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नई दिल्ली. एआई तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने अपनी छवि का गलत इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. मामला उन डीपफेक वीडियो और फर्जी डिजिटल कंटेंट से जुड़ा है, जिनमें उनकी पहचान का इस्तेमाल बिना अनुमति किया जा रहा है.
गौतम गंभीर ने कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके नाम और चेहरे का उपयोग कर भ्रामक वीडियो बनाए जा रहे हैं. इन वीडियो के जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है. उन्होंने अदालत से अपील की है कि ऐसे कंटेंट को तुरंत हटाने के निर्देश दिए जाएं.
याचिका में क्या कहा गया?
याचिका में यह भी कहा गया है कि जिन अकाउंट्स और प्लेटफॉर्म्स के जरिए इस तरह का कंटेंट फैलाया जा रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. गंभीर का मानना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं. हाल में ईरान-इजरायल युद्द के बीच भी सोशल मीडिया पर कई एआई वीडियो से लोगों तक फेक न्यूज पहुंचानी की भी कोशिश की गई.
कोर्ट क्या रुख अपनाएगी?
कोर्ट से उन्होंने यह भी मांग की है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस तय की जाएं, ताकि किसी भी व्यक्ति की पहचान का गलत इस्तेमाल न हो सके. यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के समय में डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग तेजी से बढ़ा है और कई बड़ी हस्तियां इसका शिकार हो चुकी हैं. गौतम गंभीर का यह कदम डिजिटल दुनिया में जिम्मेदारी और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है.