Blessing Muzarabani Inspiring Story: जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के नए सीजन में खेलते नजर आएंगे. कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम ने IPL 2026 के लिए ब्लेसिंग मुजरबानी को मुस्तफिजुर रहमान के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया है. 29 वर्षीय तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन किया था. टी20 विश्व कप में मुजरबानी 6 मैचों में 7.88 की इकॉनमी से 13 विकेट चटकाए थे. ब्लेसिंग मुजरबानी की इस घातक गेंदबाजी की बदौलत जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर पाई थी.
अब मुजरबानी आईपीएल में बल्लेबाजों पर अपना कहर बरपाने के लिए KKR की जर्सी में मैदान पर उतरेंगे. ब्लेसिंग मुजरबानी की हाइट 6 फीट 8 इंच है, जो उनकी तेज गेंदबाजी को और भी ज्यादा धारदार बनाती है. टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के बाद ब्लेसिंग मुजरबानी को ग्लोबल लेवल पर बड़ी पहचान मिली. हालांकि उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए बहुत सी मुश्किलों का सामना किया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि ब्लसिंग मुजरबानी के संघर्ष की अनसुनी कहानी…
8 साल की उम्र में अनाथ
ब्लेसिंग मुजरबानी का बचपन संघर्ष से भरा रहा था. जिम्बाब्वे के हरारे में जन्मे ब्लेसिंग मुजरबानी ने बचपन में ही अपने मां-बाप को खो दिया. उन्होंने सिर्फ 7 साल की उम्र में ही क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन कर ली थी, लेकिन 8 साल की उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया. इतनी छोटी से उम्र में अनाथ होने के बाद मुजरबानी की दादी ने उनका पालन पोषण किया. दादी ने मुजरबानी को क्रिकेट खेलने के लिए पूरा सपोर्ट किया और उनके इस सपने को पूरा करने में बड़ा योगदान दिया. ब्लेसिंग मुजरबानी का परिवार गरीबी में जी रहा था. एक समय ऐसा भी था जब मुजरबानी के पास क्रिकेट प्रैक्टिस करने के लिए जूते भी नहीं थे. वह नंगे पैर ही प्रैक्टिस किया करते थे. शुरुआत में ब्लेसिंग मुजरबानी सिर्फ अपने शौक के लिए क्रिकेट खेलते थे, लेकिन जब वे 18 साल के हुए तो उनकी हाइट 6 फीट से ज्यादा हो गई थी. इससे उनकी गेंदबाजों में अलग ही धार नजर आने लगी, क्योंकि उन्हें ज्यादा बाउंस मिलता था.
कैसे बदला ब्लेसिंग मुजरबानी का करियर?
साल 2017 में ब्लेसिंग मुजरबानी का करियर पूरी तरह बदल गया. जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान ततेंदा तायबू ने राइजिंग स्टार एकेडमी के लिए ब्लेसिंग मुजरबानी को सेलेक्ट किया. ब्लेसिंग मुजरबानी को इंग्लैंड दौरे पर भेजा गया, जो उनकी लाइफ का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ. साल 2018 में मुजरबानी ने नॉर्थ्म्प्टनशर के साथ कोलपैक डील साइन किया. जिम्बाब्वे क्रिकेट की आर्थिक स्थिति खराब होने और टीम के वर्ल्ड कप में क्वालीफाई न कर पाने के चलते ब्लेसिंग मुजरबानी ने काउंटी क्रिकेट खेलने का फैसला किया. हालांकि साल 2020 में नियमों में बदलाव होने के कारण उन्हें वापस जिम्बाब्वे लौटना पड़ा. फिर जिम्बाब्वे की टीम में फिर से ब्लेसिंग मुजरबानी को जगह मिली और उन्होंने शानदार वापसी की. पिछले साल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने ब्लेसिंग मुजरबानी को अपनी टीम में शामिल किया था, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला था. अब केकेआर की टीम में मुजरबानी को जगह मिली है.
ब्लेसिंग मुजरबानी का करियर
तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने साल 2017 में जिम्बाब्वे के लिए टेस्ट डेब्यू किया. इसके बाद उन्हें वनडे और टी20 इंटरनेशनल टीम में भी जगह मिली. ब्लेसिंग मुजरबानी ने 18 टेस्ट मैचों में 67 विकेट चटकाए हैं. इसके अलावा वनडे में मुजरबानी के नाम 57 मैचों में 70 विकेट दर्ज हैं. टी20 इंटरनेशनल करियर की बात करें, तो ब्लेसिंग मुजरबानी ने 89 मैचों में 7.24 की इकॉनमी रेट से 106 विकेट चटकाए हैं.