इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) दुनिया भर में क्रिकेट को संभालने वाली सबसे बड़ी संस्था है. यही संगठन क्रिकेट के नियम बनाता है, बड़े टूर्नामेंट आयोजित करता है और खेल को आगे बढ़ाने का काम करता है. इस संस्था का सबसे बड़ा पद आईसीसी चेयरमैन का होता है, जिसकी भूमिका बहुत अहम मानी जाती है. फिलहाल भारत के जय शाह इस पद पर हैं. आइए जानते हैं कि आईसीसी चेयरमैन का चयन कैसे किया जाता है.
कौन बन सकता है चेयरमैन?
आईसीसी चेयरमैन वही व्यक्ति बन सकता है, जिसे क्रिकेट प्रशासन का अच्छा अनुभव हो. ज्यादातर उम्मीदवार उन देशों से आते हैं जो आईसीसी के फुल मेंबर हैं और टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं. चुनाव लड़ने के लिए किसी उम्मीदवार को किसी एक फुल मेंबर देश के क्रिकेट बोर्ड द्वारा नामित किया जाना जरूरी होता है. नामांकन के बाद एक नॉमिनेशन कमेटी उम्मीदवारों की योग्यता जांचती है. इसमें उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और क्रिकेट में योगदान को देखा जाता है. इसके बाद योग्य लोगों की एक छोटी सूची तैयार की जाती है.
वोटिंग कैसे होती है?
अंतिम फैसला आईसीसी बोर्ड की वोटिंग से होता है. हर फुल मेंबर देश को एक वोट मिलता है. वोटिंग गुप्त तरीके से होती है ताकि निष्पक्ष फैसला लिया जा सके. जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वही चेयरमैन बनता है. अगर पहले दौर में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तो दोबारा मतदान कराया जाता है.
चेयरमैन की जिम्मेदारियां
चेयरमैन बोर्ड बैठकों की अध्यक्षता करता है, अहम फैसले लेने में मदद करता है और दुनिया भर में आईसीसी का प्रतिनिधित्व करता है. इसके अलावा वह सदस्य देशों के बीच तालमेल बनाए रखता है, विवाद सुलझाता है और क्रिकेट के विकास के लिए नई योजनाएं बनाता है. सीधे शब्दों में कहें तो आईसीसी चेयरमैन विश्व क्रिकेट की दिशा तय करने वाला सबसे बड़ा नेतृत्वकर्ता होता है.