Sunil Gavaskar’s Sister turning cricketing friendship into a family bond: यह क्रिकेट के इतिहास की सबसे खूबसूरत प्रेम कहानियों में से एक है, जहां खेल के मैदान पर शुरू हुई दोस्ती एक गहरे पारिवारिक रिश्ते में पूरी तरह से बदल गई. दरअसल, यह कहानी है भारतीय बल्लेबाजी के दिग्गज गुंडप्पा विश्वनाथ (Gundappa Viswanath) और महान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) की बहन कविता गावस्कर की.
मैदान की दोस्ती और 1971 का ऐतिहासिक दौरा
भारतीय क्रिकेट के लिए साल 1971 मील का पत्थर साबित हुआ था. जब अजीत वाडेकर की कप्तानी में भारत ने वेस्ट इंडीज को उन्हीं की धरती पर बुरी तरह से मात दी थी. इस दौरे में सुनील गावस्कर एक उभरते हुए क्रिकेट सितारे थे. तो वहीं दूसरी तरफ गुंडप्पा विश्वनाथ अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए विश्वभर में जाने जाते थे. देखते ही देखते दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई, लेकिन तब तक विश्वनाथ को यह नहीं पता था कि यह दोस्ती उन्हें गावस्कर परिवार का दामाद बना देगी.
कैसे शुरू हुई दोनों की सफलता की प्रेम कहानी?
सुनील गावस्कर और गुंडप्पा विश्वनाथ की बॉन्डिंग इतनी जबरदस्त थी कि गावस्कर ज्यादातर विश्वनाथ को अपने मुंबई स्थित घर पर बुलाया करते थे. इतना ही नहीं, उसी दौरान विश्वनाथ की मुलाकात सुनील की छोटी बहन कविता से हुई. मुलाकातों के सिलसिले के दौरान विश्वनाथ का शांत और सौम्य स्वभाव कविता को सबसे ज्यादा पसंद आया. तो वहीं, दूसरी तरफ सुनील गावस्कर ने न केवल इस रिश्ते को अपनी मंजूरी दी, बल्कि वे खुद चाहते थे कि उनके सबसे अच्छे दोस्त उनके जीजा बन जाएं.
आखिरकार, दोस्ती परिवार में पूरी तरह से परिवार में बदल ही गई. क्रिकेट की यह दोस्ती साल 1971 के सफल दौरे के कुछ समय बाद आधिकारिक रिश्ते में बदली और गुंडप्पा विश्वनाथ ने कविता गावस्कर से शादी कर ली.
क्रिकेट की ‘रॉयल’ जोड़ी ने खींचा सभी का ध्यान
इस रिश्ते ने भारतीय क्रिकेट को दो महानतम बल्लेबाज दिए जो अब एक ही परिवार का हिस्सा बन चुके थे. मैदान पर जब ये दोनों बल्लेबाजी करते थे, तो भारतीय टीम अपराजेय लगती थी. इसके अलावा यह जोड़ी न सिर्फ रन बनाने के लिए जानी जाती थी, बल्कि उनके बीच का आपसी सम्मान आज भी युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल है.