Gautam Gambhir: टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा कि ये सभी बकवास की बातें है कि ड्रेसिंग रूम का माहौल अच्छा नहीं है. भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल छिपा नहीं है क्योंकि मीडिया की नजरें हमेशा उस पर टिकी रहती हैं.
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर दिल्ली हाई कोर्ट.
Gautam Gambhir: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में भारत ने ऐतिहासिक जीत हासिल करके कई बड़े रिकॉर्ड बना दिए हैं. इसी के साथ टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर भी ऐसे पहले भारतीय कोच बन गए हैं, जिनके अंडर भारत ने 2 आईसीसी खिताब जीता है. पिछले साल गौतम गंभीर की कोचिंग के अंडर भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब हासिल किया था. अब भारत ने टी20 वर्ल्ड की ट्रॉफी भी जीत ली है. भारतीय टीम की इस बड़ी जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है. इसी बीच हेड कोच गौतम गंभीर का बड़ा बयान सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है. दरअसल, पिछले कुछ समय में ऐसी रिपोर्ट्स आ रही थीं कि भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है.
गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के कार्यकाल में कई बड़े खिलाड़ियों ने रिटायरमेंट ले लिया, जिसके लिए बहुत से लोगों ने हेड कोच को जिम्मेदार ठहराया. अब टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद गौतम गंभीर ने ट्रोलर्स को इस पर जवाब दिया है. गंभीर ने कहा, ‘मेरी सोच सीधी-सादी है. अगर टीम के ज्यादातर सदस्य मुझसे खुश नहीं हैं, तो मेरे ड्रेसिंग रूम में रहने का कोई मतलब नहीं. अगर ज्यादातर सदस्य खुश हैं, तो मैं सही काम कर रहा हूं. गंभीर ने कहा कि अगर आप ईमानदारी से रिपोर्टिंग करेंगे, तो आपको पता चल जाएगा कि टीम का माहौल कैसा है.
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद इंडिया टुडे से बात की. इस दौरान गंभीर ने कहा कि भारतीय टीम का माहौल किसी से छिपा नहीं रह सकता, क्योंकि उस पर बहुत ज्यादा नजर रखी जाती है. मीडिया की नजरें उस पर टिकी रहती हैं. उन्होंने कहा कि ये सब बेकार की बातें हैं, जब कहा जाता है कि टीम (Team India) के ड्रेसिंग रूम का माहौल अच्छा नहीं है. गंभीर ने आगे कहा, ‘अगर आप हमें ट्रेवल से लेकर प्रैक्टिस सेशन और खिलाड़ियों के इंटरव्यू तक करीब से फॉलो करेंगे, तो आपको पता चलेगा कि टीम का माहौल कैसा है.’
गौतम गंभीर ने इंटरव्यू के दौरान खिलाड़ियों के सेलेक्शन पर भी बात की. गंभीर ने कहा कि खिलाड़ियों का सेलेक्शन भरोसे के आधार पर किया जाता है न कि उम्मीद पर. अगर आप किसी खिलाड़ी का सेलेक्शन भरोसे के साथ करते हैं, तो 4-5 मैचों के बाद आप वह भरोसा नहीं खो सकते हैं. वहीं, अगर आप किसी खिलाड़ी को उम्मीद के आधार पर सेलेक्ट करते हैं, तो आप उस उम्मीद को जल्दी खो सकते हैं. गंभीर ने कहा कि उन्हें ड्रेसिंग रूम में मौजूद 15 खिलाड़ियों में से सभी पर भरोसा है. टूर्नामेंट के किसी भी स्टेज में जब भी उन्हें मौका मिलेगा, तो वो टीम के लिए परफॉर्म करेंगे.
गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने व्हाइट बॉल क्रिकेट में अपना दबदबा कायम रखा है. हालांकि टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. भारत को न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. इसके चलते गौतम गंभीर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल भी किया गया.
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