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तेंदुलकर के 100 शतक से मुरलीधरन के 800 विकेट तक… क्रिकेट इतिहास के 5 ऐसे रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ना नामुमकिन!

सचिन तेंदुलकर के 100 शतक, मुरलीधरन के 800 विकेट से लेकर ब्रायन लारा के 400 रन तक, जानिए क्रिकेट इतिहास के 5 ऐसे रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ पाना आज भी लगभग नामुमकिन माना जाता है.

Written By: Satyam Sengar
Last Updated: 2026-01-28 22:07:48

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क्रिकेट के खेल में हर दौर में नए सितारे आते हैं और पुराने रिकॉर्ड टूटते रहते हैं, लेकिन कुछ उपलब्धियां ऐसी होती हैं जो समय के साथ और भी बड़ी लगने लगती हैं. दुनिया भर के तमाम दिग्गज खिलाड़ी कोशिश करते हैं, फिर भी कुछ रिकॉर्ड आज भी अटूट दीवार की तरह खड़े हैं. आइए जानते हैं क्रिकेट इतिहास के पांच ऐसे कारनामों के बारे में, जिन्हें तोड़ पाना लगभग असंभव माना जाता है.

तेंदुलकर के 100 शतक
सबसे पहला नाम आता है सचिन तेंदुलकर का. मास्टर ब्लास्टर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक जड़कर ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसकी कल्पना भी करना मुश्किल है. तीनों फॉर्मेट में लंबे समय तक फिट रहकर इतनी निरंतरता बनाए रखना हर किसी के बस की बात नहीं.

मुरलीधरन के 800 विकेट
गेंदबाजी में मुथैया मुरलीधरन का रिकॉर्ड भी किसी पहाड़ से कम नहीं है. श्रीलंका के इस स्पिनर ने टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट चटकाए. आज के समय में जहां गेंदबाजों का करियर छोटा होता जा रहा है, वहां इस आंकड़े तक पहुंचना सपना जैसा लगता है.

लारा के 400 रन
ब्रायन लारा ने टेस्ट क्रिकेट में 400 रन की नाबाद पारी खेलकर इतिहास रच दिया था. आधुनिक दौर की तेज रफ्तार क्रिकेट में किसी बल्लेबाज का इतने लंबे समय तक टिककर खेलना बेहद कठिन हो चुका है. ज्यादातर खिलाड़ी 200 रन आसानी से बना लेते हैं लेकिन 400 रन बनाना मुश्किल हो सकता है.

जिम लेकर के 19 विकेट
इंग्लैंड के जिम लेकर ने एक ही टेस्ट मैच में 19 विकेट लेकर कमाल कर दिया था. मौजूदा दौर में जहां कई गेंदबाज मिलकर विकेट लेते हैं, वहां अकेले इतना बड़ा प्रदर्शन दोहराना लगभग नामुमकिन है. 20 में से 19 विकेट चटकाना सच में अविश्वसनीय है.

रोहित शर्मा के 3 दोहरे शतक
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का वनडे में तीन दोहरे शतक लगाना भी किसी चमत्कार से कम नहीं. एक डबल सेंचुरी ही दुर्लभ होती है, लेकिन तीन बार यह कारनामा करना उनकी काबिलियत दिखाता है.  ये रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की अमर कहानियां हैं, जिन्हें शायद आने वाले सालों में भी कोई छू न सके.

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