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अंडर-19 की बादशाहत से टीम इंडिया की विरासत तक; देखें पिछले 5 टाइटल जीतने वाले U19 वर्ल्ड कप विनिंग सितारें आज कहां हैं?

भारत ने 6वीं बार जीता U19 वर्ल्ड कप! पर क्या आप जानते हैं विराट-गिल की तरह चमकने वाले बाकी सितारे आज कहाँ हैं? जानें इन 6 विजेता टीमों के हीरो की पूरी कहानी.

Written By: Shivani Singh
Last Updated: February 6, 2026 23:19:44 IST

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U19 World Cup Winners List: भारतीय क्रिकेट ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है. इस बार वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी और कप्तान आयुष म्हात्रे की सूझबूझ ने पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया है और वे भविष्य के सुपरस्टार माने जा रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं, पिछली विजेता टीमों के नायक आज कहाँ हैं? आइए, भारत की इन 6 वर्ल्ड चैंपियन टीमों के सफर पर एक नज़र डालते हैं और जानते हैं कि कौन से खिलाड़ी सीनियर टीम में ‘सुपरस्टार’ बने और कौन क्रिकेट की गलियों में कहीं ओझल हो गए.

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2000 (कप्तान-मोहम्मद कैफ)

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2000 की प्लेइंग-11: मनीष शर्मा, नीरज पटेल, मोहम्मद कैफ (कप्तान), युवराज सिंह, रीतिंदर सिंह सोढ़ी, वेणुगोपाल राव, अजय रात्रा (विकेटकीपर), विद्युत शिवरामकृष्णन, शलभ श्रीवास्तव, मृत्युंजय त्रिपाठी, अनूप दवे.

कौन से खिलाड़ी सीनियर टीम में पहुंचे: युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ, रीतिंदर सिंह सोढ़ी, अजय रात्रा, और वेणुगोपाल राव.

2000 के वर्ल्ड चैम्पियन अब कहां हैं और क्या कर रहे हैं

2000 की टीम के ये दिग्गज आज भी क्रिकेट की दुनिया में अलग-अलग भूमिकाओं में बहुत सक्रिय हैं। युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ आज कमेंट्री, मेंटरशिप और लीजेंड्स लीग में सबसे चर्चित चेहरे हैं, जबकि कैफ आईपीएल कोचिंग में भी हाथ आजमा चुके हैं. अजय रात्रा को हाल ही में भारतीय सीनियर टीम का नेशनल सेलेक्टर नियुक्त किया गया है, और वेणुगोपाल राव आईपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बन गए हैं. रीतिंदर सिंह सोढ़ी अब एक टीवी क्रिकेट एक्सपर्ट और मैच रेफरी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2008 (कप्तान-विराट कोहली)

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2008 की प्लेइंग-11: तन्मय श्रीवास्तव, श्रीवत्स गोस्वामी(विकेटकीपर), विराट कोहली(कप्तान), सौरभ तिवारी, मनीष पांडे, तरुवर कोहली, रवींद्र जडेजा(उप-कप्तान), इकबाल अब्दुल्ला, प्रदीप सांगवान, सिद्धार्थ कौल, अजीतेश अर्गल

कौन से खिलाड़ी सीनियर टीम में पहुंचे?: विराट कोहली, रवींद्र जडेजा, मनीष पांडे, सौरभ तिवारी, सिद्धार्थ कौल, प्रदीप सांगवान, और श्रीवत्स गोस्वामी

विराट कोहली और रवींद्र जडेजा, ये दोनों ही ऑल-फॉर्मेट सुपरस्टार बने और क्रिकेट इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शामिल हुए, मनीष पांडे आईपीएल में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने और भारत के लिए कई वनडे और टी20 मैच खेले। सौरभ तिवारी, सिद्धार्थ कौल और श्रीवत्स गोस्वामी, इन खिलाड़ियों ने भारत के लिए कुछ सीमित मैच खेले, लेकिन मुख्य रूप से घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अधिक सक्रिय रहे.

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2012 की प्लेइंग-11(कप्तान-उन्मुक्त चंद)

उन्मुक्त चंद (कप्तान), प्रशांत चोपड़ा, बाबा अपराजित, हनुमा विहारी, विजय ज़ोल, स्मित पटेल (विकेटकीपर), अक्षदीप नाथ, हरमीत सिंह, संदीप शर्मा, कमल पासी, रविकांत सिंह।

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2012 के स्टार खिलाड़ी: इस टूर्नामेंट के स्टार खिलाडी कप्तान उन्मुक्त चंद थे, वो फाइनल मैच के असली हीरो थे, उन्होंने शानदार 111 रनों की नाबाद कप्तानी पारी खेली थी.

कौन से खिलाड़ी सीनियर टीम में पहुंचे:   संदीप शर्मा और हनुमा विहारी

वो अब कहां हैं

2012 की अंडर-19 टीम से केवल हनुमा विहारी और संदीप शर्मा ही भारतीय सीनियर टीम तक पहुँच सके, जिनमें विहारी ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी विशेष पहचान बनाई। इनके अलावा, इसी बैच के करुण नायर (जो मुख्य स्क्वाड से बाहर थे) ने आगे चलकर भारत के लिए टेस्ट में तिहरा शतक जड़ा. जबकि कप्तान और स्टार बल्लेबाज उन्मुक्त चंद घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद सीनियर टीम में जगह नहीं बना पाए और बाद में अमेरिका जाकर वहां की राष्ट्रीय टीम में शामिल हो गए.

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2018 का प्लेइंग-11 (कप्तान-पृथ्वी शॉ)

पृथ्वी शॉ (कप्तान), मनजोत कालरा, शुभमन गिल, हार्विक देसाई (विकेटकीपर), रियान पराग, अभिषेक शर्मा, अनुकूल रॉय, शिवा सिंह, कमलेश नागरकोटी, शिवम मावी, ईशान पोरेल

मनजोत कालरा ने फाइनल में 101 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली और ‘मैन ऑफ द मैच’ रहे.

शुभमन गिल टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट) चुने गए और आज भारतीय सीनियर टीम के तीनों फॉर्मेट के सुपरस्टार हैं.

तेज गेंदबाजी: शिवम मावी और कमलेश नागरकोटी ने अपनी 145+ किमी/घंटा की रफ्तार से पूरी दुनिया को चौंका दिया था.

कौन सा खिलाड़ी सीनियर टीम में पहुंचा: शुभमन गिल, पृथ्वी शॉ, अभिषेक शर्मा, रियान पराग, शिवम मावी और अर्शदीप सिंह.

वो अब कहां हैं?

शुभमन गिल इस बैच के सबसे सफल खिलाड़ी हैं, जो वर्तमान में भारतीय टीम के तीनों फॉर्मेट के मुख्य बल्लेबाज और वनडे के कप्तान हैं.
अर्शदीप सिंह हालांकि वे फाइनल की प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं थे, लेकिन आज वे भारत के सबसे भरोसेमंद टी20 गेंदबाज हैं और 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीत के हीरो रहे.
पृथ्वी शॉ और अभिषेक शर्मा: पृथ्वी शॉ ने टेस्ट डेब्यू पर ही शतक जड़ा था, लेकिन अब टीम इंडिया में उन्हें काफी समय से मौका नहीं मिल रहा है. वहीं अभिषेक शर्मा टी 20 के सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनकर उभरे हैं.

रियान पराग और शिवम मावी: रियान पराग ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर हाल ही में टीम इंडिया में जगह बनाई है, जबकि शिवम मावी ने अपनी तेज गेंदबाजी से टी20 डेब्यू पर सुर्खियां बटोरी थीं.

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2018 का प्लेइंग-11 (कप्तान-यश धुल)

अंगकृष रघुवंशी, हरनूर सिंह, शेख रशीद, यश धुल (कप्तान), राज अंगद बावा, निशांत सिंधु, कौशल तांबे, दिनेश बाना (विकेटकीपर), राजवर्धन हंगरगेकर, विक्की ओस्तवाल, रवि कुमार.

इस साल के स्टार खिलाड़ी: 

  • राज अंगद बावा फाइनल के असली हीरो रहे जिन्होंने 5 विकेट लिए और बल्ले से भी 35 रन बनाए, उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया.
  • कप्तान यश धुल ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार शतक जड़ा था और टीम का बेहतरीन नेतृत्व किया.
  • निशांत सिंधु ने फाइनल में नाबाद 50 रन बनाकर भारत की जीत सुनिश्चित की थी.

ये स्टार खिलाड़ी कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं

अंगकृष KKR के लिए IPL में शानदार पारियां खेल रहे हैं, जबकि पूर्व कप्तान यश धुल दिल्ली की रणजी टीम के मुख्य बल्लेबाज हैं
ऑलराउंडर राज बावा चोटों से उबरकर मुंबई इंडियंस के साथ अपनी जगह पक्की करने में जुटे हैं.
निशांत सिंधु इंडिया-A टीम के लिए खेल चुके हैं और हरियाणा के बड़े ऑलराउंडर बन चुके हैं, जबकि शेख रशीद चेन्नई सुपर किंग्स के साथ रहकर अपनी बल्लेबाजी को निखार रहे हैं.

कौन सा खिलाड़ी सीनियर टीम में पहुंचा?

2022 के अंडर-19 बैच से अभी तक कोई भी खिलाड़ी भारतीय सीनियर टीम (International Team) के लिए डेब्यू नहीं कर पाया है। यह टीम अभी भी बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां इसके प्रमुख खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं.

क्यों हर अंडर-19 स्टार सीनियर टीम में छाप नहीं छोड़ पाता

जूनियर लेवल की सफलता को इंटरनेशनल करियर में न बदल पाने का मुख्य कारण कड़ी प्रतिस्पर्धा है, क्योंकि इंटरनेशनल लेवल पर गेंदबाज और बल्लेबाज आपकी कमियों को तुरंत पकड़ लेते हैं. इसके अलावा, कई खिलाड़ी चोटों और रातों-रात मिली प्रसिद्धि के कारण अपना फोकस खो देते हैं. साथ ही, घरेलू क्रिकेट (जैसे रणजी ट्रॉफी) के कठिन दौर से गुजरते समय जो खिलाड़ी अपने खेल में बदलाव नहीं कर पाते, वे पीछे छूट जाते हैं.

 2026 के कौन से U19 स्टार भारत के अगले बड़े नाम बन सकते हैं

हाल के सितारों में वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और आयुष म्हात्रे भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े नाम माने जा रहे हैं. ये खिलाड़ी बहुत कम उम्र में ही घरेलू क्रिकेट (जैसे रणजी ट्रॉफी) और IPL में अपनी छाप छोड़ चुके हैं, जो उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है. इनकी आक्रामक शैली और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता इन्हें भविष्य का सुपरस्टार बनाती है.

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Last Updated: February 6, 2026 23:19:44 IST

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