नई दिल्ली. टी20 क्रिकेट की शुरुआत एक छोटे से प्रयोग के रूप में हुई थी, लेकिन आज यह दुनिया भर में क्रिकेट का सबसे पसंदीदा फॉर्मेट बन चुका है. इसने न सिर्फ मैच का समय कम किया, बल्कि क्रिकेट को देखने और खेलने का तरीका भी पूरी तरह बदल दिया है. आज हम जानेंगे कि टी20 क्रिकेट की शुरुआत आखिर कैसे हुई और इसे क्यों इतना पसंद किया जाने लगा. आज टी20 क्रिकेट वनडे और टेस्ट क्रिकेट से ज्यादा खेला जा रहा है.
2000 के आसपास इंग्लैंड में क्रिकेट को लेकर लोगों की दिलचस्पी कम होने लगी थी. लंबे मैचों से दर्शक ऊब रहे थे, खासकर युवा फैंस. इसी वजह से साल 2003 में इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने 20 ओवर का नया फॉर्मेट शुरू किया. शुरुआत में कई लोगों को यह पसंद नहीं आया, लेकिन स्टेडियम में बढ़ती भीड़ ने साबित कर दिया कि यह फैसला सही था. धीरे-धीरे यह फॉर्मेट इंग्लैंड से बाहर निकला और पूरी दुनिया में फैल गया.
ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड के बीच खेला गया पहला टी20 इंटरनेशनल
साल 2005 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला गया. तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह फॉर्मेट इतना बड़ा बन जाएगा. इसे देखने के लिए कई लोग आए थे और आईसीसी को लगा कि अगर हम इसे बड़े पैमानी पर भी आयजोति करें तो दर्शकों को यह काफी पसंद आएगा.
2007 ने बदल दी तस्वीर
टी20 क्रिकेट को असली पहचान साल 2007 में मिली, जब पहला टी20 वर्ल्ड कप खेला गया. इसमें भारत की युवा टीम ने सभी को चौंकाते हुए खिताब जीत लिया. युवराज सिंह के लगातार छह छक्के और पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक फाइनल ने टी20 को हर घर तक पहुंचा दिया. बस तभी से टी20 गेम लोगों का पसंदीदी फॉर्मेट बन गया. टी20 वर्ल्ड कप के बाद दुनिया भर में लीग क्रिकेट शुरू हो गया. साल 2008 में आईपीएल आया और क्रिकेट पूरी तरह बदल गया.
टी20 वर्ल्ड कप की विजेता टीमें:
2007 – भारत
2009 – पाकिस्तान
2010 – इंग्लैंड
2012 – वेस्टइंडीज
2014 – श्रीलंका
2016 – वेस्टइंडीज
2021 – ऑस्ट्रेलिया
2022 – इंग्लैंड
2024 – भारत
2026- 7 फरवरी से खेला जाएगा