Virat Kohli: भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन वनडे मुकाबले के सीरीज का पहला मुकाबला भारतीय टीम ने 4 विकेट से अपने नाम कर लिया. जीत की दो खास बातें रही पहला भारतीय टीम का 2026 का ये पहला मुकाबला था और पहली जीत भी. वहीं मुकाबले में विराट कोहली ने बल्ले से कमाल किया. कोहली भले ही शतक से चुक गए हों लेकिन उन्होने 93 रन की शानदार पारी खेली. जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया. मुकाबले के बाद कोहली ने बताया कि कैसे बल्लेबाजी को लेकर उनके विचार में बदलाव आया है. उन्होने बताया कि वो वह अपनी पारी की शुरुआत में ही काउंटर अटैक करने की सोच रहे हैं.कोहली ने सचिन तेंदुलकर के सबसे ज़्यादा इंटरनेशनल रन और शतक के रिकॉर्ड का पीछा करने के बारे में भी अपने विचार बताए.
कोहली ने मचाया धमाल
9वें ओवर में 39 रन के स्कोर पर भारत का पहला विकेट रोहित शर्मा के रूप में गिरा. इसके बाद कोहली बल्लेबाजी करने आएं. भारत को जीत के लिए 300 के जादुई आकड़े को पार करने थे. फिर क्या था कोहली ने वहीं किया जिसके लिए हजारों फैंस स्टेडियम में बैठे कर कोहली-कोहली का नारा लगा रहे थे. कोहली अपने अंदाज में बल्लेबाजी करते रहे. हालाकि कोहली इस बार अपने इस पारी को शतक में तब्दील नहीं कर पाएं. लेकिन कोहली की ये जबरजस्त पारी भारत को जीत के दहलीज पर पहुंचा चुकी थी. कोहली ने 120.0 के स्ट्राइक रेट से 91 गेंदों में 93 रन की शानदार पारी खेली. इस दौरान उन्होने 8 चौके और 1 छक्के लगाएं.
जीत के बाद कोहली ने कहा कि ‘ईमांनदारी से कहूं तो अगर आज हम पहले बल्लेबाजी कर रहे होते तो शायद मै और जोर लगाता. पहले से ही बोर्ड पर एक टोटल था इसलिए मुझे हालात के हिसाब से खेलना पड़ा. लेकिन मुझे लग रहा था कि मै और बाउंड्री मारना चाहता हूं.’
नंबर 3 पर बदला माइंडसेट
कोहली ने कहा कि नंबर 3 पर उनका माइंडसेट बदल गया है. जिसमे विकेट गिरने के तुंरत बाद विपक्षी टीम पर दबाव डालने पर ज्यादा जोर देते हैं. कोहली ने कहा “बेसिक आइडिया यह है कि मैंने नंबर तीन पर बैटिंग की इसलिए अगर सिचुएशन थोड़ी मुश्किल होती है तो मैंने सिचुएशन के साथ खेलेने के बजाय काउंटर-अटैक करने के लिए तैयार रहता.
कोहली ने कहा कि कुछ बॉल पर आपका नाम लिखा होता है. इसलिए ज्यादा देर तक इंतजार करने का कोई मतलब नहीं है. लोकिन इसका ये भी मतलब नही आप बहुत ज्यादा शॉट खेल रहे है. आपका क्या ताकत है उस पर आप टिके रहते है. लेकिन आप खुद को इतना तैयार रखते हैं कि विरोधी टीम को बैकफुट पर धकेल सकें और आज रोहित शर्मा के आउट होने के बाद जब मै मैदान पर आया तो ठीक ऐसा ही हुआ.
कोहली ने कहा कि ‘मुझे बस लगा कि अगर मैं पहली 20 बॉल में जोर लगाऊं तो हम रोहित जैसा विकेट गिरने के तुरंत बाद पार्टनरशिप कर सकते हैं.’ उन्होंने कहा ‘तभी विरोधी टीम बैकफुट पर चली जाती है और यही खेल में अंतर बन गया.’
इस रिकॉर्ड को किया अपने नाम
37 साल के कोहली रविवार को इंटरनेशनल क्रिकेट में सभी फॉर्मेट में 28,000 रन बनाने वाले सबसे तेज खिलाड़ी और सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए. अपनी 624वीं पारी में खेलते हुए कोहली ने न्यूजीलैंड के लेग स्पिनर आदित्य अशोक की गेंद पर चौका मारकर यह मुकाम हासिल किया. तेंदुलकर ने अपनी 644वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया था. कोहली ने श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगकारा को पीछे छोड़ कर इस रिकॉर्ड को अपने नाम किया. संगकारा ने 666वीं पारी में यह उपलब्धि हासिल की थी.
माइलस्टोन को लेकर कही ये बात
कोहली ने इस रिकॉर्ड को लेकर कहा कि “अगर मैं पूरी ईमानदारी से कहूं तो जिस तरह से मैं अभी खेल रहा हूं, मैं इन माइलस्टोन के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहा हूं. ईमानदारी से कहूं तो अगर मैं अपने पूरे सफर को पीछे मुड़कर देखूं, तो यह किसी सपने के सच होने से कम नहीं है.” मुझे हमेशा से अपनी काबिलियत पता थी जब मैं आया था और आज मैं जिस जगह पर हूं, वहां तक पहुंचने के लिए मुझे बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ी.
कोहली ने आगे कहा कि ‘भगवान ने मुझे इतना कुछ दिया है कि मैं किसी भी चीज के बारे में शिकायत नहीं कर सकता. इसलिए मैं सिर्फ शुक्रगुज़ार हूं. मैं हमेशा अपने पूरे सफर को बहुत कृपा और दिल में बहुत शुक्रगुज़ारी के साथ देखता हूं और मुझे इस पर गर्व महसूस होता है. मैं शुक्रगुजार हूं कि मुझे इस पोजीशन में रखा गया है. सच कहूं तो यह एक आशीर्वाद है. आप सिर्फ वही करके बहुत से लोगों को बहुत खुशी दे सकते हैं जो आपको पसंद है, यानी वह खेल खेलना जिसे आप बचपन से हमेशा से पसंद करते आए हैं.’
कोहली ने आगे कहा कि ‘मैं और क्या मांग सकता हूं, मैं सचमुच अपना सपना जी रहा हूं और लोगों को खुश कर रहा हूं और मुस्कुराते हुए चेहरे देख रहा हूं.’