनाने में होती है. DRAM एक तरह की मेमोरी है जो आमतौर पर स्मार्टफोन, लैपटॉप और PC में इस्तेमाल होती है. क्योंकि AI इंफ्रास्ट्रक्चर की डिमांड तेज़ी से बढ़ रही है इसलिए चिप बनाने वाली कंपनियां HBM को ज़्यादा प्रोडक्शन कैपेसिटी दे रही हैं.

Three companies dominate the global memory market - Photo Gallery
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ग्लोबल मेमोरी मार्केट पर तीन कंपनियों का दबदबा

तीन कंपनियां सैमसंग, SK हाइनिक्स और माइक्रोन पर ग्लोबल मेमोरी का दबदबा है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2026 के लिए उनकी ज़्यादातर HBM प्रोडक्शन कैपेसिटी डेटा सेंटर बनाने वाली AI कंपनियों ने पहले ही बुक कर ली है. इससे कंज्यूमर डिवाइस के लिए उपलब्ध DRAM की सप्लाई कम हो गई है. जब मेमोरी ज़्यादा महंगी हो जाती है या मिलना मुश्किल हो जाता है तो स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों के पास दो ऑप्शन होते हैं. कीमतें बढ़ाना या स्पेसिफिकेशन्स बदलना. कई मामलों में कंपनियां हार्डवेयर कम करते हुए कीमत वैसी ही रखने की कोशिश कर सकती हैं. जैसे कि 16GB RAM के साथ लॉन्च होने वाला फोन 12GB RAM के साथ आ सकता है. ज़्यादा स्टोरेज या RAM वाले वेरिएंट ज़्यादा महंगे हो सकते हैं आदि.

Lack of memory will result in higher prices - Photo Gallery
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मेमोरी की कमी से होगी कीमत ज्यादा

इंडस्ट्री के अनुमान बताते हैं कि अगर मेमोरी की कमी जारी रहती है तो कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतें 5 परसेंट से 20 फीसदी के बीच बढ़ सकती हैं. कई टेक्नोलॉजी ब्रांड पहले ही अपने पिछले मॉडल की तुलना में थोड़ी अधिक कीमत पर नए डिवाइस लॉन्च कर चुके हैं. मेमोरी प्रोडक्शन बढ़ाने में समय लगता है. नई सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियां बनाने में दो से तीन साल लग सकते हैं. मेमोरी चिप्स की कमी 2027 तक जारी रह सकती है, क्योंकि AI डेटा सेंटर की मांग बढ़ती रहेगी. इस दौरान लैपटॉप, PC, स्मार्टफोन और गेमिंग कंसोल की कीमतें पहले से ज़्यादा रह सकती हैं.

Phones will become more expensive in 2026 - Photo Gallery
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2026 में और महंगे हुए फ़ोन

गैलेक्सी S26 अल्ट्रा की शुरुआती कीमत 1,39,999 रुपए है, जो गैलेक्सी S25 अल्ट्रा के 1,29,999 रुपए से ज़्यादा है. Galaxy S26+ की शुरुआती कीमत 1,19,999 रुपए है, जबकि Galaxy S25+ की शुरुआती कीमत 99,999 रुपए है. Galaxy S26 की शुरुआती कीमत 87,999 रुपए है, जबकि Galaxy S25 की शुरुआती कीमत 80,999 रुपए है.

Nothing Phone 4a Series - Photo Gallery
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Nothing Phone 4a सीरीज

Nothing Phone 4a की शुरुआती कीमत 31,999 रुपए है, जबकि Phone 3a की शुरुआती कीमत 22,999 रुपए है. Nothing Phone 4a Pro की शुरुआती कीमत 39,999 रुपए है, जबकि Phone 3a Pro की शुरुआती कीमत 27,999 रुपए है. सभी ब्रांड ने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं. Apple iPhone 17e की शुरुआती कीमत 64,900 रुपए है, जो पिछले iPhone 16e वेरिएंट की कीमत के बराबर है. इसमें स्टोरेज भी उतनी ही है. Google Pixel 10a की शुरुआती कीमत 49,999 रुपए है, जो Pixel 9a जैसा ही है.

Disclaimer - Photo Gallery
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डिस्क्लेमर

यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. यह कई स्त्रोतों से लिया गया है. इंडिया न्यूज डॉट इन तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है.

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