ICC Pakistan Deal: पाकिस्तान ने सोमवार को एलान किया कि वो 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच खेलेगी. इसकी जानकारी आईसीसी और पाकिस्तान सरकार ने सोमवार देर शाम अपनी प्रेस रिलीज में बताया. लेकिन अब इस बड़े बदलाव के पीछे सिर्फ कूटनीतिक बयानबाजी नहीं बल्कि पर्दे के पीछे चली बड़ी सौदेबाजी की कहानी भी छिपी बताई जा रही है.न्यूज एजेंसी PTI की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक गवर्निंग बॉडी आईसीसी ने पीसीबी से वादा किया कि वह इस बड़े मैच का बॉयकॉट करने की धमकी वापस ले ले बदले में उसे कुछ छूट दी जाएगी. हालांकि पर्दे के पीछे हुई इस सहमति की डिटेल्स T20 वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद ही पब्लिक की जाएंगी.
पीसीबी के एक सोर्स ने मंगलवार को PTI को बताया कि ‘पीसीबी को बॉयकॉट खत्म करने के लिए आईसीसी से जो भी छूट मिली है उसका खुलासा T20 वर्ल्ड कप के बाद ही किया जाएगा.’
आईसीसी ने क्या कहा?
सोमवार को अपने-अपने बयानों में न तो आईसीसी और न ही पाकिस्तान सरकार ने इन बताई गई छूटों का कोई जिक्र किया. आईसीसी की रिलीज़ ज्यादातर बांग्लादेश पर फोकस थी जिसमें कन्फर्म किया गया कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) पर कोई बैन नहीं लगेगा और उसे 2028–2031 साइकिल के दौरान एक ग्लोबल टूर्नामेंट खासकर पुरुषों का अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए होस्टिंग राइट्स दिए जाएंगे.
पाकिस्तान ने क्या कहा?
इस बीच पाकिस्तान सरकार ने कहा कि बॉयकॉट की धमकी वापस लेने का उसका फैसला आईसीसी और दूसरे मेंबर बोर्ड की लगातार अपील के बाद आया और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और श्रीलंका के प्रेसिडेंट अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच आखिरी मिनट में हुई टेलीफोन बातचीत का भी ज़िक्र किया. PTI की रिपोर्ट में आगे दावा किया गया कि शरीफ जो पीसीबी के पैट्रन-इन-चीफ हैं को बताया गया कि अगर सरकार टीम को भारत के खिलाफ खेलने की औपचारिक मंजूरी दे देती है तो पाकिस्तान को क्या फायदा होगा.
सूत्र ने आगे कहा “आईसीसी की अब नकवी के साथ साफ समझ है कि पीसीबी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और दूसरे मेंबर बोर्ड से जुड़ी बातचीत की कोई और जानकारी पब्लिक नहीं की जाएगी.”
पहले ऐसी अटकलें थीं कि पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने भारत के साथ बाइलेटरल रिश्ते फिर से शुरू करने या वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ्रेमवर्क में भारत-पाकिस्तान मैच के लिए भी जोर दिया था. हालांकि आईसीसी ने कथित तौर पर उन प्रस्तावों को मना कर दिया था. माना जा रहा है कि नकवी ने आईसीसी रेवेन्यू में पीसीबी का हिस्सा बढ़ाने की भी मांग की है हालांकि एक दूसरे अंदरूनी सूत्र ने बताया कि इस तरह के किसी भी बदलाव पर अगले फाइनेंशियल साइकिल में ही विचार किया जाएगा जो आईसीसी बोर्ड की मंजूरी पर निर्भर करेगा.