Wednesday, October 20, 2021
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Shahnawaz met Leather Industrialists: लेदर व फुटवेयर उद्योग के बड़े उद्योगपतियों से मिले शाहनवाज, बिहार में निवेश करने के लिए दिया न्योता

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:
Shahnawaz met Leather Industrialists: बिहार को उद्योग क्षेत्र में तेजी से आगे ले जाने के लिए की जा रही कोशिशों में सोमवार को एक और बड़ी कामयाबी मिली। टेक्सटाइल, लेदर व फुटवेयर पॉलिसी लाने से पहले इस प्रक्षेत्र के देश बड़े उद्योगपतियों से उनका सुझाव लेने और पॉलिसी को बेहद आकर्षक बनाने की कोशिशों के तहत दिल्ली में अहम बैठक हुई।

दिल्ली के ताज पैलेस होटल में देश के लेदर व फुटवेयर सेक्टर के नामी उद्योगपतियों के साथ बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन (Shahnawaz met Leather Industrialists) का विस्तृत संवाद हुआ और इसमें बिहार को लेदर व फुटवेयर निर्माण और निर्यात का हब बनाने के लिए निवेश की संभावनाओं समेत सभी संबंधित विषयों से विस्तार से चर्चा हुई।

Shahnawaz met Leather Industrialists लेदर पार्क के लिए जगह चिन्हित

बैठक में कानपुर, चेन्नई समेत देश के लेदर उद्योग के कई बड़े हब से आए उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन (Shahnawaz met Leather Industrialists) ने कहा कि लेदर व फुटवेयर उद्योग की स्थापना के लिए हमने बिहार में कई उपयुक्त जगह चिन्हित कर रखे हैं, जो कच्चे माल और कुशल कारीगरों व श्रमशक्ति की उपलब्धता के लिहाज से देश के अन्य लेदर हब को न सिर्फ टक्कर दे सकते हैं बल्कि बेहतर साबित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा (Shahnawaz met Leather Industrialists) कि लेदर पार्क के लिए किशनगंज में जगह चिन्हित की गई है जो कि इसके लिए बिहार में सबसे मुफीद जगह है। उन्होंने कहा किशनगंज से बिल्कुल सटा हुआ पश्चिम बंगाल का पंजीपाड़ा लेदर का सबसे बड़ा हब है । बिहार और बंगाल का सारा चमड़ा यही इकट्ठा होता है। बागडोगरा एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण लोकेशन के दृष्टिकोण से भी लेदर पार्क के लिए ये जगह सबसे बढ़िया है।

उन्होंने कहा किशनगंज में लेदर हब बनाने के लिए टेनरी या स्लॉटर हाउस या वाटर ट्रीटमेंट के लिए प्लांट, जिसकी भी जरूरत होगी, उसकी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बिहार लौटे मजदूरों के सर्वे में 56% टेक्सटाइल और लेदर के कुशल कारीगर निकले। इसलिए बिहार में उद्योग लगाने वालों को कुशल कारीगरों की भी कभी कमी नहीं होगी।

देश के लेदर उद्योग के बड़े कारोबारियों को संबोधित करते हुए बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन (Shahnawaz met Leather Industrialists) ने कहा कि पॉलिसी का मसौदा तैयार करने में बहुत मेहनत की गई है। हमारी टीम ने कई राज्यों की पॉलिसी का बारीकी से अध्ययन किया है और उद्योग जगत से मिले अब तक के सुझावों को भी इसमें आत्मसात किया गया है ताकि पॉलिसी आने पर बिहार में निवेश के सभी द्वार खुल जाएं और उद्योगपति राज्य में निवेश के अवसरों को किसी हाल में नजर अंदाज न कर पाएं।

उन्होंने कहा (Shahnawaz met Leather Industrialists) कि यह पहली बार हो रहा है कि कोई राज्य पॉलिसी का मसौदा फाइनल करने से पहले उद्योग जगत या सभी हित धारकों से सुझाव लेकर इसे तैयार कर रहा है। यह कोशिश सिर्फ इसलिए है पॉलिसी आने के बाद कोई असुविधा ना हो। उन्होंने कहा कि बिहार का हर बाशिंदा यहां उद्योग का वेलकम करने के लिए तैयार है और उद्योग मंत्री तो उनका ख्याल रखने के लिए हैं ही।

उन्होंने लेदर सेक्टर के देश भर के बड़े उद्योगपतियों (Shahnawaz met Leather Industrialists) से कहा कि बिहार में निवेश उनके लिए फायदे का सौदा होगा क्योंकि बिहार में वो सभी साधन मौजूद हैं जो उद्योग की सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग के लिए आधारभूत संरचना की सभी चीजें मुकम्मल हैं और इसी वजह से बिहार में उद्योग का सबसे बेहतर माहौल इस वक्त बना है।

बैठक में अल्पाइन ग्रुप के फाउंडर और काउंसिल फोर लेदर एक्सपोर्ट के चेयरमैन संजय लीखा, लेदर सेक्टर स्किल काउंसिल के चेयरमैन पी. आर. अकील अहमद, सी.एल.ई. के ई.डी. आर. सेल्वम, सीएलई के पूर्व चेयरमैन मुख्तारुल अमीन, सी.एल.ई के वाइस चेयरमैन आर के जालान समेत देश के अलग अलग हिस्सों से आए लेदर इंडस्ट्री के कई बड़े उद्योगपति शामिल हुए। बिहार के उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव बृजेश मेहरोत्रा भी उद्योग जगत के साथ अहम बैठक में मौजूद रहे।

उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन (Shahnawaz met Leather Industrialists) ने कहा बिहार में उद्योग लगाना बेहद आसान हो चुका है। हमने सिंगल विंडो क्लीयरेंस की व्यवस्था कर रखी है। कई तरह की वित्तीय प्रोत्साहन योजनाएं हैं। हम दिनों में नहीं घंटों में फैसले ले रहे हैं। उद्योगपति बिहार के हों, बिहार के बाहर के झ्र उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। बिहार का उद्योग विभाग दिन रात उद्योग की परेशानियों को दूर करने में और बिजनेस फ्रेंडली माहौल बनाने में जुटा है। इसका हमें बेहतर परिणाम भी मिला है। बिहार में बड़ी संख्या में निवेश के प्रस्ताव आए हैं और पूरी उम्मीद है कि लेदर-फुटवेयर-टेक्सटाइल पॉलिसी के बाद निवेश के बहुत से नए प्रोपोजल आएंगे।

काउंसिल फोर लेदर एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन संजय लीखा ने बिहार की प्रस्तावित लेदर-फुटलेयर-टेक्सटाइल पॉलिसी की तारीफ की । उन्होंने कहा कि लेदर और टेक्सटाइल उत्पादों के उत्पादन के नए डेस्टिनेशन के रुप में पूरी दुनिया भारत का रुख कर रही है। इस सेक्टर की सफलता अऩ्य संसाधनों के साथ श्रमिकों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। ऐसे में बिहार की पॉलिसी राज्य में निवेश को आकर्षित करने में निश्चय ही कारगर साबित होगी।

दिल्ली में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन (Shahnawaz met Leather Industrialists) ने यह जानकारी भी दी कि केंद्र सरकार के MITRA योजना के तहत प्रस्तावित 1000 एकड़ के 7 टेक्सटाइल पार्क में से एक के लिए बिहार भी बिड करेगा। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का मार्गदर्शन के साथ है। उन्होंने हजार एकड़ के टेक्सटाइल पार्क के लिए बिड करने की हरी झंडी उन्हें दी है। बिहार में हजार एकड़ में टैक्सटाइल पार्क के लिए जमीन की व्यवस्था भी हो जाएगी।

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