T20 World Cup 2026: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की 76 रनों की शर्मनाक हार के बाद पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत का गुस्सा फूट पड़ा है. अहमदाबाद में खेले गए इस मैच में 188 रनों का पीछा करते हुए भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई और 19वें ओवर में महज 111 रनों पर सिमट गई. श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर टीम इंडिया के बल्लेबाजी क्रम और खिलाड़ियों के रवैये की जमकर क्लास लगाई. उनके विश्लेषण के मुख्य बिंदु कुछ इस तरह हैं.
गैर-जिम्मेदाराना शुरुआत पर भड़के
श्रीकांत ने सलामी बल्लेबाज ईशान किशन को आड़े हाथों लिया, जो खाता खोले बिना ही एडेन मार्करम की पार्ट-टाइम स्पिन पर आउट हो गए. उन्होंने कहा ‘ईशान किशन पिछली गेंद पर मिड-ऑन पर कैच होते-होते बचे, फिर भी अगली ही गेंद पर स्लोग (हवाई शॉट) खेलने चले गए. इसकी क्या जरूरत थी? रिंकू सिंह भी आईसीसी इवेंट्स में दहाई का आंकड़ा नहीं छू पा रहे हैं. द्विपक्षीय सीरीज और आईसीसी टूर्नामेंट के दबाव में जमीन-आसमान का अंतर होता है.’
बैटिंग ऑर्डर और ‘लेफ्ट-राइट’ कॉम्बिनेशन पर सवाल
श्रीकांत ने सूर्यकुमार यादव के नंबर-4 पर आने के फैसले को गलत बताया. उन्होंने तर्क दिया कि जब टीम 5 रन पर 2 विकेट खो चुकी थी, तब सूर्या को नंबर-3 पर आकर जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी. श्रीकांत ने कहा कि ‘बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाज’ के चक्कर में टीम का कबाड़ा हो गया. इसी वजह से हार्दिक पांड्या जैसे मैच विनर को नंबर-7 पर धकेला गया, जो बिल्कुल समझ से परे था. जब टीम 26/3 के स्कोर पर संघर्ष कर रही थी, तब वॉशिंगटन सुंदर को नंबर-5 पर भेजना श्रीकांत को “मूर्खतापूर्ण” लगा. सुंदर ने 11 गेंदों में सिर्फ 11 रन बनाए, जिससे रन रेट का दबाव बढ़ता चला गया.
हार्दिक और दुबे पर राय
हार्दिक पांड्या (18 रन) को नंबर-7 पर भेजने को उन्होंने ‘अपमानजनक’ फैसला बताया। वहीं, शिवम दुबे की 42 रनों की पारी पर श्रीकांत ने कहा कि ये रन तब आए जब मैच हाथ से निकल चुका था. उन्होंने इसे ‘एम्प्टी कैलोरीज’ (बेकार के रन) करार दिया, क्योंकि इससे टीम की हार का अंतर तो कम हुआ पर जीत की कोई उम्मीद नहीं जगी. श्रीकांत ने चेतावनी दी कि इस हार का मानसिक असर खिलाड़ियों पर लंबा रहेगा. पूरे टूर्नामेंट में भारतीय बल्लेबाजी किसी एक या दो खिलाड़ी के भरोसे रही है, और जब वे फेल हुए तो पूरी टीम बिखर गई.