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वर्कलोड के कारण बढ़ने लगा है स्ट्रेस, तो आज से ही शुरू करें ये काम, रिपोर्ट में चौंकाने वाले रिजल्ट्स

Stress Relief Tips: आज के समय में भाग-दौड़ भरी जिंदगी और पूरे दिन काम करने के बाद अक्सर लोगों को स्ट्रेस होने लगता है. काम के दबाव के कारण लोगों को अक्सर नींद नहीं आती. इसके कई अलग-अलग कारण भी हो सकते हैं, जैसे डिजिटल स्क्रीन  नींद न आना और पूरे दिन काम व दूसरी चीजों में बिजी रहना. अगर इनसे बचाव की बात की जाए, तो लोग इसके लिए प्राकृतिक तरीके अपना रहे हैं. ऐसे में अगर आपको भी स्ट्रेस रहता है और आप इसे कम करना चाहते हैं या राहत पाना चाहते हैं, तो आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाने से आप स्ट्रेस कम कर सकते हैं. इस पर एक शोध भी किया गया है, जिसके रिजल्ट से इन तरीकों से तनाव कम होने के बारे में कहा गया है.

Last Updated: March 11, 2026 | 1:21 PM IST
walking barefoot in the mud - Photo Gallery
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नंगे पैर मिट्टी में चलना

पिछले कुछ सालों में वैज्ञानिकों ने अर्थिंग और ग्राउंडिंग पर रिसर्च किया है. इनमें साल 2012 में साल 2012 में जर्नल ऑफ एनवायरमेंट एंड पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित हुई रिपोर्ट भी शामिल है. इस स्टडी में पता चला कि धरती के संपर्क में आने से शरीर में इलेक्ट्रॉन्स का संतुलन बेहतर हो सकता है. इसके कारण शरीर की सूजन कम हो सकती है. साथ ही नींद की समस्या कम हो सकती है और आपको स्ट्रेस से राहत मिल सकती है.

Soil contains natural electrons - Photo Gallery
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मिट्टी में होते हैं प्राकृतिक इलेक्ट्रॉन्स

स्टडी में पता चला है कि मिट्टी में प्राकृतिक इलेक्ट्रॉन्स होते हैं, जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को बैलेंस करने में मदद करते हैं. इसके कारण बहुत से लोगों को मिट्टी में या खाली जमीन पर नंगे पैर चलने में रिलैक्स फील होता है और तनाव से राहत मिलती है.

walking barefoot on grass - Photo Gallery
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नंगे पैर घास में चलना

साल 2019 में द जर्नल ऑफ साइंस एंड हीलिंग में एक रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसमें पाया गया था कि घास पर नंगे पैर चलना भी स्ट्रेस कम कर सकता है. इस तरीके को भी अर्थिंग के रूप में माना जाता है. स्टडी में पता चला कि जमीन के सीधे संपर्क में आने से स्ट्रेस हार्मोन यानी कोर्टिसोल लेवल पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है.

What does research say? - Photo Gallery
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क्या कहती है रिसर्च?

रिसर्च में पता चला कि जब कोई भी व्यक्ति मिट्टी या घास पर चलता है, तो शरीर और प्रकृति के बीच बायोलॉजिकल इंस्ट्रेक्शन बनता है. इससे शरीर को राहत मिलने के साथ ही मानसिक शांति मिलती है. इससे अच्छी नींद आती है और स्ट्रेस कम होता है.

Spend time among the trees - Photo Gallery
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पेड़ों के बीच बिताएं समय

साल 2010 में एनवायरमेंटल हेल्थ एंड प्रिवेंशन मेडिसिन जर्नल में एक रिपोर्ट पेश की गई. इस रिपोर्ट में कहा गया कि जंगल में पेड़ों के बीच समय बिताने से स्ट्रेस हार्मोन कम हो सकते हैं. जापान में ये तकनीक पहले से ही इस्तेमाल की जाती है, जिसे शिनरिन-योकू यानी फोरेस्ट बाथिंग कहा जाता है. इससे स्ट्रेस कम होता है.

Gardening will reduce stress - Photo Gallery
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बागवानी करने से स्ट्रेस होगा कम

मिट्टी के संपर्क में आने से स्ट्रेस कम हो सकता है क्योंकि मिट्टी में छोटे-छोटे जीव होते हैं, जो मेंटल हेल्थ पर पॉजिटिव असर डालते हैं. 2007 में न्यूरोसाइंस जर्नल में एक स्टडी में पाया गया था कि मिट्टी में माइकोबैक्टीरियम वैके बैकक्टीरिया पाए जाते हैं, जो मूड सुधारने के लेवल पर असर डाल सकता है. इसके कारण पौधे लगाना, मिट्टी के संपर्क में आना स्ट्रेस लेवल को कम कर सकते हैं.

Spend some time away from your phone - Photo Gallery
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फोन से दूर बिताएं कुछ समय

आज के समय में डिजिटल दुनिया में घुसे रहने के कारण भी स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने का खतरा बना रहता है. इसे कम करने के लिए फोन और स्क्रीन से दूर रहकर डिजिटल डिटॉक्स होना बहुत जरूरी है. रिसर्च में पाया गया है कि स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से दिमाग थक जाता है और स्ट्रेस बढ़ जाता है. इसकी जगह आपको नेचर के साथ समय बिताना चाहिए. इसके अलावा आप किताब पढ़ सकते हैं.

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