Gautam Gambhir on Sanju Samson: टी20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ बड़े मुकाबले में संजू सैमसन ने 97 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली. इस पारी के बाद हर तरफ संजू सैमसन की चर्चा हो रही है. संजू सैमसन (Sanju Samson) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 196 रनों का पीछा करते हुए 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन ठोक दिए. इसके दम पर भारत ने 5 विकेट रहते ही 19.2 ओवर में मुकाबला अपने नाम कर लिया. इस मैच में संजू सैमसन के अलावा भारत की ओर से कोई दूसरा खिलाड़ी 30 रन भी नहीं बना पाया. इस इस बीच बहुत से लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर जब संजू सैमसन जैसा खिलाड़ी टीम में मौजूद था, तो फिर उसे प्लेइंग-11 में जगह क्यों नहीं दी रही थी. दरअसल, इस टूर्नामेंट की शुरुआत से ही संजू सैमसन को प्लेइंग-11 से बाहर रखा गया था. अब इसको लेकर टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने चुप्पी तोड़ी है. गौतम गंभीर ने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ कठिन दौर के बाद संजू सैमसन को एक ब्रेक की जरूरत थी, जिससे वे बड़े मंच के लिए तैयार हो सकें.
संजू सैमसन को क्यों नहीं मिल रहा था चांस?
हेड कोच गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ उसकी (संजू सैमसन) सीरीज मुश्किल थी. ऐसे में कभी-कभी उसे ब्रेक देना भी जरूरी होता है, क्योंकि आप उस खिलाड़ी को दबाव वाली सिचुएशन से भी बाहर निकालना चाहते हैं. गंभीर ने कहा कि हम हमेशा जानते थे कि जब भी हमें वर्ल्ड कप गेम में संजू की जरूरत होगी, तो वह आकर हमारे लिए डिलीवर करेगा. गौतम गंभीर ने आगे कहा, ‘मुझे सच में लगा कि उसने कभी पारी को तेज नहीं किया. यह बस बहुत ही नॉर्मल क्रिकेटिंग शॉट्स थे और मैंने उसे कभी बॉल को मसलते हुए नहीं देखा. उसमें इसी तरह का टैलेंट है.’
ज्यादातर समय बेंच पर रहे संजू सैमसन
जब टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम का एलान हुआ था, तो उसमें संजू सैमसन को फर्स्ट च्वाइस विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर चुना गया था. उनके साथ ही ईशान किशन (Ishan Kishan) को बैकअप विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर टीम में रखा गया था. इसी बीच टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत-न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली गई, जिसमें संजू सैमसन का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. इसके चलते टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन को प्लेइंग-11 से बाहर करने का फैसला किया. टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत में ईशान किशन ने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की. इस दौरान ज्यादातर समय संजू सैमसन बेंच पर ही बैठे रहे. इसी बीच नामीबिया के खिलाफ मैच से पहले अभिषेक शर्मा की तबीयत खराब हो गई, जिसके चलते संजू सैमसन को एक मैच में मौका मिला. उस मुकाबले में संजू सैमसन ने सिर्फ 8 गेंदों पर 22 रन बनाए, लेकिन फिर उन्हें अगले मैच में ड्रॉप कर दिया गया.
वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली ऐतिहासिक पारी
साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की करारी हार के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू सैमसन को प्लेइंग-11 में शामिल किया गया. इस मुकाबले में संजू सैमसन ने 15 गेंदों पर 24 रनों की पारी खेली. फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में भी संजू सैमसन को मौका दिया गया, जिसमें उन्होंने ऐतिहासिक पारी खेली. संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंदों पर नाबाद 97 रनों की पारी खेली. इस दौरान उनके बल्ले से 12 चौके और 4 छक्के आए. संजू सैमसन की इस पारी के दम पर भारत ने 19.2 ओवर में 196 रनों का टारगेट चेज कर लिया. इस पारी के साथ संजू सैमसन ने अपने भी ट्रोलर्स का मुंह बंद कर दिया.