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13 साल पहले भारतीय क्रिकेटर के पिता हो गए थे सस्पेंड, CM के आदेश से वापस मिली नौकरी

क्रांति गौड़ के पिता कुछ साल पहले सस्पेंड हो गए थे. लेकिन अब उनकी ज्वाइनिंग दोबारा हो गई है. परिवार को इतने साल तक काफी मुसीबत का सामना करना पड़ा था.

Written By: Satyam Sengar
Last Updated: 2026-01-07 18:01:36

नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर क्रांति गौड़ (Kranti Goud) ने न केवल वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि अपने परिवार के जीवन की दिशा भी बदल दी. कई बार परिस्थितियों ने उन्हें हार मानने के लिए मजबूर किया, लेकिन उनका संकल्प रंग लाया. एक ऐसी ही कहानी सामने आई है जब क्रांति ने अपने दम पर अपने पिता का सस्पेंशन हटवाया.
साल 2012 के दौरान क्रांति के पिता मुन्ना सिंह एमपी पुलिस में थे उस दौरान उनकी ड्यूटी इलेक्शन में लगी थी. लेकिन  चुनाव ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया. यह फैसला परिवार के लिए गहरा आघात साबित हुआ. इसके बाद लंबी कानूनी लड़ाई और वर्षों तक चला संघर्ष शुरू हुआ, लेकिन परिवार ने हालात के आगे घुटने नहीं टेके.

मुख्यमंत्री ने किया निलंबन निरस्त

क्रांति की सफलता ने न केवल उनके परिवार को गर्व का क्षण दिया, बल्कि उनके गांव और पूरे प्रदेश का नाम भी रोशन किया. जैसे-जैसे उनका क्रिकेट करियर आगे बढ़ा, उनके पिता का वर्षों से लंबित मामला भी दोबारा चर्चा में आया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आदेश के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच की और 13 साल बाद निलंबन आदेश निरस्त कर उन्हें पुनः सेवा में बहाल कर दिया.

क्रांति का करियर

बता दें कि मेहनत और लगन के दम पर क्रांति ने एक-एक पड़ाव पार किया और फिर भारतीय महिला क्रिकेट टीम में स्थान हासिल किया. क्रांति के इंटरनेशनल करियर की बात करें तो 15 वनडे और 4 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं. जिसमें उन्होंने क्रमश: 23 और 2 विकेट अपने नाम किए हैं.  बल्ले से उन्होंने वनडे में कुल 23 रन ही बनाए हैं. 

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