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Home > क्रिकेट > क्रिकेट का बदल गया रूल, मैदान पर होगी 12वें खिलाड़ी की एंट्री? पवेलियन नहीं आउट होने पर सीधे जाएंगे घर!

क्रिकेट का बदल गया रूल, मैदान पर होगी 12वें खिलाड़ी की एंट्री? पवेलियन नहीं आउट होने पर सीधे जाएंगे घर!

BBL: इस नियम को क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों को लीग में लंबे समय तक खेलने के लिए बनाया गया है. ताकि विस्फोटक बल्लेबाज फील्डिंग करते समय चोटिल ना हों और लीग में ज्यादा समय तक बने रहें.

Written By: Divyanshi Singh
Last Updated: January 16, 2026 14:36:32 IST

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BBL New Rule: ऑस्ट्रेलिया में टी20 लीग बिग बैश (BBL) चल रहा है. जिसमे कई बड़े दिग्गज छक्कें और चौकों की बरसात करते हुए दिखाई दे रहे हैं. वहीं BBL 2026-27 सीजन से एक अनोखा नियम लागू करने जा रहा है. इस नियम के तहत टीमों को एक ‘Designated hitter’ यानी सिर्फ बल्लेबाजी करने वाला खिलाड़ी और ‘Designated Fielder’ यानी सिर्फ सिर्फ फील्डिंग करने वाला खिलाड़ी चुनने की अनुमति होगी. 

इस नियम को क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों को लीग में लंबे समय तक खेलने के लिए बनाया गया है. ताकि विस्फोटक बल्लेबाज फील्डिंग करते समय चोटिल ना हों और लीग में ज्यादा समय तक बने रहें. इस न‍ियम को बेसबॉल से लिया गया है. 

ज्यादा उम्र के खिलाड़ियों को होगा फायदा

BBL में इस नियम के बदलाव की वजह से दिग्गज बल्लेबाज क्रिस लिन मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ी लीग में लंबे समय तक बने रह सकते हैं. खिलाड़ियों के उम्र के साथ उनके चोटिल होने का खतरा भी बढ़ता जाता है इसलिए यह नियम बल्लेबाजों के करियर को बढ़ाने में बेहद अहम भूमिका निभाएगा.

टेस्ट प्लेयर्स को अट्रैक्ट करने की कोशिश

BBL लीडर्स को उम्मीद है कि यह रूल ट्रैविस हेड जैसे थके हुए टेस्ट प्लेयर्स को लीग में खेलने के लिए बढ़ावा देगा. हेड ने हाल ही में एशेज सीरीज़ में शानदार परफॉर्म किया था, लेकिन वह मौजूदा BBL सीज़न में हिस्सा नहीं ले रहे हैं.

रिकी पोंटिंग ने नए रूल का सपोर्ट किया

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लेजेंड रिकी पोंटिंग ने इस रूल को एक समझदारी भरा कदम बताया. उन्होंने कहा, “कुछ प्लेयर्स अपने करियर के उस स्टेज पर होते हैं जब वे फील्डिंग में ज़्यादा इम्पैक्ट नहीं डाल पाते. उन्हें चोट लगने का भी रिस्क रहता है. अगर यह रूल उन्हें खेलने में मदद करता है, तो यह शानदार है.”

डेसिग्नेटेड बैटर-फील्डर रूल क्या है?

डेसिग्नेटेड बैटर और डेसिग्नेटेड फील्डर दोनों को बॉलिंग करने की परमिशन नहीं होगी. हालांकि, डेसिग्नेटेड फील्डर विकेटकीपर बन सकता है. अगर कोई टीम इस रूल का इस्तेमाल नहीं करना चाहती है, तो वह नॉर्मल प्लेइंग XI के साथ खेल सकती है.

यह टूर्नामेंट में एक नया ट्विस्ट लाएगा-ग्लेन मैक्सवेल

मेलबर्न स्टार्स के ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने इस रूल के बारे में कहा, “यह टूर्नामेंट में एक नया ट्विस्ट लाएगा. यह देखना इंटरेस्टिंग होगा कि टीमें इसका इस्तेमाल कैसे करती हैं.” BBL कंसल्टेंट ट्रेंट वुडहिल ने कहा कि यह नियम टीमों की स्ट्रेटेजी में एक नई लेयर जोड़ेगा. उन्होंने कहा कि इस नियम को दुनिया भर के खिलाड़ियों से पॉजिटिव फीडबैक मिला है और इससे अगले सीजन में BBL में और बड़े नाम जुड़ सकते हैं. फिलहाल, यह नियम विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) में लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन भविष्य में इस पर विचार किया जाएगा.

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क्रिकेट का बदल गया रूल, मैदान पर होगी 12वें खिलाड़ी की एंट्री? पवेलियन नहीं आउट होने पर सीधे जाएंगे घर!

BBL: इस नियम को क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों को लीग में लंबे समय तक खेलने के लिए बनाया गया है. ताकि विस्फोटक बल्लेबाज फील्डिंग करते समय चोटिल ना हों और लीग में ज्यादा समय तक बने रहें.

Written By: Divyanshi Singh
Last Updated: January 16, 2026 14:36:32 IST

BBL New Rule: ऑस्ट्रेलिया में टी20 लीग बिग बैश (BBL) चल रहा है. जिसमे कई बड़े दिग्गज छक्कें और चौकों की बरसात करते हुए दिखाई दे रहे हैं. वहीं BBL 2026-27 सीजन से एक अनोखा नियम लागू करने जा रहा है. इस नियम के तहत टीमों को एक ‘Designated hitter’ यानी सिर्फ बल्लेबाजी करने वाला खिलाड़ी और ‘Designated Fielder’ यानी सिर्फ सिर्फ फील्डिंग करने वाला खिलाड़ी चुनने की अनुमति होगी. 

इस नियम को क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों को लीग में लंबे समय तक खेलने के लिए बनाया गया है. ताकि विस्फोटक बल्लेबाज फील्डिंग करते समय चोटिल ना हों और लीग में ज्यादा समय तक बने रहें. इस न‍ियम को बेसबॉल से लिया गया है. 

ज्यादा उम्र के खिलाड़ियों को होगा फायदा

BBL में इस नियम के बदलाव की वजह से दिग्गज बल्लेबाज क्रिस लिन मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ी लीग में लंबे समय तक बने रह सकते हैं. खिलाड़ियों के उम्र के साथ उनके चोटिल होने का खतरा भी बढ़ता जाता है इसलिए यह नियम बल्लेबाजों के करियर को बढ़ाने में बेहद अहम भूमिका निभाएगा.

टेस्ट प्लेयर्स को अट्रैक्ट करने की कोशिश

BBL लीडर्स को उम्मीद है कि यह रूल ट्रैविस हेड जैसे थके हुए टेस्ट प्लेयर्स को लीग में खेलने के लिए बढ़ावा देगा. हेड ने हाल ही में एशेज सीरीज़ में शानदार परफॉर्म किया था, लेकिन वह मौजूदा BBL सीज़न में हिस्सा नहीं ले रहे हैं.

रिकी पोंटिंग ने नए रूल का सपोर्ट किया

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लेजेंड रिकी पोंटिंग ने इस रूल को एक समझदारी भरा कदम बताया. उन्होंने कहा, “कुछ प्लेयर्स अपने करियर के उस स्टेज पर होते हैं जब वे फील्डिंग में ज़्यादा इम्पैक्ट नहीं डाल पाते. उन्हें चोट लगने का भी रिस्क रहता है. अगर यह रूल उन्हें खेलने में मदद करता है, तो यह शानदार है.”

डेसिग्नेटेड बैटर-फील्डर रूल क्या है?

डेसिग्नेटेड बैटर और डेसिग्नेटेड फील्डर दोनों को बॉलिंग करने की परमिशन नहीं होगी. हालांकि, डेसिग्नेटेड फील्डर विकेटकीपर बन सकता है. अगर कोई टीम इस रूल का इस्तेमाल नहीं करना चाहती है, तो वह नॉर्मल प्लेइंग XI के साथ खेल सकती है.

यह टूर्नामेंट में एक नया ट्विस्ट लाएगा-ग्लेन मैक्सवेल

मेलबर्न स्टार्स के ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने इस रूल के बारे में कहा, “यह टूर्नामेंट में एक नया ट्विस्ट लाएगा. यह देखना इंटरेस्टिंग होगा कि टीमें इसका इस्तेमाल कैसे करती हैं.” BBL कंसल्टेंट ट्रेंट वुडहिल ने कहा कि यह नियम टीमों की स्ट्रेटेजी में एक नई लेयर जोड़ेगा. उन्होंने कहा कि इस नियम को दुनिया भर के खिलाड़ियों से पॉजिटिव फीडबैक मिला है और इससे अगले सीजन में BBL में और बड़े नाम जुड़ सकते हैं. फिलहाल, यह नियम विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) में लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन भविष्य में इस पर विचार किया जाएगा.

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