श्रेय आर्य:

भारतीय बैडमिंटन टीम ने थॉमस कप (Thomas Cup) में इतिहास रच दिया है. भारतीय टीम ने बैडमिंटन में वह कर दिखाया है जो आज तक नहीं हुआ था। टीम इंडिया ने थॉमस कप में 14 बार की चैंपियन टीम इंडोनेशिया को मात देकर थॉमस कप पर पहली बार कब्जा कर लिया है।

तीसरा और आखिरी मुकाबला किदांबी श्रीकांत ने जीता। भारत ने इंडोनेशिया को 3-0 से मात दी है। श्रीकांत ने जोनाटन को सीधे सेट में 21-15, 22-21 से दोनों गेम हराए। भारत ने टूर्नामेंट के 73 साल के इतिहास में पहली बार खिताबी जीत हासिल की है।

मेडलिस्ट जोनाटन किस्ट्री के बीच था जहां श्रीकांत ने ये मुकाबला जीत इतिहास बना दिया। इससे पहले लक्ष्य सेन और डबल्स में चिराग शेट्टी और सात्विक ने अपने अपने मुकाबले जीतकर भारत को 2-0 की बढ़त दिला दी थी।

लक्ष्य सेन रहे जीत के हीरो

Lakshya SenLakshya Sen

थॉमस फाइनल में सुबह के सबसे पहले मुकाबले में लक्ष्य सेन ने एंथोनी सिनिसुका गिनटिंग को 8-21, 21-17, 21-16 मात देकर जीत की नींव रखी। दोनों के बीच एक समय मुकाबला काफी तगड़ा चल रहा था, दोनों ही खिलाड़ी 8-7 पर एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे थे।

लेकिन इसके बाद एंथोनी ने लगातार 12 पॉइंट अपने नाम किए और लक्ष्य को कुछ हद तक मुकाबले से बाहर कर दिया। एंथोनी ने मात्र 16 मिनट के भीतर की पहला गेम जीत लिया। लेकिन इसके बाद लक्ष्य ने उन्हें मौका नहीं दिया और दूसरा गेम जीता।

लक्ष्य को इस गेम में 21-17 से जीत मिली। जबकि दोनों के बीच खेला गया तीसरा सेट भी लक्ष्य ने 21-16 से जीतकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। लक्ष्य ने मेंस सिंगल्स मुकाबले में जीत हासिल की है। उनकी जीत भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है।

डबल्स की जीत ने टीम को पहुंचाया जीत के करीब

Thomas Cup TriumphThomas Cup Triumph

चिराग शेट्टी और सात्विक की जीत के साथ भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम थॉमस कप के गोल्ड के और करीब पहुंच गयी थी। इस जोड़ी ने इंडोनेशिया की मोहम्मद अहसन और केविन संजया सुकामुलजो की जोड़ी को 21-18 से 17 मिनट में गेम अपने नाम कर लिया।

वहीं चिराग शेट्टी और सात्विक साईराज रंकीरेड्डी ने दूसरे गेम में वापसी करते हुए मोहम्मद अहसन और केविन संजया सुकामुलजो की जोड़ी को 23-21 से हरा कर गेम में पहले बराबरी की और उसके बाद तीसरा गेम 21-19 से जीत कर यह मैच अपने नाम कर लिया।

1948-49 में हुई थी थॉमस कप की शुरुआत

थॉमस कप की शुरुआत 1948-49 में हुई थी। इस टूर्नामेंट के आयोजन करने के बारे में सबसे पहले अंग्रेज बैडमिंटन खिलाड़ी सर जॉर्ज एलन थॉमस का था। 1900 के दशक में वो बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ी थी। पहली बार 1948-49 में इंग्लिश जमीं पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

थॉमस कप को पहले तीन साल पर आयोजित किया जाता था, लेकिन 1982 में हुए फॉर्मेट में बदलाव के बाद यह दो साल पर आयोजित किया जाने लगा है। थॉमस कप का ये 32वां सीजन था जहां भारत चैंपियन बनने वाला छठा देश है। 1982 से टूर्नामेंट में भाग ले रही चीनी टीम ने 10, मलेशिया ने 5 और 14 बार सबसे ज्यादा इंडोनेशिया ने जीता है।

Thomas Cup

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