हेल्दी और टेस्टी खाने का करे मन तो डाइट में शामिल करें हाई प्रोटीन मफिन, बनी रहेगी मसल्स और शुगर रहेगा कंट्रोल!
फिटनेस के लिए लोग कई तरह के उपाय अपनाते हैं. इसमें से सबसे ज्यादा ध्यान प्रोटीन पर दिया जाता है. यह फिटनेस का हीरो कहा जाता है. जब बात मसल्स बनाने, वजन घटाने और फिट रहने की आती है तो लोग प्रोटीन लेने की सलाह देते हैं. तो ऐसे में सवाल है कि क्या वाकई में ज़ीरो-शुगर, हाई-प्रोटीन मफिन सच में हेल्दी हैं या सिर्फ़ एक फिटनेस ट्रेंड हैं? चलिए जानते हैं.
क्या है मफिन?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास समय नहीं है. खास कर खुद के लिए तो बिलकुल नहीं. ऐसे में लोग फिटनेस पर भी ज्यादा जोर देते हैं क्योंकि सेहत सही नहीं रहेगी तो हर काम फेल हो जाएगा. हर कोई कहता है कि फिट रहने के लिए प्रोटीन लेना जरूरी है. ऐसे में मफिन की बात चल रही है कि क्या यह ऊर्जा, फिटनेस और वजन घटाने में सहायक है भी कि नहीं. ज़ीरो-शुगर और हाई-प्रोटीन मफिन सेहत से भरपूर पौष्टिक नाश्ता है. इसमें चीनी या मैदा का उपयोग नहीं किया जाता है. इसमें प्रोटीन पाउडर, ग्रीक योगर्ट, बादाम के आटे या अंडे की सफेदी जैसे सामग्री का उपयोग होता है, जिससे यह प्रति मफिन 8-14 ग्राम प्रोटीन प्रदान करता है. पेट भरा रखता है और ब्लड शुगर को स्थिर करता है.
फिटनेस इन्फ्लुएंसर ने ढूढ़ा तरीका
हालांकि, फिटनेस इन्फ्लुएंसर वंशिका खुराना ने इस सिचुएशन में मदद करने का एक तरीका ढूंढ लिया है. 13 फरवरी को इंस्टाग्राम पर वंशिका ने स्ट्रॉबेरी और अखरोट मफिन की रेसिपी शेयर की, जो प्रोटीन से भरपूर हैं और इनमें चीनी का इस्तेमाल नहीं किया गया है. स्ट्रॉबेरी विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं वहीं, अखरोट ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं. इनके हेल्थ बेनिफिट्स के अलावा इस रेसिपी में मैदा का भी इस्तेमाल नहीं किया गया है. इसके बजाय इसमें ओट का आटा और पकाने लायक प्रोटीन का एक स्कूप इस्तेमाल किया गया है. कुल मिलाकर, हर मफिन में 8g प्रोटीन और सिर्फ़ 190 कैलोरी होती है, ताकि हम बिना किसी गिल्ट के इनका मज़ा ले सकें.
प्रोटीन पर जोर
हाई-प्रोटीन ब्रेकफ़ास्ट मफिन बेक्ड सिंगल-सर्व ट्रीट होते हैं जिन्हें मैक्रोन्यूट्रिएंट्स का बैलेंस्ड रेश्यो देने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसमें प्रोटीन पर जोर दिया जाता है. आमतौर पर हर मफिन में 15–30 ग्राम प्रोटीन का ध्यान रखा जाता है. ये ट्रेडिशनल बेकरी मफिन से काफ़ी अलग होते हैं, जिनमें अक्सर रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और एक्स्ट्रा शुगर ज़्यादा होती है लेकिन प्रोटीन और फाइबर कम होता है.
एनर्जी से भरपूर
ये मफिन उन लोगों के लिए एक आसान मॉर्निंग मील का काम करते हैं जो लगातार एनर्जी चाहते हैं. खासकर जिनके शेड्यूल बिज़ी हैं, फिटनेस गोल हैं या जिन्हें पोर्टेबल फ़ूड पसंद हैं. आम बेस इंग्रीडिएंट्स में बादाम का आटा, ओट्स, अंडे, कॉटेज चीज़, या प्रोटीन पाउडर शामिल हैं. जिन्हें केला या शहद जैसे नेचुरल स्वीटनर के साथ मिलाया जाता है. बेरीज़, नट्स, सीड्स, या सब्ज़ियों जैसे ऐड-इन्स स्वाद और न्यूट्रिएंट डेंसिटी को बढ़ाते हैं. इनका मुख्य काम न्यूट्रिशन से भरपूर, बिना तैयारी के नाश्ता देना है जो पेट भरने में मदद करता है और सुबह-सुबह की क्रेविंग को कम करता है. इन्हें हेल्थ का ध्यान रखने वाले खाने वालों और मील प्रेपर्स, दोनों के बीच एक पॉपुलर चॉइस बनाता है.
हाई-प्रोटीन मफिन क्यों पॉपुलर हो रहे हैं?
हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट मफिन की बढ़ती डिमांड फंक्शनल ईटिंग और टाइम-एफिशिएंट न्यूट्रिशन में बड़े ट्रेंड्स को दिखाती है. ज़्यादा लोग एनर्जी क्रैश और बाद में ज्यादा खाने से बचने के लिए दिन की शुरुआत प्रोटीन से करने की वैल्यू को पहचानते हैं. जो लोग मसल्स मेंटेनेंस या फिजिकल एक्टिविटी पर फोकस करते हैं, वे दिन की शुरुआत में ही डेली प्रोटीन इनटेक बढ़ाने के आसान तरीके ढूंढते हैं.
शुगर कंट्रोल
जैसे-जैसे कस्टमर्स पैकेज्ड सामान में शुगर कंटेंट के बारे में ज़्यादा अवेयर होते जाते हैं, वे घर पर बने ऑप्शन की ओर रुख करते हैं जिन्हें वे कंट्रोल कर सकते हैं. ऐसे में यह मफिन्स काफी मददगार साबित हो रहे हैं. सुबह जल्दी अंडे पकाने या शेक बनाने के बजाय रेडी-टू-ईट मफिन मैनेज करना ज़्यादा आसान होता है.
प्रोटीन की मात्रा
पेट भरने और मेटाबोलिक हेल्थ को सपोर्ट करने के लिए हर मफिन में कम से कम 15–20g प्रोटीन लें.
कार्बोहाइड्रेट-टू-फाइबर रेश्यो: हर सर्विंग में कम से कम 3g फाइबर और कम से कम एक्स्ट्रा शुगर (आइडियली 5g से कम) देखें.
इंग्रीडिएंट क्वालिटी: प्रोसेस्ड आइसोलेट्स या फिलर्स के बजाय साबुत खाने के सोर्स—ओट्स, बादाम का आटा, अंडे, ग्रीक योगर्ट को प्राथमिकता दें.
पोर्शन साइज़: एक मफिन को आम ब्रेकफास्ट कैलोरी रेंज (200–300 kcal) के हिसाब से होना चाहिए, बड़े साइज़ के प्रोडक्ट्स से बचें.
मैक्रोन्यूट्रिएंट बैलेंस: एक बैलेंस्ड मफिन में मीडियम हेल्दी फैट (जैसे, नट बटर, नारियल तेल) और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स होते हैं.
स्टोरेज और शेल्फ लाइफ: फ्रीजर-फ्रेंडली ऑप्शन बिना खराब हुए लंबे समय तक खाना तैयार करने में मदद करते हैं. ये मेट्रिक्स सच में पौष्टिक ऑप्शन को उन ऑप्शन से अलग करने में मदद करते हैं जिन्हें सिर्फ़ मार्केटिंग टैक्टिक के तौर पर हाई-प्रोटीन का लेबल दिया जाता है.
हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट मफिन कैसे चुनें:
प्रोटीन सोर्स को इवैल्यूएट करें: जब भी हो सके, अलग-अलग पाउडर के बजाय साबुत खाने की चीज़ों (अंडे, कॉटेज चीज़, नट्स) को प्रेफर करें. अगर पाउडर यूज़ कर रहे हैं, तो कम से कम एडिटिव्स वाला चुनें.
शुगर कंटेंट चेक करें: ऐसी रेसिपी या प्रोडक्ट से बचें जिनमें शुगर (शहद, सिरप, खजूर सहित) हर सर्विंग में 8g से ज़्यादा हो, जब तक कि फाइबर और वॉल्यूम से ऑफसेट न हो जाए.
आटे का टाइप देखें: रिफाइंड सफेद आटे के बजाय साबुत अनाज, ओट या नट्स वाला आटा चुनें.
फाइबर वाली चीज़ें देखें: चिया सीड्स, अलसी, ज़ुकिनी या बेरीज़ जैसी चीज़ें टेक्सचर और पाचन को बेहतर बनाती हैं.
पोर्शन साइज़ पर ध्यान दें: ज़्यादा कैलोरी लेने से बचने के लिए स्टैंडर्ड साइज़ (जंबो नहीं) में मफ़िन बनाएं या खरीदें.
आर्टिफिशियल चीज़ों से बचें: सिंथेटिक स्वीटनर, रंग या प्रिजर्वेटिव से दूर रहें, जब तक कि वे मेडिकली ज़रूरी न हों या पर्सनली ठीक न हों.
फ्रीज़र की परफॉर्मेंस टेस्ट करें: अगर खाना बना रहे हैं, तो पक्का करें कि पिघलने के बाद मफ़िन में नमी और बनावट बनी रहे.
इन बातों से बचें: ऐसे प्रोडक्ट जिनमें टॉप तीन चीज़ों में चीनी हो, नेचुरल फ्लेवर जैसे साफ शब्द न हों, या बिना फाइबर बताए लो-कार्ब का दावा किया गया हो.
सुविधा, न्यूट्रिशन की जानकारी और लाइफस्टाइल की जरूरतों के इस मेल ने प्रोटीन मफिन को खास रेसिपी आइडिया से मेनस्ट्रीम ब्रेकफ़ास्ट कंटेस्टेंट बना दिया है.
डिस्क्लेमर
यह लेख विभिन्न स्त्रोतों से ली गई जानकारी पर आधारित है. इसे देखकर ही कोई निर्णय न लें बल्कि एक्सपर्ट की सलाह लें. इंडिया न्यूज तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है. यह केवल सामान्य जानकारी से अवगत कराने के लिए है.