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नई दिल्ली. भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान आयुष महात्रे को मुंबई की अंडर-23 टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला. इसकी वजह उनका खराब प्रदर्शन नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट का एक नियम है. मुंबई की टीम को कोल सीके नायडू ट्रॉफी में उनकी जरूरत थी, लेकिन वे इस मैच में हिस्सा नहीं ले सके. आइए जानते हैं वह कौन सा नियम है जिसकी वजह से आयुष नहीं खेल पाए.
बीसीसीआई के नियम के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को अंडर-23 टूर्नामेंट में खेलने के लिए उसी सीजन में कम से कम दो मैच खेलने जरूरी होते हैं. आयुष म्हात्रे यह शर्त पूरी नहीं कर पाए. क्योंकि वे सीजन के शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं थे क्योंकि वे भारत की अंडर-19 टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रहे थे. इसके अलावा उन्हें सीनियर स्तर की क्रिकेट में भी मौका मिला. इसी कारण वे अंडर-23 टीम के लिए जरूरी मैच नहीं खेल सके.
प्रदर्शन से नहीं जुड़ा मामला
यह फैसला उनके खेल या फॉर्म से जुड़ा नहीं है. आयुष ने हाल ही में भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताया है और उनकी कप्तानी की काफी तारीफ हुई है. बीसीसीआई का यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि खिलाड़ी पूरे सीजन में नियमित रूप से खेलें. हालांकि इस वजह से आयुष को एक मैच से बाहर रहना पड़ा, लेकिन उनके करियर पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.
आईपीएल 2026 में खेलते दिखेंगे?
आयुष म्हात्रे भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे हैं और आगे भी उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. अंडर 19 विश्व कप में महात्रे ने कुल 7 मैच खेलते हुए कुल 214 रन ठोके. उनका औसत 30.57 का रहा. स्ट्राइक रेट 113.23 का. उन्होंने कुल 20 चौके और 14 छक्के मारे. आईपीएल 2026 के लिए चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें रिटेन किया है देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका मिलता है या फिर नहीं.