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Inderjit Singh Bindra: BCCI के पूर्व अध्यक्ष आईएस बिंद्रा का निधन, जानें भारतीय क्रिकेट के लिए उनके बड़े योगदान

Inderjit Singh Bindra: BCCI के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का 84 साल की उम्र में निधन हो गया. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारतीय क्रिकेट को मजबूत बनाने का काम किया. जानें कौन थे इंद्रजीत सिंह बिंद्रा...

Written By: Ankush Upadhyay
Last Updated: 2026-01-26 14:32:41

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Inderjit Singh Bindra: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का रविवार (25 जनवरी) को निधन हो गया. वह काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे. इंद्रजीत बिंद्रा ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के चेयरमैन जय शाह ने भी सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी. जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘आई एस बिंद्रा, पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट प्रशासन के एक दिग्गज के निधन पर गहरी संवेदनाएं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे. ओम शांति.’ इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का भारतीय क्रिकेट को मजबूत बनाने में अहम योगदान रहा है. वह भारतीय क्रिकेट प्रशासन के एक प्रमुख और प्रभावशाली व्यक्तित्व थे. इंद्रजीत बिंद्रा साल 1993 से लेकर 1996 तक BCCI के 23वें प्रेसिडेंट रहे. इससे पहले वे भारत के 7वें राष्ट्रपति रहे ज्ञानी जैल सिंह के स्पेशल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे. 

इंद्रजीत बिंद्रा का सबसे बड़ा योगदान

इंद्रजीत बिंद्रा और जगमोहन डालमिया की वजह से BCCI फाइनेंसियल तौर पर ज्यादा मजबूत बन पाया. भारत को 1987 वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी दिलाने का क्रेडिट भी बिंद्रा और डालमिया को दिया जाता है. लगातार 3 एडिशन के बाद पहली बार ऐसा हुआ था जब टूर्नामेंट की मेजबानी इंग्लैंड से बाहर की गई थी. डालमिया और बिंद्रा ने सुनिश्चित किया कि 1987 ICC वनडे वर्ल्ड का आयोजन उपमहाद्वीप में कराया जाए. इससे ग्लोबल लेवल पर देश का स्थान ज्यादा मजबूत हुआ.

4 दशक तक क्रिकेट से जुड़ाव

क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन में इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का करियर 4 दशक लंबा रहा. वे साल 1978-2014 तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे. वहां पर उन्होंने जमीनी स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देने का काम किया. उनके अमूल्य योगदान को मान्यता देते हुए, मोहाली स्थित पीसीए स्टेडियम का नाम 2015 में उनके सम्मान में आईएस बिंद्रा स्टेडियम रखा गया। आईएस बिंद्रा ने साल 1994 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसके बाद क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग पर दूरदर्शन की मोनोपॉली खत्म हुई. इससे ग्लोबल ब्रॉडकास्टर्स को लाने और भारत को खेल का सबसे बड़ा टेलीविजन मार्केट बनाने में आसानी हुई. इंडियन क्रिकेट टेलीविजन मार्केट खुलने से BCCI को दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड बनने का भी रास्ता मिल गया.

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