भारत बनाम जिम्बाब्वे प्लेइंग इलेवन: भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 में अपना अगला मुकाबला 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलेगी. इससे पहले सुपर-8 के पहले मैच में भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा था. साउथ अफ्रीका से मिली बड़ी हार के बाद भारतीय टीम के प्लेइंग-11 पर कई बड़े सवाल उठे. खासकर भारत के उप-कप्तान अक्षर पटेल को प्लेइंग-11 में शामिल न किए जाने को लेकर कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स और पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल उठाए. साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की प्लेइंग-11 में अक्षर पटेल की जगह वाशिंग्टन सुंदर (Washington Sundar) को शामिल किया गया था, जो गेंद और बल्ले दोनों के साथ फ्लॉप साबित हुए. ऐसे में भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अगले मैच के प्लेइंग-11 के लिए अपना सुझाव दिया है. सुनील गावस्कर का कहना है कि जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में अक्षर पटेल की वापसी होनी चाहिए. हालांकि गावस्कर ने वाशिंग्टन सुंदर को भी टीम में जगह दी. उनकी जगह किसी दूसरे खिलाड़ी को बाहर करने की राय दी है.
गावस्कर ने अर्शदीप को बाहर करने का दिया सुझाव
सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने JioStar पर शो के दौरान कहा कि जिम्बाब्वे की बैटिंग लाइन-अप में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की कमी है. ऐसे में अक्षर पटेल (Axar Patel) टीम में तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की जगह ले सकते हैं. पूर्व कप्तान गावस्कर ने आगे कहा कि अर्शदीप सिंह ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की थी. ऐसे आप किसी ऐसे गेंदबाज को बदलना नहीं चाहेंगे, जो इतनी अच्छी लय में दिख रहा हो. सुनील गावस्कर ने कहा कि हो सकता है कि टीम की प्लेइंग-11 में कोई बदलाव न किया जाए और पिछले मैच की टीम के साथ ही मुकाबला खेला जाए.
सुंदर को अक्षर की जगह क्यों दी गई?
दरअसल, भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा. इस करारी हार के बाद भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल में क्वालीफाई करने की राह काफी मुश्किल हो गई है. ऐसे में वाशिंग्टन सुंदर को साउथ अफ्रीका के खिलाफ अक्षर पटेल की जगह खिलाए जाने को लेकर खूब बहस छिड़ी हुई है. मैच खत्म होने के बाद भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट ने इस फैसले की वजह बताई थी. असिस्टेंट कोच ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से रणनीतिक कारणों से लिया गया था. साउथ अफ्रीका की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक, रयान रिकेल्टन और डेविड मिलर जैसे खिलाड़ी थी, जो टीम इंडिया के लिए बड़ा खतरा थे. ऐसे में टीम ने ऑफ स्पिनर सुंदर को टीम में शामिल किया गया. हालांकि वाशिंग्टन सुंदर साउथ अफ्रीका के खिलाफ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए.