MS Dhoni Business Kingdom: भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी लीडरशिप के लिए जाने जाते हैं. धोनी की कप्तानी में भारत ने साल 2007 में अपना पहला टी20 वर्ल्ड कप उठाया और फिर 2011 में दूसरा वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया. इसके अलावा धोनी ने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को चैंपियंस ट्रॉफी भी जिताई. इतना ही नहीं, IPL में भी एमएस धोनी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को कई बार चैंपियन बना चुके हैं. क्रिकेट के मैदान पर एमएस धोनी ‘कैप्टन कूल’ के नाम से जाना जाता है. हालांकि धोनी का एक अन्य पहलू भी है, जो टीवी और सोशल मीडिया पर काफी कम देखने को मिलता है. एमएस धोनी एक सफल क्रिकेटर होने के साथ-साथ व्यापार जगत में भी अपना बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया है. कई रिपोर्ट्स के अनुसार, एमएस धोनी की नेटवर्थ 1,000 करोड़ से भी ज्यादा है. वह दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटरों की लिस्ट में गिने जाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि धोनी ने इतना बड़ा साम्राज्य कैसा खड़ा किया…
चेन्नईयिन एफसी के को-ऑनर
एमएस धोनी IPL में चेन्नई के लिए खेलते हैं. उन्होंने CSK को कई बार IPL चैंपियन बनाया है. हालांकि क्रिकेट से अलग भी चेन्नई से उनका खास जुड़ाव रहा है. जब IPL शुरू हुआ, तो धोनी को चेन्नई घर जैसा लगने लगा था. ऐसे में उन्होंने चेन्नईयिन एफसी (Chennaiyin FC) में निवेश किया. यह तमिलनाडु के चेन्नई शहर में स्थित एक प्रोफेशन फुटबॉल क्लब है, जो इंडियन सुपर लीग (ISL) में खेलता है. एमएस धोनी इस टीम के को-ऑनर हैं. धोनी ने टीम के लॉन्च के दौरान कहा था कि उनका वह दिल पहले से ही चेन्नई में बसा हुआ था.
इसके अलावा एमएस धोनी रांची रेंज के मालिक हैं, जो हॉकी इंडिया लीग में खेलने वाली एक फील्ड हॉकी टीम है. इतना ही नहीं, धोनी माही रेसिंग टीम इंडिया के भी मालिक हैं, जो एक मोटरसाइकिल रेसिंग टीम है.
रसोईघर में करोड़ों का निवेश
एमएस धोनी को हाउस ऑफ बिरयान नाम की एक छोटी सी दुकान से अपनी ‘मेरी वाली बिरयानी’ का आइडिया आया. इसमें कस्टमर खुद से सबकुछ सेलेक्ट करते हैं कि कितना मसाला चाहते हैं, जिससे वो अपनी पसंद से बिरयानी बना सकते हैं. यह आइडिया बहुत लाभदायक साबित हुआ, जिसके चलते देखते-देखते ही धोनी ने उसमें 32 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट कर दी. इस खास आइडिया से धोनी को 70 फीसदी से ज्यादा इनकम होने लगी. बहुत से कस्टमर बिना किसी डिस्काउंट के भी लगातार ऑर्डर करते रहे. फिर धोनी ने 22 किचन खोले, जिससे उन्हें बड़ा लाभ मिला. एमएस धोनी को पता था कि मार्केट में बिरयानी की काफी ज्यादा डिमांड है. माना जा रहा है कि अब वे दुबई, जापान और ब्रिटेन जैसे देशों की ओर बढ़ने की सोच रहे हैं.
ड्रोन फैक्ट्री में धोनी का निवेश
इसके बाद चेन्नई में धोनी के लिए एक नया चैप्टर शुरू हुआ, जब वे कृषि उपकरण, रक्षा मशीनें और औद्योगिक ड्रोन बनाने वाली युवा कंपनी ‘गरुड़ा एयरोस्पेस’ की फैक्ट्री में पहुंचे. कंपनी ने उन्हें विजिट के लिए बुलाया था. धोनी ने वहां पर काफी समय बिताया और देखा कि कैसे ड्रोन और मशीनों के पार्ट्स बनाए जाते हैं. फिर क्या कुछ ही समय में एमएस धोनी ‘गरुड़ा एयरोस्पेस’ ब्रांड का चेहरा बन गए. उन्होंने इसमें 5 करोड़ रुपये का निवेश किया. हाल ही में गरुड़ा ने सीरीज बी फंडिंग में 100 करोड़ रुपये जुटाए हैं. अब वह बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना बना रही है.
स्टार्टअप में इन्वेस्टमेंट
एमएस धोनी ने कई स्टार्टअप में भी बड़ा निवेश किया है. CARS24 में भी धोनी की हिस्सेदारी है, जो पुरानी कारों खरीद-बिक्री का प्लेटफॉर्म है. इसके अलावा छोटे व्यापारियों के लिए डिजिटल बहीखाता समाधान यानी Khatabook में भी उनका बड़ा निवेश है. इतना ही नहीं, एमएस धोनी ने EMotorad (इलेक्ट्रिक साइकिल), HomeLane (इंटीरियर डिजाइन), Tagda Raho (पारंपरिक फिटनेस) और Shaka Harry (प्लांट-बेस्ड प्रोटीन) जैसे 12 से ज्यादा स्टार्टअप्स में इन्वेस्टमेंट की है.
धोनी के पर्सनल ब्रांड्स
क्रिकेट मैदान से दूर एमएस धोनी की कारोबार में भी लंबी सोच रही है. धोनी ने साल 2016 में सेवन (स्पोर्ट्स वियर) लॉन्च किया था, जिसके वो को-ऑनर हैं. साथ ही धोनी इसके ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर भी हैं. इससे पहले साल 2012 में धोनी ने स्पोर्ट्सफिट वर्ल्ड (SportsFit World) शुरू किया था, जो पूरे देश में 200 से ज्यादा जिम और फिटनेस सेंटर चलाता है. इतना ही नहीं, धोनी का रांची में एक खुद का होटल भी है, जो होटल माही रेजीडेंसी के नाम से जाना जाता है.
बिजनेस में क्यों सफल हैं एमएस धोनी?
एमएस धोनी ने जिस भी ब्रांड या स्टार्टअप में इन्वेस्ट किया है, उसमें उन्हें फायदा ही मिला है. कारोबार में धोनी की इस कामयाबी के पीछे की वजह उनका सेलिब्रिटी होना नहीं है. देश के कई सेलिब्रिटीज ने अलग-अलग ब्रांड में पैसा लगाया, जिनमें से ज्यादातर लोगों को नुकसान झेलना पड़ता है. वहीं, धोनी का तरीका काफी अलग है. वह जब भी किसी कंपनी या ब्रांड के पास जाते हैं, तो वो कर्मचारियों की बात को ज्यादा सुनते हैं. वे उन विचारों पर ध्यान देते हैं, तो रोजाना की जिंदगी को आसान बनाते हैं. साथ ही धोनी काफी सोच-समझकर और पेशंस के साथ इन्वेस्टमेंट करते हैं.