नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) बुधवार, 25 मार्च को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के सभी टीम कप्तानों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहा है. यह बैठक शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक होगी, जिसमें आगामी सीजन के लिए कई नए नियमों और बदलावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. आइए जानते हैं इसमें किस किस बात पर चर्चा होगी?
इस बैठक में खास तौर पर 60-सेकंड क्लॉक, इम्पैक्ट प्लेयर नियम, कन्कशन सब्स्टीट्यूट और कोड ऑफ कंडक्ट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात होगी. हालांकि, सबसे ज्यादा ध्यान टू-बाउंसर नियम, बैट चेक, बॉल रिप्लेसमेंट, सलाइवा के उपयोग और रिटायर्ड-आउट प्रावधान जैसे विषयों पर रहेगा.
किन बातों पर चर्चा होगी?
1. बॉल रिप्लेसमेंट (गेंद बदलने का नियम): अगर गेंद खराब हो जाती है या खो जाती है, तो उसे बदला जाएगा. दूसरी पारी में (जब दूसरी टीम बैटिंग करती है), 10वें ओवर के बाद कप्तान एक बार गेंद बदलने की मांग कर सकता है.
2. टू-बाउंसर नियम: एक ओवर में कितनी बाउंसर फेंकी जा सकती हैं, इस पर बात होगी.
3. इम्पैक्ट प्लेयर नियम: मैच के बीच में एक खिलाड़ी को बदला जा सकता है (जैसे नया खिलाड़ी लाना).
4. कन्कशन सब्स्टीट्यूट: अगर किसी खिलाड़ी के सिर में चोट लगती है, तो उसकी जगह दूसरा खिलाड़ी खेल सकता है.
5. 60 सेकेंड क्लॉक: ओवर जल्दी खत्म करने के लिए गेंदबाज़ को 60 सेकंड के अंदर अगला बॉल डालना होगा.
जवागल श्रीनाथ और नितिन मेनन रहेंगे मौजूद
BCCI द्वारा फ्रेंचाइज़ियों को भेजे गए कम्युनिकेशन के अनुसार, मैच रेफरी और अंपायर पैनल के प्रमुख जवागल श्रीनाथ और नितिन मेनन कप्तानों को नए नियमों की पूरी जानकारी देंगे और उनके सवालों का जवाब भी देंगे.नए सीजन में बॉल रिप्लेसमेंट नियम में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है. अगर गेंद खो जाती है या खेलने लायक नहीं रहती, तो अंपायर उसे उसी तरह की नई गेंद से बदलेंगे. दूसरी पारी में, गेंदबाजी करने वाली टीम को 10वें ओवर के बाद एक बार गेंद बदलने का अधिकार मिलेगा, जिसे कप्तान अनुरोध करके लागू कर सकता है. यह सुविधा केवल एक बार ही मिलेगी, चाहे मैदान पर ड्यू (Dew) की स्थिति हो या नहीं.