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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट जगत में कुछ समय पहले तीन बड़े नामों की पर्सनल लाइफ सुर्खियों में रही थी. पत्नी से तलाक के तलाक के बाद एलिमनी से जुड़े मामलों में हार्दिक पंड्या, मोहम्मद शमी और युजवेंद्र की तुलना लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही थी. एलीमनी में मोहम्मद शमी की वाइफ हसीन जहां और युजवेंद्र चहल की वाइफ धनश्री को तो फायदा हुआ लेकिन हार्दिक की वाइफ नताशा को खाली हाथ लौटना पड़ा. आइए जानते हैं कैसे.
सबसे पहले मामला मोहम्मद शमी और हसीन के बीच सामने आया था. कानूनी विवाद के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने शमी को हर महीने कुल 4 लाख रुपये एलिमनी देने का आदेश दिया था. इसमें 1.5 लाख रुपये हसीन जहां के निजी भरण-पोषण के लिए और 2.5 लाख रुपये उनकी बेटी के खर्च के लिए तय किए गए थे. हालांकि हसीन जहां ने उस समय इस राशि को नाकाफी बताते हुए 10 लाख रुपये प्रतिमाह की मांग की थी. हालांकि, उनकी 10 लाख की मांग मंजूर नहीं की गई.
धनश्री को जबरदस्त फायदा
दूसरी ओर युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा के तलाक को लेकर 60 करोड़ रुपये की अफवाहें फैली थीं. बाद में रिपोर्ट्स में स्पष्ट हुआ था कि चहल ने 4.75 करोड़ रुपये एलिमनी देने पर सहमति जताई थी. बताया गया था कि इस रकम में से लगभग 2.37 करोड़ रुपये का भुगतान शुरुआती स्टेज में ही कर दिया गया था. चहल भी यहां घाटे में रहे थे और धनश्री को जबरदस्त फायदा हुआ था.
हार्दिक पंड्या निकले होशियार
इसी दौरान हार्दिक पंड्या और नताशा स्टेनकोविक के अलगाव की खबरें भी चर्चा में रही थीं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि हार्दिक की अधिकांश संपत्तियां उनकी मां के नाम पर दर्ज थीं, जिसके चलते पारंपरिक संपत्ति बंटवारे का मामला सीमित रह गया था और नताशा को बड़ी आर्थिक हिस्सेदारी नहीं मिली थी. हार्दिक पंड्या पहले से ही होशियार थे, ऐसे में नताशा को तलाक के बाद खाली हाथ लौटना पड़ा जबकि धनश्री और हसीन जहां फायदे में रही थी.