भारत को साल 2011 का विश्व कप जिताने वाले कोच गैरी किर्स्टन अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2024 तक पाकिस्तान मेंस टीम के कोच के रूप में काम किया, लेकिन उनका यह कार्यकाल बहुत छोटा रहा. अक्टूबर में उन्होंने कोच पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि टीम चयन, कप्तान चुनने और बाहरी दखल जैसी बातों पर PCB से उनकी राय नहीं मिल रही थी. एक बड़ी वजह यह भी थी कि पीसीबी ने मोहम्मद रिजवान को पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम का कप्तान बना दिया, जबकि किर्स्टन इस फैसले से खुश नहीं थे.
गैरी ने एक इंटरव्यू में कहा,” मुझे सबसे ज़्यादा हैरानी इस बात से हुई कि बाहर से बहुत ज़्यादा दखल दिया जा रहा था. मैंने पहले कभी इतना ज़्यादा दखल नहीं देखा. पता नहीं, यह मुझे हैरान करना चाहिए था या नहीं, लेकिन यह बहुत ज़्यादा था. एक कोच के लिए यह बहुत मुश्किल होता है कि वह खिलाड़ियों के साथ ठीक से काम कर पाए, अगर बाहर से लगातार लोग बीच में बोलते रहें और दबाव बनाते रहें. यह सच में मुश्किल था, हर समय बाहर का शोर और खराब खेल पर सज़ा जैसी बातें.”
कोच पर हमेशा सवाल उठे
उन्होंने कहा, ” जब टीम अच्छा नहीं खेलती, तो सबसे पहले कोच को ही ज़िम्मेदार मान लिया जाता है. लोग सोचते हैं कि “कोच को हटा दो” या “कोच पर रोक लगा दो,” क्योंकि यह सबसे आसान तरीका लगता है. लेकिन ऐसा करना सही नहीं है. अगर कोच ही नहीं रखना था, तो फिर उसे रखा ही क्यों गया?
किर्स्टन बने श्रीलंका के कोच
बता दें कि गैरी किर्स्टन को हाल ही में श्रीलंका मेंस क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनाया गया है. वह 15 अप्रैल से अपना काम शुरू करेंगे. इससे पहले वह नामीबिया क्रिकेट टीम के सलाहकार थे, जिसने 2026 टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था. वह 14 अप्रैल 2028 तक श्रीलंका के मुख्य कोच बने रहेंगे और 2027 के ODI वर्ल्ड कप की तैयारी में टीम को तैयार करने की जिम्मेदारी संभालेंगे. यह वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा.