MS Dhoni: महेंद्र सिंह धोनी भारत के सबसे सफल कप्तान माने जाते हैं. धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने 3 आईसीसी खिताब अपने नाम किया. एक कप्तान के तौर पर धोनी (MS Dhoni) ने टी20 वर्ल्ड कप से लेकर वनडे वर्ल्ड तक जीत लिया था. फिर साल 2017 में एमएस धोनी ने टीम इंडिया की व्हाइट बॉल कप्तानी से पीछे हटने का फैसला किया. इससे पहले ही एमएस धोनी ने टेस्ट फॉर्मेट से रिटायरमेंट ले लिया था. उसके बाद वे सिर्फ टी20 और वनडे फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे थे. धोनी ने 2015 विश्व कप और 2016 टी20 वर्ल्ड कप में टीम का नेतृत्व किया, लेकिन भारत सेमीफाइनल में हार गया. इसके बाद अगले विश्व कप नजदीक आ रहा था, जो कि इंग्लैंड में होने वाला था. इसके लिए टीम ने पहले ही तैयारी करनी शुरू कर दी थी. इसी दौरान नए साल के 4 दिन बाद ही घोषणा हुई कि एमएस धोनी भारत के कप्तान के तौर पर नहीं खेलेंगे. उनकी जगह विराट कोहली (Virat Kohli) टीम इंडिया की कमान संभालेंगे, जो उस समय तक लीडरशिप के लिए तैयार हो चुके थे. अब सालों बाद भारत के पूर्व बल्लेबाज और सेलेक्टर जतिन परांजपे ने बताया कि आखिरी एमएस धोनी ने कप्तानी क्यों छोड़ी थी.
BCCI के कहने पर छोड़ी कप्तानी
भारत के पूर्व सेलेक्टर जतिन परांजपे ने बताया कि BCCI के कहने पर एमएस धोनी ने कप्तानी छोड़ी थी. हालांकि वह शायद पहले ही खुद से कप्तानी छोड़ने वाले थे, लेकिन BCCI की ओर से पहला दबाव आया था. परांजपे ने बताया कि आखिर कैसे उन्होंने तत्कालीन चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद के साथ मिलकर धोनी से बात की थी. उन्होंने धोनी को बताया कि यही सही समय है व्हाइट बॉल की कप्तानी छोड़ने का.
द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो में परांजपे ने बताया कि एमएस धोनी बल्लेबाजी कर रहे थे. धोनी ने 1 घंटे तक बल्लेबाजी की. इस दौरान परांजपे और एमएसके प्रसाद एक-दूसरे को देखते रहे. उन्होंने पहले से फैसला किया था कि वे धोनी को सम्मानजनक तरीके से इसको लेकर बात करेंगे. परांजपे और एमएसके प्रसाद धोनी के पास गए और कहा, ‘माही, मुझे लगता है कि अब आगे बढ़ने का सही समय है.’ इस पर धोनी ने एमएसके से कहा, ‘अन्ना, यह बिल्कुल सही फैसला है. मुझे बताएं कि आप मुझसे क्या चाहते हैं.’ एमएसके ने धोनी से कहा कि उन्हें लिखकर देना होगा कि आप आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं.
देर रात मिला ईमेल
जतिन परांजपे ने बताया कि देर रात उन्हें एक ईमेल मिला, जिसमें धोनी ने लिखा, ‘मैं पद छोड़ना चाहता हूं;’ उन्होंने बताया कि यह फैसला लेना ही था, जिसके लिए उन्हें काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी. परांजपे ने बताया कि ऐसे कठिन फैसले लेने ही पड़ते हैं. एमएस धोनी की कप्तानी से हटने के बाद विराट कोहली भारतीय टीम की कमान संभालने के लिए पूरी तरह तैयार थे. उन्होंने पहले ही भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया था. फिर विराट कोहली ने एमएस धोनी के रहते हुए इंग्लैंड में साल 2019 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कप्तानी की थी. धोनी ने टीम में रहते हुए विराट कोहली का पूरा साथ दिया, जिससे कोहली युग की शुरुआत हुई.