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गेमचेंजर से कैसे ‘विलेन’ बना ‘Impact player Rule’? IPL 2026 से हटाने की मांग, क्या है पूरा नियम?

Impact player Rule Controversy: IPL 2026 से पहले इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लेकर बहस छिड़ी हुई है. कई टीमों के कप्तान इस नियम के खिलाफ हैं. उनका मानना है कि नए सीजन में इस नियम को हटा देना चाहिए. हालांकि बीसीसीआई ने इस नियम को पर कोई फैसला लेने फिलहाल इनकार कर दिया है.

Written By: Ankush Upadhyay
Last Updated: March 26, 2026 13:19:14 IST

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Impact player Rule Controversy: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 19वां सीजन शुरू होने में सिर्फ 2 दिन का समय बचा है. इस नए सीजन (IPL 2026) से पहले आईपीएल के ‘इम्पैक्ट प्लेयर रूल’ (Impact Player Rule) को लेकर खूब चर्चा चल रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कई आईपीएल टीम के कप्तानों ने इम्पैक्ट प्लेयर रूल का विरोध किया है. इस रूल पर कई सवाल उठाए गए हैं. ऐसे में BCCI इस रूल को बंद करने का फैसला ले सकता है. IPL 2026 शुरू होने से पहले मुंबई में सभी कप्तानों की अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई. इस मीटिंग में कई कप्तानों ने इम्पैक्ट प्लेयर रूल पर सवाल उठाए.

हालांकि अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि साल 2027 से पहले इम्पैक्ट प्लेयर रूल की समीक्षा नहीं की जाएगी. इसका मतलब है कि IPL 2026 में आईपीएल का यह नियम जारी रहेगा. इस बीच सवाल है कि आखिर कप्तानों को इम्पैक्ट प्लेयर रूल से दिक्कत क्यों हो रही है, जबकि इससे टीम को फायदा होता है. जब आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर रूल लाया गया था, तो यह सभी टीमों के लिए गेमचेंजर साबित हुआ था. हालांकि अब यह नियम कप्तानों को रास नहीं आ रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि यह नियम गेमचेंजर से विलेन कैसे बन गया?

कब आया था इम्पैक्ट प्लेयर रूल?

इम्पैक्ट प्लेयर रूल को IPL 2023 में पहली बार पेश किया गया था. इस नियम के तहत टॉस के दौरान दोनों टीमों के कप्तान प्लेइंग-11 के अलावा अन्य 5-5 खिलाड़ियों (Substitute) की लिस्ट देते हैं. इन 5 खिलाड़ियों की लिस्ट में से एक खिलाड़ी को मैच के दौरान किसी भी समय लाया जा सकता है. हालांकि उस खिलाड़ी की जगह प्लेइंग-11 में मौजूद एक खिलाड़ी तुरंत मैच से बाहर हो जाता है. इस नियम से हर टीम 12 खिलाड़ियों को खिला सकती है, लेकिन बल्लेबाजी सिर्फ 11 ही कर सकते हैं. साथ ही एक साथ मैदान पर सिर्फ 11 खिलाड़ी ही खेल सकते हैं.

कैसे गेमचेंजर बना इम्पैक्ट प्लेयर रूल?

इम्पैक्ट प्लेयर रूल के आने के बाद कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने इसकी आलोचना की. हालांकि यह रूल आईपीएल टीमों के लिए गेमचेंजर साबित हुआ. दरअसल, अगर कोई टीम पहले बल्लेबाजी कर रही होती है और टीम का पारी लड़खड़ा जाती है, तो वो इम्पैक्ट प्लेयर को मैदान पर उतार देती थी. इससे उन्हें एक अतिरिक्त बल्लेबाज मिल जाता था. हालांकि उन्हें किसी एक खिलाड़ी को बाहर करना पड़ता था. हालांकि अगर टीम पहली पारी में इस रूल का इस्तेमाल नहीं करती है, तो अगली पारी में गेंदबाजी के समय किसी बल्लेबाज की जगह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में गेंदबाज को मैदान पर ला सकती है. इससे उन्हें टारगेट डिफेंड करने में आसानी होती है. वहीं, जो टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रही है, तो वो अपने किसी गेंदबाज की जगह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में किसी बल्लेबाज को मैदान पर ले आती थी, जिससे टारगेट चेज करने में आसानी होती है.

अब क्यों हो रहा विरोध?

IPL 2023 से लेकर 2025 तक सभी टीमों ने इम्पैक्ट प्लेयर रूल का खूब इस्तेमाल किया. हालांकि इससे ऑलराउंडर खिलाड़ियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए. अक्सर टीमें ऑलराउंडर्स को ज्यादा महत्व देती हैं, क्योंकि वे गेंद और बल्ले दोनों से अपना योगदान देते हैं. साथ ही इस रूल के आने से गेंदबाजों के लिए भी चुनौती बढ़ गई है, क्योंकि एक अतिरिक्त बल्लेबाज के आने से बड़े स्कोर बनते हैं. रोहित शर्मा  (Rohit Sharma) और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों का कहना है कि यह नियम भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है. इससे देश में ऑलराउंडर्स के आगे बढ़ने का रास्ता बंद हो जाएगा. हालांकि बीसीसीआई का कहना है कि इम्पैक्ट प्लेयर रूल से मैच में रोमांच आता है.

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Written By: Ankush Upadhyay
Last Updated: March 26, 2026 13:19:14 IST

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Impact player Rule Controversy: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 19वां सीजन शुरू होने में सिर्फ 2 दिन का समय बचा है. इस नए सीजन (IPL 2026) से पहले आईपीएल के ‘इम्पैक्ट प्लेयर रूल’ (Impact Player Rule) को लेकर खूब चर्चा चल रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कई आईपीएल टीम के कप्तानों ने इम्पैक्ट प्लेयर रूल का विरोध किया है. इस रूल पर कई सवाल उठाए गए हैं. ऐसे में BCCI इस रूल को बंद करने का फैसला ले सकता है. IPL 2026 शुरू होने से पहले मुंबई में सभी कप्तानों की अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई. इस मीटिंग में कई कप्तानों ने इम्पैक्ट प्लेयर रूल पर सवाल उठाए.

हालांकि अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि साल 2027 से पहले इम्पैक्ट प्लेयर रूल की समीक्षा नहीं की जाएगी. इसका मतलब है कि IPL 2026 में आईपीएल का यह नियम जारी रहेगा. इस बीच सवाल है कि आखिर कप्तानों को इम्पैक्ट प्लेयर रूल से दिक्कत क्यों हो रही है, जबकि इससे टीम को फायदा होता है. जब आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर रूल लाया गया था, तो यह सभी टीमों के लिए गेमचेंजर साबित हुआ था. हालांकि अब यह नियम कप्तानों को रास नहीं आ रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि यह नियम गेमचेंजर से विलेन कैसे बन गया?

कब आया था इम्पैक्ट प्लेयर रूल?

इम्पैक्ट प्लेयर रूल को IPL 2023 में पहली बार पेश किया गया था. इस नियम के तहत टॉस के दौरान दोनों टीमों के कप्तान प्लेइंग-11 के अलावा अन्य 5-5 खिलाड़ियों (Substitute) की लिस्ट देते हैं. इन 5 खिलाड़ियों की लिस्ट में से एक खिलाड़ी को मैच के दौरान किसी भी समय लाया जा सकता है. हालांकि उस खिलाड़ी की जगह प्लेइंग-11 में मौजूद एक खिलाड़ी तुरंत मैच से बाहर हो जाता है. इस नियम से हर टीम 12 खिलाड़ियों को खिला सकती है, लेकिन बल्लेबाजी सिर्फ 11 ही कर सकते हैं. साथ ही एक साथ मैदान पर सिर्फ 11 खिलाड़ी ही खेल सकते हैं.

कैसे गेमचेंजर बना इम्पैक्ट प्लेयर रूल?

इम्पैक्ट प्लेयर रूल के आने के बाद कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने इसकी आलोचना की. हालांकि यह रूल आईपीएल टीमों के लिए गेमचेंजर साबित हुआ. दरअसल, अगर कोई टीम पहले बल्लेबाजी कर रही होती है और टीम का पारी लड़खड़ा जाती है, तो वो इम्पैक्ट प्लेयर को मैदान पर उतार देती थी. इससे उन्हें एक अतिरिक्त बल्लेबाज मिल जाता था. हालांकि उन्हें किसी एक खिलाड़ी को बाहर करना पड़ता था. हालांकि अगर टीम पहली पारी में इस रूल का इस्तेमाल नहीं करती है, तो अगली पारी में गेंदबाजी के समय किसी बल्लेबाज की जगह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में गेंदबाज को मैदान पर ला सकती है. इससे उन्हें टारगेट डिफेंड करने में आसानी होती है. वहीं, जो टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रही है, तो वो अपने किसी गेंदबाज की जगह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में किसी बल्लेबाज को मैदान पर ले आती थी, जिससे टारगेट चेज करने में आसानी होती है.

अब क्यों हो रहा विरोध?

IPL 2023 से लेकर 2025 तक सभी टीमों ने इम्पैक्ट प्लेयर रूल का खूब इस्तेमाल किया. हालांकि इससे ऑलराउंडर खिलाड़ियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए. अक्सर टीमें ऑलराउंडर्स को ज्यादा महत्व देती हैं, क्योंकि वे गेंद और बल्ले दोनों से अपना योगदान देते हैं. साथ ही इस रूल के आने से गेंदबाजों के लिए भी चुनौती बढ़ गई है, क्योंकि एक अतिरिक्त बल्लेबाज के आने से बड़े स्कोर बनते हैं. रोहित शर्मा  (Rohit Sharma) और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों का कहना है कि यह नियम भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है. इससे देश में ऑलराउंडर्स के आगे बढ़ने का रास्ता बंद हो जाएगा. हालांकि बीसीसीआई का कहना है कि इम्पैक्ट प्लेयर रूल से मैच में रोमांच आता है.

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